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Heavy Rain And Floods: थाईलैंड, नेपाल और भारत से लेकर एशिया के कई देश इन दिनों बारिश-बाढ़ के खतरे में जी रहे हैं. एक तरफ नेपाल में कई प्रमुख नदियों में जलस्तर बढ़ने के चलते अधिकारियों ने अचानक बाढ़ आने के खतरे की चेतावनी दी है, तो वहीं थाईलैंड में कैबिनेट ने बैंकॉक समेत 3 प्रांतों में सरकारी कर्मचारियों के लिए 28-29 सितंबर 2026 के लिए छुट्टी का ऐलान किया है.
बैंकॉक में 26 सितंबर 2026 को 48 घंटों में तकरीबन 300 मिलिमीटर की बारिश हुई, जिसके बाद अधिकारियों ने राजधानी को आपदा क्षेत्र घोषित किया. यहां बाढ़ के पानी से कई सड़कें जलमग्न हो गईं और कुछ वाहन भी पानी में डूब गए. 27 सितंबर 2026 को बारिश कम होने के साथ नदी का जलस्तर घटा. हालांकि, फिर भी कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराया रहा.
नेपाल में भी भारी बारिश के चलते बाढ़-तूफान और भूस्खलन देखने को मिला, जिसमें कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और 11 लोग लापता हैं. नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक यहां 24 सितंबर-28 सितंबर 2026 तक लगातार बारिश के चलते आई बाढ़, लैंडस्लाइड, जलभराव, तेज हवाओं और बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक आपदाओं में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई और 7 लोग घायल हुए हैं.

प्रधानमंत्री सचिवालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, यहां बाढ़ से 4 लोग लापता हो गए और मॉनसून से जुड़ी 513 घटनाओं से 1,065 परिवार प्रभावित हुए. इन आपदाओं में 225 घर पूरी तरह और 137 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए. 27 पशुशालाएं और 114 मवेशी भी प्रभावित हुए.
भारत में भी उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में भारी बारिश-बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई है. यूपी में भी पिछले 3 दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. यहां सीतापुर, अयोध्या, लखीमपुर खीरी और गाजीपुर समेत कई इलाकों में फसलें और हजारों मकान तबाह हुए हैं, वाराणसी में भी लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है. बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नावों के संचालन पर रोक लगाई है. बिहार-झारखंड में भी लगातार बारिश से बाढ़ की स्थिति बनी है. बंगाल में भी बारिश के चलते मछुआरों को नदियों ले दूर रहने के लिए कहा गया है.
उत्तराखंड में भी कई जिलों में भारी बारिश-बर्फबारी देखने को मिली है. यहां रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, चंपावत और नैनीताल में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है. यहां केदारनाथ की तरफ लैंडस्लाइड की चपेट में आने से एक बच्चे की मौत हो गई और एक शख्स घायल हो गया.

ऋषिकेश में भी गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से रिवर राफ्टिंग जैसी एक्टिविटी पर रोक लगाई गई है. ओडिशा में भी बंगाल की खाड़ी के पास बने डीप डीप्रेशन के चलते 13 जिलों में भारी बारिश देखने को मिली है. यहां मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे कर रिलीफ कैंप्स में रहने वाले प्रभावितों के लिए मेडिकल सुविधा और साफ पानी-खाने के पुख्ता इंतजाम करने के आदेश दिए हैं.
थाईलैंड में भी बारिश के चलते 41 प्रांतों में भीषण बाढ़ आई, जिसमे कम से कम 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 5,80,000 से ज्यादा घर प्रभावित हुए हैं.

बताया जा रहा है कि अकेले बैंककॉक में 80,000 से ज्यादा लोग अपने घरों में फंसे हैं और 5,901 लोग 234 इवेक्यूएशन सेंटर्स में शरण ले रहे हैं. यहां बाढ़ के चलते लोग मेट्रो, कैब, रिक्शा, ग्रोसरी स्टोर्स और दुकानें, बिजली-पानी जैसी बेसिक सुविधाओं की किल्लत का सामना कर रहे हैं. इसके चलते भारी संख्या में लोग दूसरी जगह पलायन कर रहे हैं.