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सऊदी अरब पर लगातार हो रहे हमलों के बीच हूती विद्रोहियों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. हूती विद्रोही चीन से मिले पुर्जों का इस्तेमाल करके एडवांस्ड मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें बनाने की कोशिश कर रहे हैं. कॉन्फ्लिक्ट आर्मामेंट रिसर्च की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए वॉल स्ट्रीट जर्नल ने यह जानकारी दी है. हूती विद्रोहियों को ईरान का समर्थन हासिल है.
रिपोर्ट के मुताबिक, यह गुट चीन के कुछ खास पुर्जों का इस्तेमाल करके ईरान की खेबर शेकन प्रिसिजन-गाइडेड मिसाइल का एक एडवांस वर्जन बनाने की कोशिश कर रहा है. रिपोर्ट में कहा गया कि इस मिसाइल की रेंज लगभग 3057 किमी हो सकती है. इसका मतलब है कि मिसाइल का इस्तेमाल इजरायल और सऊदी अरब को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है.
खेबर शेकन का नाम इस्लाम के शुरुआती दिनों में मुस्लिम योद्धाओं के जीते गए एक यहूदी किले के नाम पर रखा गया है. इसकी रेंज 1,450 किलोमीटर है, जिससे यह खाड़ी देशों और इजरायल तक पहुंचने में पूरी तरह सक्षम है. इसे तेजी से तैनात करने और लॉन्च करने की क्षमता ने ईरानियों को जंग के दौरान इजरायली और अमेरिकी वायु सेना के हवाई हमलों से बचने में मदद की है, जबकि वे लॉन्च साइटों को ढूंढकर उनको तबाह करने की कोशिश कर रहे थे.
हूती विद्रोही लगातार सऊदी अरब के विभिन्न हवाई अड्डों को निशाना बना रहे हैं. इसे देखते हुए एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और अकासा एयर ने दमाम, जेद्दा और रियाद से आने-जाने वाली उड़ानों को 17 अक्टूबर तक निलंबित कर दिया है. बीते कुछ दिनों में हूतियों ने रियाद और कई अन्य एयरपोर्ट्स को निशाना बनाया है, जिसमें कई लोगों को जान तक गंवानी पड़ी. ताजा हमलों के कारण इलाके में उड़ानों में रुकावट बढ़ गई है. ईरान और अमेरिका से जुड़े संघर्ष के कारण बढ़े तनाव के बीच एयरलाइंस लगातार अपने उड़ान कार्यक्रम में बदलाव कर रही हैं. हमलों के बाद सऊदी अधिकारियों ने फिलहाल रियाद हवाई अड्डे को बंद रखा हुआ है.
यमन में सऊदी अरब की अगुआई वाले गठबंधन ने कहा कि वह हूती विद्रोहियों के कब्जे वाली यमन की राजधानी सना में एक 'विशेष अभियान' से पहले नागरिकों को एक जगह खाली करने की चेतावनी जारी करेगा. गठबंधन ने दावा किया कि उसने रियाद के उत्तर में तीन ड्रोन को मार गिराया. वहीं ईरान ने कहा कि वह हूतियों और सऊदी अरब के बीच बातचीत शुरू कराने में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है. ईरान की यह टिप्पणी ऐसे वक्त पर आई, जब ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराकची ने रविवार को सऊदी विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत की थी.