ब्रिटेन में US एयरबेस पर कुछ बड़ा होने वाला था! पुलिस ने पकड़े 5 संदिग्ध; ईरान की तरफ क्यों जा रही शक की सुई
ब्रिटेन पुलिस ने रविवार को RAF फेयरफोर्ड एयरबेस के नजदीक से 5 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार सभी लोगों को लेकर कहा जा रहा है कि यह ईरान की साजिश हो सकती है.
ब्रिटिश पुलिस ने RAF फेयरफोर्ड एयरबेस के नजदीक से 5 संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है. इन सभी के खिलाफ आतंकवाद से जुड़े अपराध में कार्रवाई की जा रही है. तीनों आरोपियों को रविवार को उस समय हिरासत में ले लिया, जब उन्हें जानकारी मिली कि तीन बड़ी सफेद वैन को पश्चिमी इंग्लैंड में मौजूद RAF फेयरफोर्ड के सैन्य हवाई अड्डे की तरफ जाते हुए देखा गया था. RAF फेयरफोर्ड वही एयरबेस है, जिसका इस्तेमाल ईरान पर कार्रवाई के दौरान किया जाता रहा है. यहां अमेरिकी लंबी दूरी के बमवर्षक विमान तैनात रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक रविवार तड़के एक महिला एयरबेस के पास से गाड़ी चला रही थी. उसने वहां तीन संदिग्ध वाहन देखे और पुलिस को सूचना दी. ब्रिटिश आतंकवाद-विरोधी जांचकर्ताओं ने पकड़े गए लोगों के बारे में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा जा रहा है कि इसके पीछे कोई 'ईरानी मकसद' छिपा हो सकता है. एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ता रूस, ईरान और गैर-सरकारी आतंकी संगठनों से संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रहे हैं. ब्रिटिश पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए सभी पांच लोग लंदन के रहने वाले ब्रिटिश नागरिक हैं और उनकी उम्र 20 साल के आसपास है.
ईरान को लेकर क्या बोले रक्षा मंत्री?
जब ब्रिटेन के रक्षा मंत्री से ट्रंप के इस दावे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने न तो इसे विस्तार से स्वीकार किया और न ही खारिज किया. रक्षा मंत्री वेस ट्रीटिंग ने इस घटना को लेकर BBC से कहा कि वे जांच से संबंधित किसी भी तरह की अटकलें नहीं लगाएंगे, लेकिन हम इतना जरूर जानते हैं कि ईरान और उनके सहयोगी हमें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं. जबकि ईरान ने ब्रिटेन और अन्य जगहों पर हमलों या साजिशों में शामिल होने से बार-बार इनकार किया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
इसको लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी टिप्पणी की है. ट्रंप ने कहा कि ये संदिग्ध 'बड़ा नुकसान' करने की फिराक में थे. ट्रंप ने कहा,'ब्रिटेन के साथ मिलकर काम करते हुए यह शानदार काम हुआ. वे हमारे ठिकाने को बड़ा नुकसान पहुंचाना चाहते थे. ब्रिटिश अफसरों के साथ मिलकर काम करना बहुत अच्छा रहा और हमने उन्हें पकड़ लिया. हम काफी समय से उन पर नजर रख रहे थे और आखिरकार हमने उन्हें पकड़ लिया. धन्यवाद.'
ईरान और ब्रिटेन के बीच जारी दुश्मनी मई में उस वक्त उभर गई, जब ब्रिटेन ने ईरान से जुड़े एक दर्जन लोगों और संस्थाओं पर पाबंदी लगाने का ऐलान किया था.
ब्रिटेन ने किन 12 लोगों/संस्थाओं पर कार्रवाई की?
| # | नाम / संस्था | कार्रवाई का कारण |
|---|---|---|
| 01 | एकरेम अब्दुलकरीम ओजटुंक | ईरान से जुड़ी शत्रुतापूर्ण गतिविधियों से संबंध |
| 02 | नामीक सालिफोव | ईरान की शत्रुतापूर्ण गतिविधियों में मदद से संबंध |
| 03 | निहात अब्दुल कादिर असान | हमले की साजिश से जुड़े होने के आरोप |
| 04 | रेजा हमीदिरावरी | ईरान से जुड़ी शत्रुतापूर्ण गतिविधियों में शामिल होने का आरोप |
| 05 | फरहाद जरिंगलाम | ईरान से जुड़े नेटवर्क से संबंध |
| 06 | फज्लोलाह जरिंगलाम | ईरान समर्थित नेटवर्क से संबंध |
| 07 | मंसूर जरिंगलाम | संदिग्ध वित्तीय नेटवर्क से संबंध |
| 08 | नासेर जरिंगलाम | संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों से संबंध |
| 09 | पोरिया जरिंगलाम | ईरान समर्थित नेटवर्क से संबंध |
| 10 | जिंदाश्ती नेटवर्क | ईरान समर्थित शत्रुतापूर्ण गतिविधियों से जुड़ा नेटवर्क |
| 11 | बेरेलियन एक्सचेंज | संदिग्ध गतिविधियों को वित्तीय मदद देने का आरोप |
| 12 | जीसीएम एक्सचेंज | संदिग्ध गतिविधियों को वित्तीय सेवाएं देने का आरोप |
ब्रिटेन ने 11 मई 2026 को ईरान से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ कुल 12 नए नाम UK Sanctions List में जोड़े थे. इनमें 9 व्यक्ति और 3 संस्थाएं/नेटवर्क शामिल थे. ब्रिटिश सरकार के मुताबिक ये प्रतिबंध ईरान से जुड़ी कथित शत्रुतापूर्ण गतिविधियों, वित्तीय नेटवर्क और आपराधिक प्रॉक्सी गतिविधियों को निशाना बनाने के लिए लगाए गए थे.