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ईरान ने भारत को दिया होर्मुज का 'पास', मुनीर के पाकिस्तान को नहीं मिली घास, अवाम ने पूछा- 'पाईजान ये क्या हुई?'

पाकिस्तान को ईरान ने बड़ा झटका दिया है. होर्मुज से जिन देशों के जहाजों को गुजरने की इजाजत दी गई है, उसमें पाकिस्तान का नाम नहीं है. ऐसे में अब पाक की अवाम ही पूछ रही है कि आसिम मुनीर ये क्या हुआ?

Written By Rachit Kumar
Published: Nov 06, 2026, 10:51 AM IST | Updated: Nov 06, 2026, 11:12 AM IST
Image Credit: पाकिस्तान को ईरान ने करारा झटका दिया है.
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होर्मुज स्ट्रेट समंदर का वो रास्ता है,जो दुनिया के तेल और गैस सप्लाई के लिए बेहद अहम है और इसी होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का कंट्रोल है.ऐसे में हाल ही में ईरान ने उन देशों की लिस्ट जारी की, जो बेरोक-टोक होर्मुज स्ट्रेट से गुजर सकते हैं.उस लिस्ट में भारत के साथ चीन-कतर और इराक का नाम है.लेकिन उस लिस्ट में पाकिस्तान का नामोनिशान तक नहीं है.ऐसे में पाकिस्तानी अब किसी तोते की तरह एक ही सवाल का रट्टा लगा रहे हैं वो ये कि 'मुनीर पाईजान ये क्या हुई'?

पाकिस्तान मना रहा बेबसी का मातम

दिल चीरने पर भले ही खून का एक कतरा ना निकला हो, लेकिन इस वक्त हर पाकिस्तानी खून के आंसू जरूर बहा रहा है.अपनी लाचारी-बेबसी पर मातम जरूर मना रहा है.जानते हैं क्यों, दरअसल जिस ईरान के लिए पाकिस्तान तथाकथित पीसमेकर बना, शांति समझौते के नाम पर बेइंतहा दलाली की, उसी ईरान ने पाकिस्तान के गाल पर ऐसा तमाचा जड़ा,जिसकी गूंज लाहौर से कराची और इस्लामाबाद से रावलपिंडी तक सुनाई दी.

पाकिस्तान के एक्सपर्ट कमर चीमा ने कहा, 'मेरे लिए तो ये हैरानी की बात है और भारतीय इस पर खुशी मना रहे हैं.इंडियन्स कह रहे हैं भाईजान, हम इतने अच्छे हैं, हमारे ताल्लुकात इतने अच्छे हैं ईरान के साथ.यही तो वो कह रहे हैं ना कि ये मोदी की डिप्लोमेसी है. ये मोदी की डिप्लोमेसी है एनर्जी सिक्योरिटी की और अब इंडिया को गारंटी मिल गई है.ये एक स्ट्रेटेजिक ब्रेक-थ्रू है ईरान की तरफ से स्पेशल छूट देना कि होर्मुज स्ट्रेट से इंडियन शिप गुजर सकती है.ये इंडिया के लिए स्ट्रेटेजिक लाइफलाइन है.'

भारत को मिली छूट, देखता रह गया पाकिस्तान

अब हर पाकिस्तानी आसिम मुनीर से सिर्फ यही सवाल पूछ रहा है वो ये कि भाईजान ये क्या हुआ? कैसे हुआ? क्यों हुआ? दरअसल, ईरान ने भारत समेत चार देशों के कमर्शियल जहाजों को ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से गुजरने पर लगी पाबंदियों में छूट दी.ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के उपाध्यक्ष अमीर हयात मोगादम ने ऐलान किया कि भारतीय जहाज होर्मुज से बिना रोक-टोक के गुजरेंगे. भारत के साथ चीन, इराक और कतर को भी छूट दी. जहां भारत-चीन इसके लिए ट्रांजिट फीस चुकाएंगे. जबकि कतर के शिप बिना किसी शुल्क के गुजरेंगे.

बस जैसे ही ईरान की तरफ से ये ऐलान किया गया, मुनीर और शहबाज के पैरों तले जमीन खिसक गई,क्योंकि ईरान की तरफ से जिन देशों को होर्मुज से गुजरने की छूट दी गई.उन लिस्ट में पाकिस्तान का नामोनिशान नहीं था, जबकि कल तक यही पाकिस्तान ईरान का मुस्लिम ब्रदरहुड बना हुआ था.ईरान-अमेरिका के बीच शांति समझौता कराने के लिए सफेद झंडा लेकर घूम रहा था.

एक्सपर्ट्स बोले- सारा कारोबार ही झूठ है

पाकिस्तान की एक्सपर्ट फातिमा शेख ने कहा,'ये जो पाकिस्तान ने रोल प्ले किया है डिप्लोमेसी का,पीस टॉक्स हुई उसको कैसे देखते हैं आप. आने वाले दिनों में देखेंगे पकेगा तो फूटेगा.cबात सुनो, मेरे अपने घर में आग लगी हो..मैं चौथी मंजिल पर जाकर चिल्लाऊं.सारा कारोबार ही झूठ पर है, वो ठीक है पड़ोसी के तौर पर आपने कुछ किया.लेकिन इश्यू है कि लोग भूखे मर रहे हैं, सुसाइड कर रहे हैं.असल बात तो प्राथमिकता की है ना.'

खुद पाकिस्तानी ये आशंका जता चुके थे कि पीस टॉक्स तो सिर्फ दिखावा थी.असल में मुनीर-शहबाज तो दलाली में जुटे थे, वो भी अमेरिका की, ताकि चंद डॉलर भीख में मिल जाए.लेकिन मुनीर के डबल गेम को खलीफा ने वक्त रहते भांप लिया.

ईरान ने पाक को दिखाई औकात

बीते महीने आसिम मुनीर दो बार तेहरान पहुंचा.कई ईरानी लीडर्स और सेना के अधिकारियों से मुलाकात की.लेकिन इस मीटिंग चंद रोज बाद यानी 30 अक्टूबर को होर्मुज स्ट्रेट के पास पाकिस्तान के LNG टैंकर पर हमला हुआ.हालांकि, ये हमला किसने किया ये अब तक साफ नहीं हो पाया है, लेकिन इस अटैक के बाद से ही पाकिस्तान सहम गया.

अब जो भी हो, आखिरकार खलीफा ने मुनीर को उसकी औकात दिखा दी है.वो ये कि सिर्फ मुस्लिम देश होने से वो ईरान का हितैशी नहीं बन सकता.असल में वो गुलाम है अमेरिका का, जो चंद डॉलर की खातिर ट्रंप के तलवे चाटता है.

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About the Author

रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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