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Israel Elections: इजरायल में चुनाव के नतीजे आने के बाद किसी भी एक पार्टी के लिए सरकार बनाना कठिन होता है. मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी अपनी पार्टी के लिए समर्थन नहीं जुटा पाए हैं. वहीं, शुक्रवार ( 30 अक्टूबर 2026) को पुराने अरब सांसद अहमद तिबी ने नेतन्याहू के गठबंधन के खिलाफ विपक्षी नेता गादी आइजेनकोट को जॉइंट लिस्ट का समर्थन देने का प्रस्ताव रखा. हालांकि, उन्होंने सरकार में शामिल होने से इनकार करते हुए कहा कि अरब पार्टियां बाहर से नए प्रशासन का समर्थन करेंगी.
तिबी ने इजरायल के 'चैनल 12' से बता करते हुए आइजेनकोट को सलाह दी कि वे दिवंगत प्रधानमंत्री यित्झाक राबिन की तरह बनें, जिन्होंने फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (PLO) के साथ ओस्लो एग्रीमेंट को पास करने के लिए अरब सांसदों के वोटों पर भरोसा किया था.
टिबी ने कहा,' हम हर उस व्यक्ति की मदद करना चाहते हैं, जो इस खराब सरकार को गिराना चाहता है और इसे बदलकर कोई दूसरी सरकार लाना चाहता है. हम सुधार और उम्मीद का हिस्सा बनना चाहते हैं.' टिबी ने ये भी कहा कि वे सरकार का हिस्सा नहीं होंगे, न ही उन्हें कोई मंत्री पद चाहिए और न ही उनकी दिलचस्पी कैबिनेट में रहने की है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि अरब पार्टियों के बिना कोई बदलाव भी नहीं होगा.
बता दें कि 3 अरब ग्रुप के अलायंस जॉइंट लिस्ट ने मंगलवार ( 27 अक्टूबर 2026) के चुनाव में 11 सीटें जीतीं थी, जबकि रा'अम पार्टी को 8 सीटें मिलीं. दोनों अरब पार्टियों के पास मिलकर 120 मेंबर वाली नेसेट (संसद) में 19 सीटें हैं. नेतन्याहू के विरोधियों के पास 67 सीटें हैं, जो अरब पार्टियों के साथ गठबंधन बनाकर सरकार बनाने के लिए काफी हैं. हालांकि, याशर, बी याचद और इसराइल बेयतेनु जैसी पार्टी ने उनके साथ अलायंस में शामिल होने से मना कर दिया है.
तिबी ने कहा कि अरब वोटरों ने नेतन्याहू के सत्ता से बाहर करने और सरकार न बनाने के लिए ज्यादा मात्रा में वोटिंग की. उन्होंने इस वोट को मौजूदा गठबंधन के खिलाफ सेल्फ डिफेंस बताया. उन्होंने इशारा किया कि जॉइंट लिस्ट प्रेसिडेंट आइजैक हर्जोग को यह सलाह देगी कि नेतन्याहू विरोधी जायोनिस्ट पार्टियों के किसी उम्मीदवार को सरकार बनाने का अधिकार मिले. खासतौर से आइजेनकोट को. उन्होंने कहा कि नेतन्याहू की लिकुड पार्टी लिकुड के अमीर ओहाना को नेसेट स्पीकर पद से हटाने और 7 अक्टूबर, 2023 को हमास की ओर से इजरायल में किए गए हमले की जांच के लिए एक स्टेट कमीशन बनाने की विपक्ष की योजनाओं का भी समर्थन करेगी. टिबी ने कहा कि जॉइंट लिस्ट किसी होने वाली सरकार के खिलाफ लिकुड की ओर से शुरू किए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगी या नेसेट को भंग करने की कोशिश नहीं करेगी.