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सात समंदर पार चीन की जासूसी: अमेरिकी सेना तक पहुंचे 2 एजेंट, कोर्ट ने सुनाई 30 महीने की सजा

Chinese Spy Jailed in America: अमेरिका ने 2 चीनी जासूसों को 3 साल की जेल की सजा सुनाई है. बताया जा रहा है कि दोनों चीनी नागरिक चीन के राज्य सुरक्षा मंत्रालय के आदेश पर काम कर रहे थे. इन्हें सेना की जानकारी इकट्ठा करने के लिए अमेरिका भेजा गया था.

सात समंदर पार चीन की जासूसी: अमेरिकी सेना तक पहुंचे 2 एजेंट, कोर्ट ने सुनाई 30 महीने की सजा

Chinese Spy in America: अमेरिका में फिर एक बार चीनी जासूसों के पकड़े जाने का मामला सामने आया है. अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, US मिलिट्री ऑफिसर्स को टारगेट कर गुप्त खुफिया गतिविधियों को अंजाम देने वाले 2 चीनी नागरिकों को 30-30 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है.

यह सजा 40 साल के रयान लाई और 39 साल के युआनसे चेन को अमेरिकी अटॉर्नी जनरल को सूचित किए बिना चीन सरकार के एजेंट के रूप में काम करने की साजिश रचने और ऐसा करने के लिए 3 साल की सुपरवाइज्ड रिलीज यानी निगरानी में रिहाई की सजा सुनाई गई है. 

साजिश के तहत अमेरिका में किया काम 


US जस्टिस डिपार्टमेंट ने शुक्रवार ( 30 अक्टूबर 2026) को बताया कि ये दोनों व्यक्ति चीन के राज्य सुरक्षा मंत्रालय के आदेश पर काम कर रहे थे. इनकी गतिविधियों में गुप्त रूप से कैश पेमेंट की व्यवस्था करना, सैन्य ठिकानों और कर्मियों के बारे में जानकारी जुटाना और अमेरिकी सेना के भीतर इंटेलिजेंस सोर्स तैयार करने में मदद करना शामिल था. मामले को लेकतर नेशनल सिक्योरिटी मामलों के सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन ए आइसेनबर्ग ने कहा,' लिरेन लाई और युआनसे चेन एक लंबी साजिश के तहत काम कर रहे थे. वे चीन के खुफिया अभियानों को समर्थन देकर और अमेरिका के भीतर लोगों को भर्ती करके अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करने की कोशिश कर रहे थे.' दोनों चीनी आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें ये सजा सुनाई गई.

डेड ड्रॉप तरीके से ट्रांसफर करते थे पैसे 


लाई ने 12 दिसंबर साल 2025 को दोनों अपराध कबूल कर लिए थे, जबकि चेन ने 20 फरवरी 2026 को अपना अपराध स्वीकार किया. डिपार्टमेंट की ओर से बताए गए कोर्ट डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, ये दोनों मई 2021 या उससे पहले से ही चीनी खुफिया सेवा के एजेंट के रूप में काम करने लगे थे. लाई ने चेन को भर्ती किया और शुरुआत में वह उसके और चीनी खुफिया अधिकारियों के बीच एक मध्यस्थ के रूप में काम करता था. विभाग ने बताया कि बाद में चेन को सीधे उन चीनी खुफिया अधिकारियों से ही काम मिलने लगे. सरकार के सेंटेंसिंग मेमोरेंडम में जनवरी 2022 में हुए लगभग 10,000 डॉलर के एक सीक्रेट पेमेंट का विवरण दिया गया है. चीन में रहते हुए इन आरोपियों ने अमेरिका में मौजूद कुछ लोगों के साथ मिलकर कैलिफोर्निया के लिवरमोर में एक एंटरटेनमेंट सेंटर के लॉकर में पैसों से भरा एक बैकपैक रखवाया था. विभाग ने इस तरीके को डेड ड्रॉप बताया है, यानी एक ऐसी व्यवस्था जिसमें शामिल लोग आपस में सीधे मिले बिना ही पैसे या जानकारी का आदान-प्रदान कर सकते हैं.

सेना के बारे में इकट्ठा की जानकारी 


विभाग के अनुसार, 2022 से चेन ने लाई और चीनी खुफिया अधिकारियों के निर्देश पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों और कर्मियों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी. इस काम में वाशिंगटन के ब्रेमर्टन स्थित 'नेवी बेस किटसैप' की तस्वीरें लेना और दक्षिणी कैलिफोर्निया में नौसेना भर्ती केंद्र के अंदर मौजूद नए रंगरूटों और सक्रिय नौसैनिकों की तस्वीरें और वीडियो लेना शामिल था. विभाग ने बताया कि चेन ने नौसेना के एक कर्मचारी के बारे में पहचान संबंधी जानकारी भी जुटाई थी. इसके अलावा उसने उन सैन्य कर्मियों की बायोग्राफिकल जानकारी भी रखी थी, जिन्हें इंटेलिजेंस टारगेट्स के रूप में देखा जा सकता था. विभाग ने बताया कि मार्च 2023 में लाई ने अमेरिका की यात्रा की और चीनी खुफिया सेवा के साथ गुप्त बातचीत के लिए चेन को एक मोबाइल फोन दिया. इसके बाद चेन ने 2024 और 2025 में चीन की यात्रा की, जहां उसने खुफिया अधिकारियों से मुलाकात की और अमेरिकी सेवा कर्मियों से जुड़े अन्य असाइनमेंट किए. ( इनपुट-IANS) 
 

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About the Author

Shruti Kaul

Shruti Kaul

ज़ी न्यूज में सब एडिटर. वनस्थली विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, राजस्थान से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन. ये राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मुद्दो से जुड़े विषयों पर लिखती हैं. लिखने के अलावा श्रुति को नई जगहों पर घूमना, संगीत सुनना, फिल्में देखना और फूड एक्सप्लोर करने का बेहद शौक है. 
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