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पैसों के लिए बेचे देश के 2000 राज: लंदन से बर्लिन तक हड़कंप, अजरबैजान कनेक्शन से खुला गद्दारी का काला दाग

ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी एमआई6 को शक है कि जर्मनी के एक पूर्व टॉप जासूस ने ऐसी संवेदनशील जानकारियां लीक कर दी हैं, जिनका इस्तेमाल फेडरल एजेंसियों को करना था. इस जासूस को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है.

पैसों के लिए बेचे देश के 2000 राज: लंदन से बर्लिन तक हड़कंप, अजरबैजान कनेक्शन से खुला गद्दारी का काला दाग
Image Credit: इस घटना से पूरी दुनिया हैरान है.

क्या जर्मनी के एक पूर्व टॉप जासूस ने ब्रिटेन के सीक्रेट्स लीक कर दिए हैं? इस सवाल का जवाब तलाशने में एमआई 6 जुटी हुई है, जो ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी है. इस जासूस को गिरफ्तार किए जाने के बाद जांच की जा रही है कि क्या उनके मुल्क के सीक्रेट्स लीक हुए थे या नहीं.

डेली मेल के मुताबिक, पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियां ​​उस समय सकते में आ गईं, जब अगस्त में हैनिंग को गिरफ्तार किया गया. हैनिंग ने 1998 से 2005 के बीच जर्मनी की खुफिया एजेंसी BND की कमान संभाली थी. उन पर 'देशद्रोह की कोशिश' और 'जासूसी' जैसे आरोप लगे हैं.

ये गंभीर आरोप बर्लिन की दीवार गिरने और कोल्ड वॉर के खत्म होने के बाद से जर्मनी में खुफिया जानकारी से जुड़ा सबसे बड़ा स्कैंडल हैं. माना जाता है कि हैनिंग विदेशों की दूसरी एजेंसियों से मिली बेहद गुप्त जानकारी संभालते थे, जिससे इस बात की संभावना है कि ब्रिटिश खुफिया जानकारी भी खतरे में पड़ गई हो.

जासूसों के बीच बढ़ गई टेंशन

इससे जासूसों के बीच चिंता फैल गई है कि फील्ड में काम करने वाले एजेंट या मुखबिर जैसे सोर्स की पहचान उस जानकारी में हो सकती है, जो शेयर की गई थी.

माना जा रहा है कि MI6 और GCHQ उस समय के दौरान यूरोपीय सहयोगियों के साथ शेयर की गई सभी खुफिया जानकारियों का इंटरनल असेसमेंट कर रहे हैं. खबर है कि एजेंसियां ​​उन सोर्स की सिक्योरिटी करने की कोशिश कर रही हैं, जो कथित लीक के कारण खतरे में पड़ सकते थे.

जर्मनी में सरकारी वकीलों ने हैनिंग पर गुप्त दस्तावेजों के लिए पैसे देने और एक विदेशी खुफिया एजेंसी के लिए असेसमेंट में उनका इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. उन्होंने उस खुफिया एजेंसी का नाम नहीं बताया और यह भी साफ नहीं हो पाया कि असेसमेंट सही शख्स तक पहुंचा या नहीं.

देशद्रोह वाली जासूसी का शक

'द टेलीग्राफ' की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी वकील के ऑफिस ने कहा कि हैनिंग पर देशद्रोह वाली जासूसी, देश के सीक्रेट हासिल करने, राष्ट्रद्रोह की कोशिश और जासूसी करने का गंभीर शक है.

मंगलवार देर रात 'स्पीगल' न्यूज मैगजीन ने रिपोर्ट में कहा, जांचकर्ता अजरबैजान से संभावित रिश्तों की जांच कर रहे हैं. हैनिंग उस देश के एक एजेंट के संपर्क में थे.

हैनिंग के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ (जिनका नाम मैनफ्रेड डी बताया जा रहा है) को भी राष्ट्रद्रोह की कोशिश और जासूसी में मदद और उकसाने के शक में गिरफ्तार किया गया.

बर्लिन समेत कई जगहों पर दोनों लोगों से जुड़ी जगहों की तलाशी ली जा रही है. सरकारी वकीलों ने बताया कि मैनफ्रेड डी ने 2012 से 2026 के बीच हैनिंग की जगह लेने वाले अधिकारियों के चीफ ऑफ स्टाफ के तौर पर भी काम किया.

लीक कर दिए 2000 दस्तावेज

उनका आरोप है कि इस पद का इस्तेमाल करके उन्होंने सीक्रेट जानकारियां हासिल की और फिर पैसे के बदले उसे हैनिंग को सौंप दिया. इसमें करी 2000 ऐसे दस्तावेज शामिल हैं, जिनमें बहुत ही सीक्रेट जानकारी थी.

सरकारी वकीलों ने कहा, 'अभी तक की जांच से पता चलता है कि मैनफ्रेड डी ने कई सालों में हैनिंग को लगभग 2,000 दस्तावेज दिए. इनमें से कई में ऐसी सीक्रेट जानकारी थी, जिसका इस्तेमाल सिर्फ फेडरल इंटेलिजेंस सर्विस को अपने अंदरूनी कामों के लिए करना था.'

उनका यह भी आरोप है कि एक बार हैनिंग ने गुप्त इंटेलिजेंस जानकारी का इस्तेमाल एक विदेशी इंटेलिजेंस सर्विस के अधिकारी के लिए एनालिसिस तैयार करने में किया. हालांकि यह साफ नहीं है कि वह जानकारी सही इंसान तक पहुंची या नहीं.

हैनिंग पर यह आरोप भी है कि वे एक दूसरी विदेशी इंटेलिजेंस सर्विस के प्रतिनिधि के साथ भी करीबी संपर्क में थे और कई सालों तक उन्हें राजनीतिक जानकारी देते रहे, जो आंशिक रूप से मैनफ्रेड डी से मिली जानकारी पर आधारित थी.

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About the Author

Rachit Kumar

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रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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