पिछले कई दशकों से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का सामना कर रहे भारत ने एक बार फिर दुनिया के सामने इस्लामाबाद को खरी-खरी सुनाई है. भारत ने कहा कि आतंक किसी भी सूरत में दुनिया में दुनिया को मंजूर नहीं हो सकता, फिर उसे चाहे कोई भी नाम दिया जाए या उसके लिए कोई भी बहाना गढ़ा जाए. भारत ने यह भी दोटूक कहा कि आतंक से निपटने पर दोहरा मापदंड नहीं हो सकता.
पाकिस्तान को यह ताजा फटकार भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लगाई है. वे मंगलवार को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शासनाध्यक्षों की परिषद की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. मजे की बात ये है कि जब राजनाथ सिंह इशारों-इशारों में आतंकवाद पर पाकिस्तान को रौंद रहे थे, तब वहां के डिप्टी-पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार उनके सामने मंच पर बैठे हुए थे.
डार की मौजूदगी में आतंकवाद पर पाकिस्तान को घेरते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, 'आतंकवाद हमारे समाजों में नफरत फैलाता है. वह हमारे युवाओं को उन अवसरों से वंचित करता है. जिसे हासिल करने के वे हकदार हैं. यह दुनिया में विकास के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है. यह न केवल लोगों की जिंदगियों को लीलता है, बल्कि कारोबार और निवेश को भी तबाह कर देता है.'
राजनाथ ने आगे कहा, 'इसलिए हम कहते हैं कि दुनिया में आतंकवाद का कभी कोई औचित्य नहीं हो सकता. दुनिया को इस खतरे से निपटने के लिए एकजुट होना होगा. टेरर के पूरे तंत्र, उनकी फंडिंग और सुरक्षित पनाहगाहों को सख्ती से खत्म करना होगा. विभिन्न बहानों से आतंक का समर्थन करने वालों का दुनिया को बहिष्कार करना चाहिए.'
Terrorism, peace और development के लिए गंभीर खतरा है। यह निर्दोष लोगों की जान लेने के साथ-साथ investment, commerce और युवाओं के भविष्य को भी प्रभावित करता है। Terrorism के खिलाफ न कोई दोहरा मापदंड हो सकता है, न कोई justification। इसके पूरे ecosystem को सामूहिक रूप से समाप्त करना होगा।
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) October 20, 2026
दिलचस्प बात ये थी कि जब राजनाथ सिंह आतंकवाद पर पाकिस्तान को घेर रहे थे, तब पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार उनके सामने बैठकर चुपचाप सब कुछ सुनने को मजबूर थे. चूंकि राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर किसी मुल्क का नाम नहीं लिया था, इसलिए डार चाहकर भी उनकी टिप्पणियों का विरोध नहीं कर पाए. हालांकि, वे आतंकवाद पर नए भारत के सख्त तेवरों को भली-भांति जरूर समझ रहे थे.
बताते चलें कि SCO परिषद की सरकारी बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 2 दिन के आधिकारिक दौरे पर ताजिकिस्तान में हैं. जब वे दुशांबे हवाई अड्डे पर उतरे तो ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री इमोमाली सोबिरजोदा और वहां के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शेराली जोनोन ने उनका स्वागत किया. इसके बाद काफिले के साथ राजनाथ सिंह बैठक स्थल पर पहुंचे और वहां पर पाकिस्तान को दो-टूक सुनाई.
ध्यान देने वाली बात है कि यह पहली बार नहीं है, जब आतंकवाद के मुद्दे पर भारत ने दुनिया के सामने पाकिस्तान को इस तरह फटकार लगाई हो. इससे पहले भी विभिन्न प्लेटफार्मों पर भारत इस मुद्दे पर इस्लामाबाद को घेरता रहा है. हालांकि राजनयिक शिष्टाचारों की वजह से भारत खुलकर पाकिस्तान का नाम नहीं लेता, लेकिन भारतीय नेताओं और अधिकारियों की स्पीच से दुनिया समझ जाती है कि आतंक पर किस मुल्क को घेरा जा रहा है.