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बातचीत पड़ी भारी! किसके कहने पर अराघची अमेरिका से कॉन्टैक्ट कर रहे? भड़के ईरानी सांसदों ने की महाभियोग की तैयारी

यूएन के मंच से अमेरिकी हुक्मरानों को जमकर खरी खोटी सुनाने के बाद उन्हीं से कॉन्टैक्ट करने पर तेहरान के सांसदों के दिमाग का पारा गरमाने के साथ उनकी त्योरियां चढ़ गई हैं.

Written By Shwetank Ratnamber
Published: Sep 24, 2026, 02:10 PM IST | Updated: Sep 24, 2026, 03:47 PM IST
Image Credit: (एबीसी न्यूज़)
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अमेरिकी धरती से वहीं के हुक्मरानों को मानवता का दुश्मन और उनकी फौज को मासूम बच्चियों का कातिल बताकर संयुक्त राष्ट्र के मंच से ललकार कर दुश्मनों को चुनौती देने से गदगद इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की मौजूदा लीडरशिप ने अपने डेलिगेशन की तारीफों के पुल बांधने शुरू ही किए थे कि अचानक सात समंदर पार से आई एक खबर ने उसी दल में शामिल विदेश मंत्री अब्बास अराघची को विलेन बना दिया.

दरअसल कई मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला कि अराघची ने यूएन के कार्यक्रम के बहाने कतर के नेताओं और दूतों के जरिए अमेरिकी प्रशासन से अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क किया है. इससे खार खाए ईरान के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने अराघची के खिलाफ महाभियोग चलाकर सजा देने की मांग की है. 

किसके कहने पर कॉन्टैक्ट कर रहे: ईरानी सांसद

ईरान के सांसदों ने अमेरिका के अधिकारियों से बातचीत को लेकर विदेश मंत्री अब्बास अराघची के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव रखा है. ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के एक सदस्य ने गुरुवार को इस फैसले की जानकारी दी है.

सांसद अली खेजरियन ने कहा कि अराघची को सिर्फ यूएन में ईरान का पक्ष रखने को कहा गया था. उन्हें पर्दे के पीछे या सामने किसी भी तरह से डोनाल्ड ट्रंप या फिर उनके किसी सियासतदान और अफसर के साथ बातचीत करने की इजाजत नहीं दी गई थी. न्यूयॉर्क में पहुंचकर कतर के डिप्लोमैटिक चैनल का इस्तेमाल करके अमेरिका से बातचीत करने अराघची ने ईरान के साथ अपराधिक कृत्य किया है.

खेजरियन ने ये भी कहा कि अमेरिकी अफसरों से किसी भी तरह का कॉन्टैक्ट इस्लामिक रिपब्लिक की तय नीतियों के दायरे से बाहर हुआ है. इसकी हम निंदा करते हैं, क्योंकि इससे हमारे महान मुल्क के भविष्य को झटका लग सकता है. अराघची ने गलत किया. इस तथ्य से सहमत कई सांसदों ने अराघची के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव दर्ज कराया है और अब हम संसद में इस मामले को आगे बढ़ा रहे हैं.'

अराघची को जवाब देना पड़ेगा: ईरानी सांसद

इसी तरह कई कुछ अन्य नेताओं ने कहा कि विदेश मंत्री के अपनी यात्रा से लौटने के बाद उन्हें संसद के सामने पेश होना होगा और यह बताना होगा कि अमेरिकी पक्ष के साथ हुई बातचीत किस आधार पर की गई. 

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About the Author

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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