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बुधवार को फ्लाईदुबई FZ1073 की उड़ान के दौरान कॉकपिट में को-पायलट के हमले में घायल स्मित मच्छार को सऊदी अरब के तबुक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. 39 वर्षीय कैप्टन स्मित मच्छर की हालत अब स्थिर है. उनके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है. स्मित को इस हमले में सीने और पेट में गंभीर चोटें आई हैं. हमले के बाद स्मित के शरीर से काफी खून बह गया था. उनका ब्लड प्रेशर अचानक काफी लो हो गया और कुछ देर के लिए वह बेहोश भी हो गए थे. डॉक्टरों के मुताबिक अब उनकी हालत स्थिर है और उनका इलाज जारी है.
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं छोड़ी. उन्होंने करीब 180 लोगों को सुरक्षित विमान से बाहर निकालने और जमीन तक पहुंचाने में मदद की. इस दौरान उनकी अपनी जान पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा था. कैप्टन स्मित की हालत स्थिर होना हादसे के बाद राहत की खबर है. अस्पताल में डॉक्टर उनकी लगातार निगरानी कर रहे हैं.
First Visual of Captain Smit Machchhar!
The Hero who saved the World...!!! #SmitMachchhar #Flydubai #IndianPilot #IndianPride #IndianHeroes #Aviation #AviationSafety #Courage #India #BreakingNews@narendramodi @PMOIndia @IsraeliPM @flydubai pic.twitter.com/Ut9gfifWnV— SOUVIK CHONGDER (@chongder_s51958) October 1, 2026
बुधवार (30 सितंबर) को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के कॉकपिट में भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर उनके को-पायलट ने चाकू से हमला किया था. ये पायलट ओमान का नागरिक था. ओमान के इस को-पायलट ने स्मित को उन संवेदनशील अंगों पर चाकू से हमला किया था, जहां पर चोट लगने पर बहुत जल्दी जान जाने का खतरा रहता है. ओमान के इस पायलट ने स्मित के सीने के बाईं और और किडनी के पास चाकुओं से हमला किया था. ये वीडियो स्मित को फ्लाइट से अस्पताल ले जाने के वक्त का है.
अगर हम इसके पहले किसी आतंकी हमले की बात करें जिसमें हमला चाकुओं से हुआ तो हमें यही दिखाई देता है कि आतंकियों ने सबसे पहला निशाना गर्दन पर होता है. चूंकि स्मित खुद को-पायलट से भिड़ गए थे तो ऐसा हो सकता है कि उसे गर्दन पर वार करने का मौका न मिला हो लेकिन उसने अगला वार सीने के बाईं ओर किया जिससे साफ जाहिर होता है कि ये हमला पूरे सुनियोजित तरीके से स्मित की हत्या करने के लिए किया गया था. वहीं दूसरा हमला उनकी किडनी के पास हुआ. आपको बता दें कि आतंकियों को ट्रेनिंग के दौरान ऐसी खास जगहों पर वार करने के लिए तैयार किया जाता है.