रूस के ड्रोन ने यूक्रेन में तबाह किया भारत का कारोबार, 400 करोड़ का फार्मा प्लांट खाक; 30 साल की मेहनत मलबे में
रूस और यूक्रेन की जंग में तबाह हुई यह दवा फैक्ट्री यूक्रेन के सुमी शहर में मौजूद थी, इसे भारतीय कंपनी 'कुसुम ग्रुप' संचालित कर रही थी.
रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग की आग ने दवा कंपनी 'कुसुम ग्रुप' के प्लांट को तबाह कर दिया है. यह प्लांट पूर्वोत्तर यूक्रेन में स्थित था. बताया जा रहा है कि यहां रूसी ड्रोन ने हमला किया है. इस एयरस्ट्राइक में प्लांट का मुख्य हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया है, जबकि एक शख्स की जान भी गई है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं. NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में कंपनी को करीब 400 करोड़ रुपये के भारी नुकसान का अनुमान है. हमले के बाद का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें धुएं का भारी गुबार उठता दिखाई दे रहा है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'आज सुबह रूसियों ने एक बार फिर कीव के पिवनिचनी पुल पर ड्रोन से हमला किया. इसके अलावा, उन्होंने सुमी में एक साधारण फार्मास्युटिकल गोदाम को ड्रोनों से निशाना बनाया. इस दुखद हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई, मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं. उन्होंने निप्रो में एक संचार सुविधा पर भी हमला किया. इन हमलों के परिणामस्वरूप कुल छह लोग घायल हुए हैं.'
1994 में शुरू हुआ था कुसुम ग्रुप का सफर
जिस कुसुम ग्रुप के प्लांट को तबाह किया गया है वो अपने आपको भारतीय जड़ों वाली यूक्रेनी कंपनी बताता है, इसकी नींव 1994 में रखी गई थी. उस वक्त यह भारत से यूक्रेन में दवाइयां भेजने का काम करती थी. फिर साल 2002 में कंपनी ने दूसरों का माल बेचना बंद किया और खुद के ब्रांड्स बेचे. इसके बाद 2007 में भारत में और 2009 में यूक्रेन के सुमी शहर में अपनी बड़ी दवा फैक्ट्रियां लगाईं. फिर भारत में दो और यूनिट्स खोली गईं.
आज इस कंपनी को भारतीय नागरिक राजीव गुप्ता संभाल रहे हैं. यह ग्रुप 50 से ज्यादा तरह की दवाइयां बनाता है, जिन्हें वह यूक्रेन, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और फिलीपींस समेत 9 से अधिक देशों में बेचता है.
रूस बरसा रहा 'शाहेद' ड्रोन
दरअसल, रूस लगभग हर दिन यूक्रेन पर हमले करने में जुटा है. वह तेज रफ्तार और सस्ते जेट इंजन वाले 'शाहेद' ड्रोनों से हमले कर रहा है. यूक्रेनी एयर डिफेंस के लिए इन्हें हवा में मार गिराना बड़ा सिरदर्द बना हुआ है, क्योंकि यूक्रेन के लड़ाकू ड्रोन इनकी तेज स्पीड के आगे धीमे पड़ जाते हैं. दूसरी तरफ यूक्रेन ने इसी हफ्ते अपनी खुद की बनाई बैलिस्टिक मिसाइल 'FP-7' को पहली बार जंग में उतारने का एलान किया है, जो करीब 250 किलोमीटर दूर तक मार कर सकती है.
4 देशों ने जंग रुकवाने के लिए भेजा प्रस्ताव
यूक्रेन और रूस के बीच जंग की शुरुआत फरवरी 2014 में हुई थी, जब रूस ने यूक्रेन के क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था. फिर 24 फरवरी 2022 को रूस ने पूरी ताकत से यूक्रेन पर हमला बोला तब से लेकर अब तक यह जंग लगातार जारी है.
यूक्रेन और रूस के बीच चल रही जंग को रोकने के लिए भारत ने युद्धविराम का एक फॉर्मूला दिया है. यूक्रेनी विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने भारत की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव को सबसे सही और ठोस बताया है. यूक्रेनी विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने बताया कि जंग रोकने के लिए उन्हें चार देशों भारत, तुर्किए, मिस्र और अमेरिका से प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें भारत का प्लान सबसे मजबूत है और यूक्रेन इस पर बात करने के लिए रेडी भी है. हालांकि, यूक्रेन ने शर्त रखी है कि युद्धविराम तभी टिकेगा जब बिजली-ऊर्जा ठिकानों और बंदरगाहों पर हमले पूरी तरह बंद हों और ब्लैक सी में शांति बने.
ये भी पढ़ें: चैनल पार, अवैध प्रवासियों को हिजाब का उपहार, ब्रिटेन में प्रवासी नीति पर अब क्यों भड़का विवाद?