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अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा. इस बीच यूएस के दूसरे सबसे बड़े शहर लॉस एंजिलिस में एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला. यहां भारतीय मूल की नित्या रमन ने मेयर पद का चुनाव जीत लिया. वह डेमोक्रेट्स की नेता और और जमीनी स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाए हुए हैं.
नित्या रमन ने लॉस एंजिलिस के मौजूदा मेयर करेन बास को हरा दिया. बता दें कि नित्या रमन लॉस एंजिलिस सिटी काउंसिल की सदस्य हैं. रमन की यह जीत शहर की राजनीति के लिए एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है. इससे खास बात है कि 73 वर्षीय करेन बास पिछले दो दशक में लॉस एंजिलिस की पहली ऐसी मेयर बनीं हैं, जो दोबारा जीतकर नहीं आ सकीं.
करेन बॉस के पहले कार्यकाल के दौरान शहर में 'पैलिसेड्स' नाम की एक भीषण आग लगी थी. बताया जाता है कि उस वक्त वह देश से बाहर थीं. आग बुझाने वाले विभाग भी इस आपदा के लिए तैयार नहीं था. इस घटना ने लोगों के मन में गुस्सा भर दिया. जनता ने माना था कि इस घटना के लिए मेयर ही जिम्मेदार हैं.
बता दें कि मध्यावधि चुनाव के कुछ समय पहले तक नित्या रमन ने करेन बास का समर्थन किया था. हालांकि, नामांकन के आखिरी दिन उन्होंने ही चुनाव लड़ने का ऐलान किया और फिर उम्मीदवार बन गईं. उन्होंने दावा किया कि शहर की खाराब हालत देखना अब बर्दाश्त के बाहर है.
लॉस एंजिलिस में डेमोक्रेट्स की नेता नित्या रमन की जीत कई मानयों में खास है. चुनावी नतीजे अमेरिका की राजनीति में आ रहे कुछ अहम बदलावों को दिखा रहे हैं. पिछले साल न्यूयॉर्क में भी डेमोक्रेट्स सोशलिस्ट जोहरान ममदानी ने जीत हासिल की थी. इसके कुछ समय बाद लॉस एंजिलिस के मतदाताओं ने भी वामपंथी विचारधारा वाली उम्मीदवार पर भरोसा जताया. नित्या को डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका का समर्थन प्राप्त है.
नित्या रमन एक भारतवंशी महिला हैं और वह अमेरिका की राजनीति में काफी समय से सक्रिय हैं. भले ही उनकी पहचान हमेशा चर्चा में नहीं रही, लेकिन वह काफी समय से लॉस एंजिलिस में सुधारों पर काम करती आई हैं. नित्या रमन का जन्म 1981 में भारत के केरलम में हुआ था और वह छह साल की उम्र में अमेरिका जाकर बस गई थीं.
अमेरिका की प्रतिष्ठित हार्वर्ड विश्वविद्यालय से उन्होंने स्नातक किया और MIT से मास्टर डिग्री हासिल की. जानकारी के अनुसार, पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय तक भारत में भी काम किया. हालांकि, साल 2013 में वह लॉस एंजिलिस में शिफ्ट हो गईं.
चुनाव के दौरान नित्या रमन ने शहर की जनता से कई अहम वादे किए हैं. उनका कहना है कि वह शहर के चीफ को पद से हटाना चाहती हैं. रमन का मानना है कि पुलिस चीफ इमीग्रेशन अधिकारियों के साथ वह ज्यादा ही नरमी से पेश आते हैं. नित्या का दावा है कि वह शहर की बुनियादी सुविधाओं को सुधारना चाहती हैं. शहर की सड़कें गंदी हैं और उनमें गड्ढे हैं. बंद स्ट्रीट लाइट्स के चालू किया जाना चाहिए.
गौरतलब है कि लॉस एंजिलिस में बेघरों का एक अहम मुद्दा रहा है. लॉस एंजिलिस की मेयर करेन बास की नीतियों को नित्या ने बेअसर करार दिया और कहा कि साल 2028 में शहर में ओलंपिक होने वाले हैं. ऐसे में शहर के सड़कों के किनारे लगे तंबुओं की संख्या को खत्म कर देंगी. इसके साथ ही वह बेघर लोगों के लिए मेडिकल टीम भी तैनात करेंगी. रमन ने रहा कि उनका उद्देश्य है कि सभी को अच्छा घर, खाना और पानी मिले.
नित्या रमन की जीत पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया सामने आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने मध्यावधि चुनाव में धांधली का आरोप जड़ा है. ट्रंप अमेरिका में वामपंथी नेताओं की जीत पर भी भड़के हैं. चूंकि, अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनाव के बाद अमेरिकी संसद पर ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण खत्म हो गया गया है. अमेरिकी संसद के दोनों सदनों पर डेमोक्रेट्स की नियंत्रण हो गया है.