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हूतियों ने मंगलवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मौजूद रक्षा मंत्रालय समेत कई अन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. हूतियों ने दावा किया कि उन्होंने रक्षा मंत्रालय के अलावा नजरां हवाई अड्डे पर दो सैन्य परिवहन विमानों और खमीस मुशैत के एक हवाई अड्डे के अलावा रास तनुरा तेल रिफाइनरी पर हमला पर हमले किए. यह तेल रिफाइनयरी होर्मुज के पश्चिम में खाड़ी पर मौजूद सऊदी अरब की सबसे बड़ी रिफाइनरी है. हालांकि, इन हमलों को लेकर सऊदी अरब की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है.
समुद्री सुरक्षा एजेंसी 'वैनगार्ड' ने बताया कि मंगलवार तड़के हुए हमले के बाद रास तानूरा इलाके में आग लग गई. ब्लूमबर्ग ने मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के हवाले से बताया कि टर्मिनल के पास लगी आग पर काबू पा लिया गया है. वैनगार्ड ने कहा,'खबरों के मुताबिक आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि कितना नुकसान हुआ है और तेल-लोडिंग के काम पर इसका क्या असर पड़ा है.'
रास तानूरा में एक रिफाइनरी है, जो प्रतिदिन 5 लाख 50000 बैरल तेल को प्रोसेस कर सकती है. इसके साथ ही यहां एक तेल निर्यात टर्मिनल भी है. लाल सागर के तट पर मौजूद यानबू के साथ मिलकर, यह सऊदी अरब के लगभग सभी तेल निर्यात को संभालता है. इससे पहले, ईरान युद्ध के शुरुआती महीनों में एहतियात के तौर पर इस रिफाइनरी में कुछ समय के लिए कामकाज रोक दिया गया था.
रास तानूरा के दक्षिण में मौजूद अल-खोबार के एक निवासी ने एएफपी को बताया कि सुबह के समय एक मोबाइल चेतावनी मिलने के तुरंत बाद एक जोरदार धमाका हुआ. धमाकों की वजह से मध्य रियाद में खिड़कियां हिल गईं, जहां लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के निर्देश दिए गए. नागरिक सुरक्षा अधिकारियों ने मंगलवार दोपहर को कुछ समय के लिए 'एयर रेड' (हवाई हमले) की चेतावनी जारी की थी.
ये हमले सोमवार को ईरान की राजधानी तेहरान में हुई उस बातचीत के बाद हुए हैं, जिसमें सऊदी अरब के रक्षा मंत्री, पाकिस्तान के सेना प्रमुख और तुर्की के खुफिया प्रमुख शामिल थे. हाल ही में मक्का में इन तीनों देशों ने आपसी रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए. क्षेत्रीय तनाव को कम करने की कोशिशों के तहत, उनके प्रतिनिधियों ने ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की.
इसके अलावा इजरायल के 'हयोम' ने अपनी एक रिपोर्ट में राजनयिक सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि अपने ऊपर हमले रोकने के लिए 1 अरब डॉलर की पेशकश की थी. यह रकम यमन के हूतियों के कब्जे वाले क्षेत्रों में कर्मचारियों की सैलरी वेतन और नागरिक बुनियादी ढांचे के फिर से बनाने के लिए तय की गई है. इजरायली समाचार एजेंसी के अनुसार, इसके बदले में हूती सऊदी अरब पर सभी हमले रोक देंगे और युद्धविराम बनाए रखेंगे. हालांकि, इसको लेकर किसी और न्यूज एजेंसी ने रिपोर्ट नहीं किया, साथ ही कोई आधिकारिक बयान भी नहीं आया है.