SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

चीन का 'स्विच' वाला खेल... एक साथ ब्रिटेन की पुलिस और एंबुलेंस हो सकती है फेल, ड्रैगन की इस तकनीक ने किया दंग!

ब्रिटेन की खुफिया एजेंसियों ने इस बात की आंशका जताई है कि ईवी कारों की मदद से चीन ब्रिटेन में जासूसी कर रहा है. ईवी कारों में एक खास प्रकार की तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिस 'किल स्विच' कहा जाता है. इसकी मदद से चीन एक साथ ब्रिटेन की पुलिस और एंबुलेंस को रोक सकता है.

Written By abhinav tripathi
Published: Oct 04, 2026, 01:11 PM IST | Updated: Oct 04, 2026, 01:18 PM IST
Image Credit: ब्रिटेन को तकनीक से घेर रहा चीन. (फोटो- एआई)
Join

Britain News: ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसियों को एक ऐसी चेतावनी मिली है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन जब चाहे ब्रिटेन की पुलिस कारों के साथ एंबुलेंस को भी कंट्रोल कर सकता है. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद चिंता बढ़ गई है. ब्रिटेन की चीनी इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक पर निर्भरता काफी बढ़ रही है. 'द मेल ऑन संडे' की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि चीनी उपकरणों में एक खास 'किल स्विच' होता है, जिसके जरिए चीन केवल एक बटन दबाकर इन वाहनों को रोक सकता है.

दरअसल, रिपोर्ट में यह खुलासा ऐसे समय पर हुआ है, जब ब्रिटेन सरकार की ओर चीन के प्रति नरम रवैया अपनाया जा रहा है, जिसको लेकर सुरक्षा एजेंसियां चिंतित हैं. इस बात को भी जानना चाहिए कि चीनी उपकरणों का जाल केवल कारों तक सीमित नहीं है. ट्रांसपोर्ट नेटवर्क, अस्पताल, पावर ग्रिड और सोलर पैनल जैसी चीजों में भी ये किल स्विच मौजूद हैं.

पुलिस कारों पर चीन का पूरा कंट्रोल!

एक रिपोर्ट के अनुसार, अकेले लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस 1600 से अधिक चीनी तकनीक आधारित इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों का इस्तेमाल करती है. इन सभी वाहनों मे ऐसे सेल लगे हैं, जो सीधे मोबाइल नेटवर्क से जुड़े हैं. यही कारण है कि इस खतरे को भांपते हुए कई इमरजेंसी वाहनों को पूरी तरीके से खोलकर फिर से बनाया जा रहा है. जिससे चीनी हैकिंग की गुंजाइश को खत्म किया जा सके.

सोलर पैनल में मिले थे संदिग्ध पूर्जे

बताया जाता है कि सुरक्षा विशेषज्ञों ने जब ऊर्जा उपकरणों की जांच की, तो पाया कि उन्हें सोलर पैनल और विंड टर्बाइन के इनवर्टर में किल स्विच मिले. हैरान करने वाली बात है कि ये पूर्जे आधिकारिक कागजातों में दर्ज नहीं थे. इससे पूरे देश में ब्लैकआउट होने का खतरा है. इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि ब्रिटेन की सड़कों पर दौड़ रही चीनी 'युटोंग' इलेक्ट्रिक बसों में भी ऐसी खामी देखने को मिली. बताया जाता है कि नॉर्वे की एक कंपनी ने सबसे पहले पकड़ा था कि इन बसों में एक सिम कार्ड लगा है. बताया गया गया कि वह रोमानिया के नेटवर्क से जुड़ा है.

बिना चालकों वाली कारों पर नजर

माना जा रहा है कि अगर चीन की ओर से इलेक्टिक वैन और ट्रकों पर नियंत्रण कर लिया गया, तो ऐसे में पूरे ब्रिटेन का लॉजिस्टिक्स नेटवर्क ठप पड़ सकता है. इससे रास्ते और पुल जाम किए जा सकते हैं. सबसे हैरान करने वाली बात है कि अगले साल चीन कंपनी बायडू के साथ मिलकर उबर बिना चालक वाली टैक्सी कार लाने की तैयारी में है. कुछ जानकारों का मानना है कि इसके सिस्टम में विदेशी एजेंट आसानी से हैक कर सकते हैं.

पहले भी आए जासूसी के मामले

गौरतलब है कि साल 2022 में ब्रिटेन के तीन पीएम की ओर से इस्तेमाल की गई एक हाईब्रिड कार में ट्रैकिंग डिवाइस पाया गया था. यह डिवाइस सीधे डेटा भेज रहा था. जासूसी के इसी डर से रक्षा मंत्रालय ने सैन्य ठिकानों पर चीनी पूर्जे वाली इलेक्ट्रिक कारों की एंट्री को बैन कर दिया था. इसके अलावा खुफिया गठबंधन 'फाइव आइज' से अपनी इलेक्ट्रिक कारों को वायुसेना बेस (RAF Wyton) से दो मील दूर खड़ी करने को कहा गया.

सरकार के रवैया पर उठे सवाल

सबसे हैरान करने वाली बात है कि इतने बड़े खतरे के बावजूद ब्रिटेन की सरकार का रवैया काफी सुस्त माना जा रहा है. ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय में गए वरिष्ठ मंत्री एड मिलिबैंड पर आरोप है कि वे नेट जीरो के लक्ष्यों को पाने के लिए चीन आगे झुक रहे हैं. कुछ रक्षा विशेषज्ञों ने का कहना है कि सरकार ने नए मंत्रियों को तकनीक की कोई खास समझ नहीं है.

बताया जा रहा है कि जहां एक तरफ यूरोपीय संघ ने हैकिंग के आरोप में कई चीनी कंपनियों पर बैन लगा दिया है. ब्रिटेन सरकार अब यही मानकर बैठी है कि विकास सिर्फ चीनी निवेश से आ सकता है. कुछ जानकारों ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द से जल्द अपनी आंखें नहीं खोली, तो देश की सुरक्षा को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है. 

यह भी पढ़ें: Nvidia का Logo देखकर चोरों के उड़ गए होश! करोड़ों के लालच में चुराया ट्रक, खोला तो अंदर निकला ऐसा ‘खजाना’ कि सिर पकड़ लिया

यह भी पढ़ें: Samsung के इन फोन्स पर बंपर डिस्काउंट, ₹33,999 वाला फोन मिलेगा सिर्फ ₹25,999 में, जानिए कहां मिलेगा ऑफर
 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं।  पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखना पसंद है। वैश्विक घटनाक्रम के किसी भी जटिल मुद्दे को आसान भाषा में समझाना अच्छी तरीके से आता है। इससे पहले जागरण डॉट कॉम के साथ सब एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।  करियर की शुरुआत एक सैटेलाइट चैनल से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई काशी विद्यापीठ वाराणसी से की है। 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES