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  • /'ईस्टर संडे बम धमाका' मामले में घिरे पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे, गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार

'ईस्टर संडे बम धमाका' मामले में घिरे पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे, गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार

श्रीलंका में 2019 के दर्दनाक 'ईस्टर संडे बम धमाका' मामले की फिर से शुरू हुई जांच के बीच पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे की मुश्किलें बढ़ गई हैं. अपनी संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

Written ByRavindra Pratap Singh
Published: Oct 09, 2026, 10:07 PM IST|Updated: Oct 09, 2026, 10:11 PM IST
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'ईस्टर संडे बम धमाका' मामले में घिरे पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे, गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार
Image Credit: गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति राजपक्षे, ईस्टर्न संडे ब्लास्ट केस से जुड़ा है मामला!

About the Author

    Ravindra Pratap Singh

    Ravindra Pratap Singh

    रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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    श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने 2019 के ईस्टर संडे बम धमाकों के मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. उन्होंने आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत गिरफ्तारी से सुरक्षा देने की मांग की है. इन धमाकों में करीब 270 लोगों की मौत हुई थी. राजपक्षे ने इससे पहले कोर्ट ऑफ अपील में याचिका दायर कर पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (CID) को उन्हें गिरफ्तार करने से रोकने की मांग की थी.

    हालांकि, अदालत ने 1 अक्टूबर को बिना सुनवाई के उनकी याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. जून में कोलंबो फोर्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 77 वर्षीय राजपक्षे के विदेश जाने पर रोक लगा दी थी. इसे ईस्टर संडे धमाकों की जांच के सिलसिले में उनकी संभावित गिरफ्तारी से जोड़कर देखा गया था. राजपक्षे के वकीलों ने अदालत में दलील दी थी कि इस मामले में उनके विदेश जाने पर रोक लगाने का कोई ठोस आधार नहीं है. वहीं, सरकार ने अदालत से कहा था कि वह इस बात की गारंटी नहीं दे सकती कि राजपक्षे को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा.

    2019 में हुए थे सिलसिलेवार बम धमाके

    21 अप्रैल 2019 को श्रीलंका में ईस्टर संडे के दिन सिलसिलेवार आत्मघाती बम धमाके हुए थे. स्थानीय इस्लामी चरमपंथी संगठन नेशनल तौहीद जमात (NTJ) से जुड़े नौ आत्मघाती हमलावरों ने तीन कैथोलिक चर्च और तीन बड़े होटलों को निशाना बनाया था. इस संगठन के संबंध इस्लामिक स्टेट (ISIS) से बताए गए थे. इन हमलों में करीब 270 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 11 भारतीय भी शामिल थे. वहीं, 500 से ज्यादा लोग घायल हुए थे.

    रक्षा मंत्रालय के अधिकारी को मौत की सजा

    सितंबर में श्रीलंका की एक अदालत ने इन धमाकों में शामिल होने के मामले में 15 लोगों को दोषी ठहराया था. अदालत ने सभी को 200 साल से ज्यादा की जेल की सजा सुनाई थी. इससे पहले जुलाई में श्रीलंका के पूर्व पुलिस प्रमुख पुजित जयसुंदर और रक्षा मंत्रालय के तत्कालीन शीर्ष अधिकारी हेमासिरी फर्नांडो को मौत की सजा सुनाई गई थी. अदालत ने उन्हें पहले से मिली खुफिया जानकारी पर कार्रवाई नहीं करने और अपनी जिम्मेदारी निभाने में गंभीर लापरवाही का दोषी पाया था. जांच में माना गया था कि समय रहते कार्रवाई होने पर हमलों को रोका जा सकता था.

    राजपक्षे परिवार के सदस्य भी जांच के घेरे में

    गोटबाया राजपक्षे के परिवार के सदस्य भी अलग-अलग मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं. उनकी पत्नी शिरंती राजपक्षे को बुधवार को भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया गया. उन पर सरकारी धन के 1 करोड़ श्रीलंकाई रुपये के कथित दुरुपयोग का आरोप है. इसके अलावा, श्रीलंका की भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी ने अलग-अलग मामलों में एक पूर्व विदेश मंत्री और सरकारी बैंक के पूर्व प्रमुख को भी गिरफ्तार किया है. राजपक्षे के भतीजे नमल राजपक्षे सितंबर की शुरुआत से भ्रष्टाचार के एक मामले में न्यायिक हिरासत में हैं.

    यह भी पढ़ेंः PTI के 'तांडव मार्च' से शहजाब के छूटे पसीने: PAK सरकार को सता रहा सबसे बड़ा डर, नकवी बोले- ऐसा होने नहीं देंगे

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    Sri Lanka News