आधी रात को 'जला' दुनिया का तेल, हूतियों ने दहकाया दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल डिपो, बौखलाया सऊदी अरब; किया खौफनाक प्रहार
सऊदी अरब में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी यानी अरामको पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हूती विद्रोहियों ने हमला बोला है. इस हमले के बाद दुनिया में तेल सप्लाई में मुश्किलें आने और ऊर्जा संकट पैदा होने का संकट मंडरा रहा है.जवाब में सऊदी ने भी पलटवार किया है.
आधी रात दुनिया का 'तेल' जल गया. जानते हैं कैसे. सऊदी अरब की एक ऑयल रिफाइनरी के हेडक्वॉर्टर पर मिसाइल हमले के चलते. दरअसल, बीती रात यमन के हूती विद्रोहियों ने दुनिया की बड़ी ऑयल रिफाइनरी पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी. ये रिफाइनरी अरामको कंपनी की थी. अरामको सिर्फ सऊदी अरब ही नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी है.अब उस पर हमले का असर पूरी दुनिया में पड़ने वाला है. मतलब तेल संकट बढ़ सकता है.
मिडिल ईस्ट की जंग हर नए दिन के साथ कितनी विनाशक और विस्फोटक हो चुकी है.इसका अंदाजा आप खाड़ी से सामने आई इन दो घटनाओं से लगा सकते हैं. पहली तस्वीर सऊदी अरब के धहरान शहर की है, यहां हूती लड़ाकों ने अरामको ऑयल रिफाइनरी के ऑयल डिपो को दहलाया तो वहीं दूसरी घटना यमन की राजधानी सना की है, जहां सऊदी ने पलटवार करते हुए हूती के तेल डिपो पर गोला-बारूद बरसाया.
हूती विद्रोहियों ने बरपाया कहर
सबसे पहले बात हूती के बारूदी प्रतिशोध की, जिसने सऊदी अरब ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सनसनी मचा दी. आसमान में उठती आग की भयावह लपटें और काले धुएं का गुबार. इस बात की गवाही दे रहा है कि हूती लड़ाकों का हमला कितना विध्वंसक था.
बारूदी जलजले की ये तस्वीर सऊदी अरब की है, जहां हूती ने सबसे बड़े ऑयल डिपो अरामको को निशाना बनाया. हूती के इस हमले के बाद अरामको ऑयल रिफाइनरी धधकने लगी, तेल डिपो के अलग-अलग हिस्सों से आग की लपटें और धुएं का गुबार उठने लगा.
मिसाइल बरसाकर रिफाइनरी पर बोला धावा
सवाल ये है कि सऊदी अरब के सबसे बड़े ऑयल डिपो को राख करने के लिए हूती लड़ाकों ने किस विनाशक हथियार का इस्तेमाल किया. क्या हूती के आत्मघाती ड्रोन ने तेल डिपो को उड़ाया या फिर अरामको ऑयल रिफाइनरी पर मिसाइलों से धावा बोला तो आपको बता दें कि हूती ने सऊदी अरब की अरामको ऑयल रिफाइनरी पर मिसाइल से धावा बोला.
हमले के लिए बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया. ये कोई पहला मौका नहीं था, जब सऊदी अरब के अरामको ऑयल डिपो को निशाना बनाया हो. इससे पहले ईरान ने इसी साल मार्च महीने में सऊदी के अरामको ऑयल डिपो पर ड्रोन स्ट्राइक की थी. शाहेद-131 आत्मगाती ड्रोन से धमाका किया था और ठीक इसी तरह साल 2019 में भी ईरान ने अरामको ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन्स के जरिए तबाही मचाई थी.
और इस वक्त जब मिडिल ईस्ट में सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच जंग पूरे चरम पर है. तब हूती लड़ाकों ने अपने मिसाइलों के जरिए सऊदी अरब के पूर्वी शहर धहरान में मौजूद दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी 'सऊदी अरामको' के मुख्यालय को दहलाया.
तेल की कीमतों में आ सकता है उछाल
सऊदी अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी है और धहरान के जिस कॉम्प्लेक्स पर मिसाइल दागी गई, वो अरामको का एक बड़ा ऑपरेशन सेंटर है. यहां ऑयल रिंग, पाइपलाइन, रिफाइनरी और एक्सपोर्ट टर्मिनल के नेटवर्क को मैनेज किया जाता है. लिहाजा इस हमले के बाद सऊदी अरब से तेल सप्लाई बाधित हो सकती है. कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल आ सकता है.
सऊदी अरब का पलटवार इतना भयावह था कि धमाके के बाद आसमान में सैकड़ों फीट ऊपर तक बारूद से सना आग का गुबार दिखाई दिया. और अभी तो दावा किया जा रहा है कि सऊदी अरब इससे भी ज्यादा घातक हमले यमन पर करने की तैयारी कर चुका है मतलब ये है कि मिडिल ईस्ट में जंग की आग अब पहले से ज्यादा भड़कने वाली है.