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समंदर ने निगला 550 साल पुराना 'अजूबा', टूटकर पानी में समाया; टूरिस्ट्स को लगा झटका

हवाई की 550 साल पुरानी होलेई सी आर्क अब नजर नहीं आएगी. सितंबर के आखिरी हफ्ते में यह गिर गई. पर्यटक अब इस आर्क के साथ अपनी पुरानी तस्वीरें पोस्ट कर याद कर रहे हैं.

Written By Rachit Kumar
Published: Oct 03, 2026, 03:12 PM IST | Updated: Oct 03, 2026, 03:24 PM IST
Image Credit: यह लावा-चट्टान से बना यह ढांचा आकर्षण का केंद्र था.
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हवाई की मशहूर 'होलेई सी आर्क' अब नहीं दिखेगी. माना जाता है कि लावा-चट्टान से बनी यह संरचना करीब 550 साल पुरानी थी. लेकिन अब इसका यह हिस्सा टूटकर प्रशांत महासागर में गिर गया है.इसी के साथ द्वीप के ऊबड़-खाबड़ तट पर मौजूद सबसे ज्यादा फोटो खींचे जाने वाले ऐतिहासिक लैंडमार्क में से एक का अंत हो गया.

लगभग 90 फीट ऊंची यह नेचुरल आर्क, 'बिग आइलैंड' पर 'हवाई ज्वालामुखी नेशनल पार्क' में 'चेन ऑफ क्रेटर्स रोड' के आखिर में स्थित था. US नेशनल पार्क सर्विस (NPS) के मुताबिक, 23 सितंबर को यह तट से दिखाई दे रहा था, लेकिन 27 सितंबर तक यह गायब हो चुका था.

पहले ही आ गई थी चेतावनी

 इसके गिरने का सही समय पता नहीं है. पिछले वीकेंड 'ट्रॉपिकल स्टॉर्म नोलो' के दौरान पार्क को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था और माना जाता है कि इसी दौरान आर्क गिरी होगी.

'होलेई सी आर्क' में कई सालों से अस्थिरता के संकेत दिख रहे थे. NPS ने 2021 में चेतावनी दी थी कि लहरों और कटाव के कारण तटरेखा के कमजोर होने से यह ढांचा आखिरकार समुद्र में गिर जाएगा. पार्क सर्विस ने इस संरचना के बारे में कहा था, 'यह खूबसूरत है, लेकिन टेंपरेरी है और इसकी उम्र सीमित है.'

'होलेई सी आर्क' क्यों गिरी?

आर्क के आस-पास की तटरेखा धीरे-धीरे खराब हो रही थी, जबकि 2018 में 'किलाऊआ' ज्वालामुखी के फटने और उसके बाद ज्वालामुखी के शिखर के ढहने से जुड़े भूकंपों ने आस-पास की चट्टानों को नुकसान पहुंचाया था. जनवरी 2020 में, नई दरारों और अस्थिरता के संकेतों के कारण NPS को आर्क के पास मौजूद ओरिजिनल व्यूइंग एरिया (देखने की जगह) को बंद करना पड़ा. बाद में, पर्यटकों को सुरक्षित दूरी पर रखने के लिए थोड़ी दूर पर एक नया व्यूइंग एरिया खोला गया.

उसी साल बाद में इस संरचना को और नुकसान पहुंचा, जब एक ट्रॉपिकल स्टॉर्म की लहरों ने इसके आधार पर मौजूद चट्टान का एक हिस्सा तोड़ दिया. NPS ने कहा कि हाल ही में इसके गिरने से पार्क की दूर-दराज की तटरेखा में एक और बदलाव आया है.

550 साल पुराना लैंडमार्क खत्म

'होलेई सी आर्क' को देखने दूर-दूर से पर्यटक आते थे. 'हवाई ज्वालामुखी नेशनल पार्क' फोटोग्राफर्स की भी पसंदीदा जगह थी. तब से हजारों लोगों ने सोशल मीडिया पर NPS की घोषणा पर रिएक्ट किया और लोग इसके गिरने से पहले 'आर्क' को देखने की अपनी तस्वीरें और यादें साझा कर रहे हैं.

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About the Author

रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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