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फ्रांस की सड़कों पर संग्राम, हैलोवीन नाइट पर मचा हुड़दंगः मार्सिले से लेकर ल्योन तक फिर आगजनी-तोड़फोड़

महंगाई की आग से झुलस रहे फ्रांस में हैलोवीन नाइट (31 अक्टूबर) को हिंसा का नया दौर देखने को मिला. 31 अक्टूबर को 3 लाख से ज्यादा सड़कों पर उतरे और शाम होते ही अचानक से प्रदर्शनकारी भड़क उठे. इस दौरान देश के कई शहरों में जमकर आगजनी और तोड़फोड़ देखने को मिली.

Written By K. Raj Mishra
Published: Nov 01, 2026, 08:47 AM IST | Updated: Nov 01, 2026, 09:01 AM IST
Image Credit: फ्रांस की सड़कों पर फिर भड़की हिंसा (प्रतीकात्मक AI फोटो)
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फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों का दौर लगातार तीसरे सप्ताह जारी है. हैलोवीन नाइट (31 अक्टूबर) को हिंसा का नया दौर देखने को मिला. 31 अक्टूबर को 3 लाख से ज्यादा सड़कों पर उतर आए. दोपहर तक प्रदर्शन काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा, लेकिन शाम होते ही अचानक से प्रदर्शनकारी भड़क उठे. देश के कई शहरों में प्रदर्शनकारियों की पुलिस के संग झड़पें शुरू हो गईं. पेरिस में दंगा-रोधी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की भीड़ को तितर-बितर किया, जबकि ल्योन और टूलूज में आंसू गैस के गोले छोड़े गए. मार्सिले में भी बिना अनुमति के हुए जमावड़ों के दौरान तनाव की खबरें आईं. यहां रात होते-होते स्थिति शांत हो गई.

3.2 लाख लोग सड़कों पर उतरे

फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, शनिवार को देशभर में हुए प्रदर्शनों में लगभग 3.2 लाख लोगों ने हिस्सा लिया. राजधानी पेरिस में हुए प्रदर्शन में ही 70 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए थे. गृह मंत्रालय ने बताया कि बोर्डो, टूलूज, ल्योन और मार्सिले जैसे शहरों में असामाजिक तत्वों ने मार्च से अलग होकर तोड़फोड़ और लूटपाट करने की कोशिश की. हालांकि, सुरक्षा बलों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया. सरकार ने बताया कि लोग अब उपद्रवियों का समर्थन नहीं कर रहे हैं. इससे पहले हुए प्रदर्शन में इससे अधिक संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया था. गृह मंत्रालय के अनुसार, 24 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन में 4.1 लाख लोग सड़कों पर उतरे थे, जबकि 17 अक्टूबर को 5.5 लाख प्रदर्शनकारी शामिल हुए थे.

हैलोवीन पर भयानक हिंसा की थी प्लानिंग

गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने बताया कि 17 अक्टूबर को हुई हिंसा और लूटपाट की घटनाओं के बाद ये नए प्रदर्शन हुए हैं. उन्होंने कहा कि उस वक्त हमारी पुलिस को प्रदर्शन की आड़ में हिंसा भड़काए जाने का दौरान अंदाजा नहीं था, इसलिए पुलिस फोर्स तैयार नहीं थी. उन्होंने कहा कि उस वक्त हुई हिंसा में उपद्रवियों ने कई शहरों में काफी हिंसा फैलाई थी. उपद्रवियों ने दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट को अंजाम दिया था. इससे कारोबारियों को काफी नुकसान हुआ था. प्रजर्शनकारियों ने सार्वजनिक इमारतों को भी काफी क्षति पहुंचाई थी. हालांकि, इस बार सुरक्षाबल पहले से तैयार था. अधिकारियों को इस बात की खास चिंता थी कि रात के समय फिर से हिंसा भड़क सकती है. उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ प्रदर्शनकारी अपनी पहचान छिपाने के लिए हैलोवीन के जश्न का फायदा उठा सकते हैं.

खतरा अभी टला नहीं- गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज

लॉरेंट नुनेज ने कहा कि हैलोवीन नाइट को देखते हुए पुलिस ने तैयारी की थी, इस वजह से ज्यादा हिंसा नहीं देखने को मिली. सुरक्षा बलों ने उपद्रवियों का डटकर मुकाबला किया और शहर के मुख्य इलाकों की सुरक्षा की और कानून-व्यवस्था बनाए रखी गई. गृह मंत्री ने बताया कि हिंसक प्रदर्शनों के बीच पुलिस ने कुछ ऐसे लोग पकड़ा है. इनके पास ऐसी चीजें बरामद हुई हैं, जिनका इस्तेमाल हथियारों के तौर पर किया जा सकता था. उन्होंने चेतावनी दी कि खतरा अभी टला नहीं है. उपद्रवियों को जवाब देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि जो लोग आज रात लड़ाई-झगड़ा करना चाहते हैं, हम उनके लिए तैयार हैं. हम उन्हें कड़ा जवाब देंगे.

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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