खाड़ी जंग की आहट भारी, भारत ने खोजी नए समुद्री रास्ते की चाबी; कैसे सोहर पोर्ट बना 'गेमचेंजर'
मिडिल ईस्ट और होर्मुज में जारी तनाव के बीच भारत के लिए व्यापारिक रास्ते जोखिम भरे हो गए थे. ऐसे में ओमान का सोहार पोर्ट भारत के लिए एक नया और सुरक्षित समुद्री गेटवे बनकर उभरा है.
खाड़ी मुल्कों के बीच रार होने से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली शिंपिंग में रुकावट आई है. इसके बाद ओमान का सोहर पोर्ट खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों को सामान भेजने वाले भारतीय निर्यातकों के लिए एक अहम गेटवे बनकर उभरा है. सोहर पोर्ट के एक सीनियर अफसर के मुताबिक, भारत और सोहर के बीच फीडर पोत सेवाओं में लगभग 400% का इजाफा हुआ है, जो क्षेत्रीय कारोबार के रास्तों में बदलाव को दिखाता है.
होर्मुज की जंग के बीच निकाला तोड़
जीसीसी में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई आते हैं. जब से संकट पैदा हुआ है, कई शिपिंग कंपनियों ने उन पोर्ट्स की तरफ रुख किया है, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूर्व में हैं, जैसे सलालाह, सोहर, जेद्दा और खोरफक्कन.
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सोहर पोर्ट के डिप्टी सीईओ रेड अल रुबाई ने कहा कि पोर्ट पर भारत से आने वाले फूड और कंज्यूमर कार्गो में तेजी से इजाफा हुआ है.
भारी मात्रा में आ रहे भारतीय फूड प्रोडक्ट्स
उन्होंने कहा, 'सोहर और अन्य जीसीसी पोर्ट्स से काफी मात्रा में खाने का सामान आ रहा है. भारतीय चावल और अन्य फूड प्रोडक्ट्स में काफी इजाफा देखा जा रहा है. जो भारतीय फूड प्रोडक्ट्स पहले बड़े जहाजों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आते थे, वे अब वाया सोहर आ रहे हैं. भारत और ओमान के बीच फीडर जहाजों की आवाजाही 4 गुना बढ़ गई है.'
रुबाई ने आगे बताया कि जो भी कार्गो भारत या अन्य देशों से सोहर आ रहे हैं, उनको सड़क के रास्ते से जीसीसी के ठिकानों तक पहुंचाया जा रहा है. इस वजह से यह पोर्ट संकट के समय में एक गेमचेंजर साबित हो रहा है.
भारत के लिए नया गेटवे
उन्होंने कहा, 'सोहर पोर्ट में लगातार कार्गो का वॉल्यूम बढ़ रहा है, लिहाजा सोहर पोर्ट अब अपनी हैंडलिंग क्षमताएं बढ़ा रहा है ताकि जीसीसी के लिए भारत इसे अपना गेटवे बना सके.' उन्होंने कहा, पोर्ट की कई भारतीय टर्मिनल ऑपरेटर्स से चल रही है, जिन्होंने सोहर में ऑपरेटिंग फैसिलिटी में दिलचस्पी दिखाई है. यह पोर्ट भारत के साथ लॉजिस्टिक पार्टनरशिप में संबंध और मजबूत करना चाहता है.
ईरान ने किया तेल टैंकर पर हमला
दूसरी ओर, ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने शुक्रवार सुबह दावा किया कि उसने बीती रात एक तेल टैंकर पर हमला कर उसे रोक लिया है. आईआरजीसी का कहना कि यह टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से कथित तौर पर 'गैरकानूनी' तरीके से गुजरने की कोशिश कर रहा था. आईआरजीसी के आधिकारिक न्यूज आउटलेट सेपाह न्यूज पर जारी बयान में नौसेना ने कहा कि टोगो के झंडे वाला 'ट्रेंड' नाम का तेल टैंकर हमले के बाद आग की चपेट में आ गया और फिर उसे रोक दिया गया.
सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने आईआरजीसी के हवाले से कहा, यह जहाज अमेरिकी सेना के 'बहकावे और उकसावे' में आकर कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से स्ट्रेट पार करने की कोशिश कर रहा था. बयान में चेतावनी दी गई कि इस रास्ते से गैरकानूनी तरीके से गुजरने की कोशिश का नतीजा सिर्फ 'तबाही' होगा. नौसेना ने कहा कि उसकी सेनाओं का होर्मुज स्ट्रेट पर अब भी मजबूती से नियंत्रण है और किसी भी 'हमलावर' को यहां से गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी.