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मिडटर्म नतीजों के बाद ट्रंप को पहला झटका, भारतवंशी हरमीत ढिल्लों ने छोड़ा पद; कई अधिकारी दे सकते हैं इस्तीफा

अमेरिकी न्याय विभाग के सिविल राइट्स डिवीजन की मुखिया हरमीत ढिल्लों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उनका इस्तीफा ऐसे समय पर हुआ है, जब मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है.

Written By abhinav tripathi
Published: Nov 06, 2026, 08:59 AM IST | Updated: Nov 06, 2026, 09:03 AM IST
Image Credit: हरमीत ढिल्लों ने अपने पद से दिया इस्तीफा. (फाइल फोटो)
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अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनाव में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. इन नतीजों के बाद ट्रंप प्रशासन में इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है. अमेरिकी न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग (सिविल राइट्स डिवीजन) की चीफ हरमीत ढिल्लों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हरमीत ढिल्लों भारतीय मूल की वरिष्ठ वकील हैं. अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद ट्रंप प्रशासन में अपना पद छोड़ने वाली वह पहली अधिकारी हैं.

हालांकि, ढिल्लों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस्तीफे का मन काफी पहले बना लिया था और चुनावी नतीजों से इसका कुछ भी लेना देना नहीं है. ढिल्लों ने कहा कि व्हाइट हाउस के अनुरोध के कारण उन्होंने अपना इस्तीफा कुछ समय के लिए रोक रखा था.अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने ढिल्लों की तारीफ की और उनका त्यागपत्र स्वीकार कर लिया. डेमोक्रेट्स और न्याय विभाग के पूर्व कर्मचारियों ने ढिल्लों के इस्तीफे की फैसले की आलोचना की है.

फॉक्स न्यूज से बातचीत के दौरान हरमीत ढिल्लों ने उन अटकलों को खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया जा रहा था कि उन्हें पद छोड़ने के लिए कहा गया. साक्षात्कार के दौरान ढिल्लों ने कहा कि मुझसे इस्तीफा नहीं मांगा गया था. मैंने तीन हफ्ते पहले ही इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी विल्स का जिक्र कर कहा कि उन्होंने चुनावी परिणामों तक रुकने को कहा था. ढिल्लों के इस्तीफे के बाद माना जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन से कई और विकेट गिर सकते हैं. 

ट्रंप को धन्यवाद दिया

अपने इस्तीफे को लेकर हरमीत ढिल्लों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी किया. इस पोस्ट में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विशेष आभार जताया. इसके साथ ही उन्होंने नागरिक अधिकार प्रभाग में अपने रिकॉर्ड का बचाव किया.

एक्स पर ढिल्लों ने लिखा कि नागरिक अधिकारों के लिए सहायक अटॉर्नी जनरल (AAG) के रूप में देश की सेवा करना मेरे लिए जीवन भर का सम्मान रहा है. हमने अवैध DEI (विविधता, समानता और समावेश) को खत्म किया. हमने महिलाओं और लड़कियों के खेलों की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी और भी बहुत कुछ किया.

अटॉर्नी जनरल ने की तारीफ

ढिल्लों के इस्तीफे की जानकारी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने एक पोस्ट के माध्यम से दी. इस पोस्ट में उन्होंने ढिल्लों के काम की तारीफ की. एक एक्स पोस्ट में ब्लैंच ने लिखा कि उन्होंने हर अमेरिकी की नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा की है. उन्होंने बिना किसी डर या पक्षपात के कानून लागू किया. विभाग उनकी समर्पित जनसेवा के लिए आभारी है.

चंडीगढ़ में हुआ था ढिल्लों का जन्म

हरमीत ढिल्लों का जन्म चंडीगढ़ में हुआ था और इसके बाद वह कुछ समय के लिए लंदन में रहीं. इसके बाद उनका परिवार न्यूयॉर्क के ब्रोंक्स में आ गया और बाद में नॉर्थ कैरोलिना में बस गया. हरमीत ढिल्लों ने डार्टमाउथ कॉलेज और यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया स्कूल ऑफ लॉ से अपनी पढ़ाई पूरी की.

गौरतलब है कि उन्होंने ढिल्लों लॉ ग्रुप और सेंटर फॉर अमेरिकन लिबर्टी की स्थापना की है. बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप ने दिसंबर 2024 में उन्हें इस पद के लिए नामित किया था. (इनपुट- आईएएनएस)

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About the Author

अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं।  पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखना पसंद है। वैश्विक घटनाक्रम के किसी भी जटिल मुद्दे को आसान भाषा में समझाना अच्छी तरीके से आता है। इससे पहले जागरण डॉट कॉम के साथ सब एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।  करियर की शुरुआत एक सैटेलाइट चैनल से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई काशी विद्यापीठ वाराणसी से की है। 
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