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भारतीय वायुसेना को अपना नया प्रमुख मिल गया है. शनिवार (31 अक्टूबर) को एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने 29वें वायुसेना प्रमुख के रूप में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया. आशुतोष दीक्षित बीस से अधिक तरह के विमानों पर 3500 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव रखते हैं. उन्होंने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का स्थान लिया.
पदभार संभालने के अगले दिन वह सबसे पहले नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे, जहां पर उन्होंने देश के शहीदों श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान एक भावुक पल देखने को मिला. शहीदों को नमन करने के बाद नए वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने अपनी मां निर्मला दीक्षित और सास कमला पांडे को पूरे सम्मान के साथ सैल्यूट किया. यह पल वास्तव में गर्व से भरा रहा.
एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने एयर स्टाफ के प्रमुख का पदभार संभालने के बाद, नेशनल वॉर मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित की और फिर अपनी मां निर्मला दीक्षित तथा सास कमला पांडे को नमन करते हुए उनके पैर छुए. जिसका एक भावुक वीडियो भी सामने आया है. ये वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रहा है.
#WATCH | Delhi: Air Chief Marshal Ashutosh Dixit saluted and touched the feet of his mother, Ms Nirmala Dixit and mother-in-law Kamla Pandey soon after laying a wreath at the National War Memorial on taking over as the Chief of the Air Staff. https://t.co/px5A3sgeQP
— ANI (@ANI) November 1, 2026
वायुसेना में आशुतोष दीक्षित का सफर काफी लंबा और शानदार रहा है. वह नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) के छात्र हैं. 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था. दीक्षित एक कुशल और अनुभवी फाइटर पायलट हैं. इसके अलावा वह एक क्वालिफाइड फ्लाइंग इस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट भी हैं.
जानकारी के अनुसार, आशुतोष दीक्षित के पास 3300 घंटे से अधिक उड़ान भरने का अनुभव है. जिन विमानों को उन्होंने उड़ाया है, उनमें जगुआर और मिराज-2000 जैसे लड़ाकू विमान शामिल हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, आशुतोष दीक्षित का वायुसेना को आधुनिक बनाने में भी काफी योगदान रहा है.
New Air Force Chief, Air Chief Marshal Ashutosh Dixit greets his mother, mother in law after taking charge in Delhi today https://t.co/QUAXcu0K0M
— Sidhant Sibal (@sidhant) November 1, 2026
बताया जाता है कि उन्होंने मिग-27 और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों को अपग्रेड करने में अपनी अहम भूमिका निभाई है. इसके अलावा स्वदेशी फाइटर जेट तेजस के शुरुआती और अंतिम ऑपरेशनल क्लीयरेंस को पूरा करने में भी शानदार नेतृत्व दिया.
करीब 4 दशक के करियर के दौरान उन्होंने दक्षिणी वायु कमान में एयर डिफेंस कमांडर के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं. दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर के साथ वायुसेना के डिप्टी चीफ भी रहे. बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के तौर पर अहम कार्यभार संभाला. वायुसेना का सर्वोच्च पद संभालने से पहले वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ के रूप में कार्यरत थे.
नए वायुसेना चीफ ने क्या कहा?
रविवार को भारत के नए वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने कहा कि आने वाले समय में सबसे पहली प्राथमिकता वायु सेना की युद्धक क्षमता को स्वदेशीकरण पर नए सिरे से जोर देकर बहाल करना होगा. उन्होंने कहा कि तेजस Mk-1A और Mk-2, AMCA (पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट), और भारतीय हथियार एवं सेंसर हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं. हम भारतीय समाधानों के साथ लड़ेंगे, और हम उन्हें इतनी संख्या में रखेंगे जो हमारी परिचालन मांगों को पूरा कर सकें. हमारी जिम्मेदारी लड़ना और जीतना है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक विश्वसनीय वायु शक्ति के माध्यम से संघर्ष को रोका जाए.
गौरतलब है कि है एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने डिफेंस सर्विसे कमाड एंड स्टाफ कॉलेज (बांग्लादेश) और नेशनल डिफेंस कॉलेज नई दिल्ली से पढ़ाई की है. बता दें कि देश की असाधारण सेवा के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, वायु सेना मेडल से भी सम्मानित किया जा चुका है. (इनपुट- एएनआई)