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पिछले तीन दिनों से एक खबर लगातार सुर्खियों में है. यह खबर यूएई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की उस फ्लाइट की है, जिसे हवा में ही क्रैश कराने की कोशिश की गई थी. हालांकि कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और सूझबूझ से यह बड़ा हादसा टल गया और 170 से ज्यादा यात्रियों की जान बच गई. इस घटना पर काफी चर्चा हो चुकी है, लेकिन सबसे बड़े सवाल का जवाब अब तक नहीं मिला है. यह सवाल उस को-पायलट की पहचान को लेकर बना हुआ है, जो अब तक एक मिस्ट्री है. उसके नाम से लेकर हमले के उद्देश्य तक इन सवालों के जवाब आना बाकी हैं.
आरोपी को-पायलट फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों के शिकंजे में है. उससे पूछताछ हो रही है. हालांकि उसकी पूरी डिटेल सामने नहीं आई है, इसलिए गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. हम यहां जानेंगे कि आरोपी को-पायलट को लेकर अब तक कितनी जानकारी सामने आई है और किसने क्या कहा है.
आरोपी को-पायलट ओमान का नागरिक है.
8 महीने पहले ही उसने फ्लाईदुबई जॉइन की थी.
पायलट फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात की हिरासत में है.
'द टाइम्स ऑफ इजरायल' की एक रिपोर्ट में आरोपी के साथी पायलट ने कई बड़े खुलासे किए हैं. रिपोर्ट में साथी पायलट के हवाले से बताया गया कि हमलावर धार्मिक रूप से काफी कट्टर था. वह दिनभर में हद से ज्यादा नमाज पढ़ता और किसी महिला से हाथ तक नहीं मिलाता था. उसकी बातचीत और आदतों में यह कट्टरता साफ नजर आती थी.
आरोपी को-पायलट ओमान का था. इजरायल और ओमान दोनों देशों के लोगों के एक-दूसरे के यहां आने-जाने पर भी रोक है. ऐसे में यह सवाल खड़ा हो रहा है कि जब ओमान और इसराइल के बीच कोई कूटनीतिक संबंध ही नहीं हैं, तो वह दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट में कैसे पहुंच गया? इस सवाल को उठाते हुए इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा, 'जिन देशों के साथ हमारे राजनयिक संबंध नहीं हैं, वहां के पायलटों को लेकर हमारे सामने कुछ प्रतिबंध हैं. इसलिए जाहिर तौर पर वह इन प्रक्रियाओं से गुजरने में सफल रहा. तो यहां एक खामी है. हमें यह सुनिश्चित करने का तरीका तलाशना होगा कि हम पायलटों की पहले से जांच कर सकें.' वहीं ओमान की सरकार ने भी इस पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की है.
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आरोपी को-पायलट को इस्लामी कट्टरपंथ से पूरी तरह प्रभावित बताया. उन्होंने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा, 'अपराधी इस्लामी कट्टरपंथ से पूरी तरह प्रभावित था. वह यात्रियों समेत विमान को नष्ट करने ही आया था. हम जांच कर रहे हैं कि उसे किसने भेजा था, और जिसने भी उसे भेजा है, उसे इसकी बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीधे तौर पर ईरानी कनेक्शन की आशंका जता दी. उन्होंने कहा, 'हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या आरोपी के तार ईरान से जुड़े हैं. जो शुरुआती इनपुट्स मुझे मिल रहे हैं, उसके आधार पर जवाब 'हां' की तरफ इशारा करता है, लेकिन एजेंसियां अभी इस पर काम कर रही हैं.'