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  • /'जम्मू-कश्मीर हमारा था, है और रहेगा...' OIC के प्रस्ताव पर भारत का पलटवार, पाक को दिखाया आईना!

'जम्मू-कश्मीर हमारा था, है और रहेगा...' OIC के प्रस्ताव पर भारत का पलटवार, पाक को दिखाया आईना!

OIC में जम्मू-कश्मीर पर पारित प्रस्ताव पर भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और रहेगा. जानिए भारत ने पाकिस्तान और OIC को क्या करारा जवाब दिया.

Written ByRavindra Pratap Singh
Published: Oct 19, 2026, 04:54 PM IST|Updated: Oct 19, 2026, 06:06 PM IST
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'जम्मू-कश्मीर हमारा था, है और रहेगा...' OIC के प्रस्ताव पर भारत का पलटवार, पाक को दिखाया आईना!
Image Credit: PoK में बेकसूरों का कत्लेआम और भारत पर ज्ञान? MEA ने OIC और पाकिस्तान की उड़ाईं धज्जियां, दिया करारा जवाब

About the Author

    Ravindra Pratap Singh

    Ravindra Pratap Singh

    रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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    इराक की राजधानी बगदाद में 17-18 अक्टूबर, 2026 को आयोजित हुए इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में भारत को लेकर कुछ प्रस्ताव पारित किए गए. भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इन प्रस्तावों में शामिल भारत-विरोधी संदर्भों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. मंत्रालय ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा कि ये सभी टिप्पणियां पूरी तरह से मनगढ़ंत, पक्षपातपूर्ण और दुर्भावना से प्रेरित हैं, जिन्हें पाकिस्तान के इशारे पर शामिल किया गया है.

    भारत ने इस बात पर गहरा दुख जताया कि ओआईसी एक बार फिर पाकिस्तान के संकीर्ण और एजेंडा-संचालित खेल का मोहरा बनने के लिए तैयार हो गया. भारत सरकार ने अपनी पुरानी और स्पष्ट नीति को दोहराते हुए कहा कि ओआईसी को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई कानूनी या नैतिक अधिकार नहीं है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अटूट और अभिन्न अंग हैं, और रहेंगे.

    सियासी दुष्प्रचार विफल: भारतीय विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि किसी भी प्रकार के राजनीतिक एजेंडे या झूठे प्रचार से यह जमीनी हकीकत नहीं बदल सकती.

    विकास का नया दौर: अनुच्छेद 370 हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे, पर्यटन और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में जबरदस्त काम हुआ है, जिसका सीधा फायदा वहां के स्थानीय नागरिकों को मिल रहा है.

    PoK में मानवाधिकारों का हनन और पाक की हताशा: भारत ने पाकिस्तान-अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) की वास्तविक स्थिति को उजागर करते हुए कहा कि वहां की तस्वीर भारत के जम्मू-कश्मीर से बिल्कुल उलट है.

    यह भी पढ़ेंः PAK का बंटाधार: बलूचिस्तान में मुनीर आर्मी पर ‘रिमोट वार’, बटन दबाते ही उड़ी गाड़ी; मेजर समेत 7 मौतों का BLA का दावा

    PoK में पाक आर्मी निर्दोष जनता पर जुल्म ढा रही

    पाकिस्तान की सरकार और सेना ने पीओके में विरोध प्रदर्शन कर रहे निर्दोष नागरिकों पर भारी अत्याचार, हिंसा और दमन का दौर चला रखा है. इसमें महिलाओं और बच्चों समेत कई बेगुनाहों की जान गई है. भारत ने कहा कि पाकिस्तान कितना भी मीडिया ब्लैकआउट कर ले या सच्चाई छिपाने की कोशिश करे, वह अपने इन गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को दुनिया की नजरों से नहीं छिपा सकता.

    क्या है असली मुद्दा?

    विदेश मंत्रालय के अनुसार, जम्मू-कश्मीर से जुड़ा एकमात्र अनसुलझा मुद्दा यह है कि पाकिस्तान अपने अवैध और जबरन कब्जे वाले भारतीय हिस्से वाले PoK को तुरंत खाली करे. वह सीमा पार से फैलाए जा रहे आतंकवाद को समर्थन देना बंद करे.

    इस्लामफोबिया का झूठा आरोप

    ओआईसी के प्रस्तावों में भारत के खिलाफ इस्लामफोबिया जैसे मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण आरोप भी लगाए गए हैं. भारत ने कहा कि यह पाकिस्तान की एक हताश भरी कोशिश है, ताकि वह अपने देश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों, सांप्रदायिक हिंसा, शासन की नाकामी और राजनीतिक अस्थिरता से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटका सके. 

     OIC की साख पर भारत ने खड़े किए सवाल

    अंत में, भारत ने कहा कि बार-बार पाकिस्तान के झूठे प्रोपेगेंडा का समर्थन करने से ओआईसी (OIC) की अपनी निष्पक्षता, साख और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं. भारत ने उम्मीद जताई कि संगठन के बाकी सदस्य देश इस बात को समझेंगे और संस्था के भीतर सुधार के कदम उठाएंगे.

    यह भी पढ़ेंः घर में नहीं दाने, चले बड़ी-बड़ी डींगें मारने...शेखी बघार रहा था पाकिस्तान, IMF के पूर्व डायरेक्टर ने ही खोल दी पोल

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