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आसमान में मिसाइलों का काल बनेगा चीनी 'ब्रह्मास्त्र'? फाइटर जेट के लिए ड्रैगन ने बनाया लेजर सिस्टम, कितना सटीक करेगा हमला

China Putting laser On Fighter Jet: चीन में आयोजित एक एग्जीबिशन में कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जिससे पता चलता है कि चीन एडवांस विमानों के लिए एयरबोर्न लेजर सिस्टम डेवलप कर रहा है.

आसमान में मिसाइलों का काल बनेगा चीनी 'ब्रह्मास्त्र'? फाइटर जेट के लिए ड्रैगन ने बनाया लेजर सिस्टम, कितना सटीक करेगा हमला

China News: दुनियाभर में इन दिनों जारी जंग के माहौल में भारत समेत कई देश अपने हथियारों को मजबूत कर रहे हैं. चीन भी इसमें बिल्कुल पीछे नहीं है. बताया जा रहा है कि बीजिंग का अगला टारगेट अपने छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को लेजर वेपन से लैस करना हो सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह उसे आने वाली मिसाइलों से बचाव करने में मदद कर सकता है.  

'साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, 15-17 सितंबर 2026 तक बीजिंग में आयोजित 14वें चाइना इंटरनेटशनल डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स एग्जीबिशन में एविएशन इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन ऑफ चाइना ( AVIC) के 'बीजिंग प्रेसिजन इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट फॉर एयरक्राफ्ट इंडस्ट्री' ने फाइटर एयरक्राफ्ट लेजर वेपन ट्रैकिंग और एमिंग सिस्टम के डीटेल्स पेश किए. इस दौरान बूथ डिस्प्ले में बताया गया कि सिस्टम का वजन 380 किलो से कम है.

लेजर सिस्टम बना रहा चीन? 


एग्जीबिशन के प्रमोशनल पोस्टर में लेजर ट्रैकिंग सिस्टम को एक बड़े बिना पूंछ वाले विमान की छवि के साथ दिखाया गया था. चीनी मिलिट्री एविएशन के रिसर्चर और लेखक एंड्रियास रूप्रेच ने इस सिस्टम को J-36 बताया. यह उसी 3 इंजन वाले जेट का अनौपचारिक नाम है, जिसे पहली बार दिसंबर 2024 में चेंगदू के ऊपर उड़ते हुए देखा गया था. माना जाता है कि यह चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन की ओर से डेवलप किए जा रहे छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है. रुप्रेच ने कहा कि AVIC के प्रदर्शन ने इस तरह के लेजर सिस्टम के अस्तित्व का अब तक का सबसे मजबूत सार्वजनिक संकेत दिया है.    

इन एयरक्राफ्ट्स में मददगार हो सकता है लेजर 


इंटरनेशनल डिफेंस न्यूज ऑर्गनाइजेशन 'वारसाइट' के एडिटर इन चीफ मार्क कैजलेट ने इस बात से सहमति जताई कि तस्वीर में दिखाया गया विमान J-36 था और उसमें हाई एनर्जी लेजर को रखने के लिए पर्याप्त जगह, वजन और पावर होने की संभावना है. उन्होंने कहा,' लेजर को छोटे विमानों के मुकाबले बड़े विमानों पर लागू करना कई मायनों में आसान है, क्योंकि बड़े प्लेटफार्मों में सिस्टम के लिए जगह, वजन और बिजली उपलब्ध होने की संभावना ज्यादा होती है.' इससे ये सिस्टम बॉम्बर एयरक्राफ्ट, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग प्लेटफॉर्म समेत बड़े और हाई वैल्यू एयरक्राफ्ट्स के लिए उचित हो सकती हैं.  

इस बात पर कन्फ्यूजन 


कैजलेट के मुताबिक प्रदर्शनी में दिखाए गए विमान का वजन लगभग 380 किलोग्राम हो सकता है. इसमें बीम डायरेक्टर, लेजर सोर्स और कूलिंग सिस्टम शामिल है, लेकिन पोस्टर में यह नहीं स्पष्ट किया गया कि ये वजन केवल ट्रैकिंग और टारगेटिंग यूनिट पर लागू होता है या एक लेजर सिस्टम पर. इसके अलावा इसमें इसकी इलेक्ट्रिक पावर आवश्यकताओं का भी डीटेल नहीं दिया गया है. वहीं, इस बात का भी कोई सार्वजनिक प्रमाण नहीं है कि इस तरह की एयरबोर्न लेजर सिस्टम को किसी चीनी फाइटर जेट में लगाया गया हो या उस पर इसका फ्लाइट टेस्ट किया गया हो.

लेजर के प्रदर्शन पर उठे सवाल


कैजलेट ने कहा कि अमेरिका की ओर से AIM-17B, AIM-260 और AIM-424 जैसी लॉन्ग रेंज की एयर टू एयर अटैक करने वाली मिसाइलों का विकास या तैनाती किए जाने के साथ चीन की ओर से ऐसे सिस्टम का उदय होना जो संभावित रूप से उनका मुकाबला कर सकें पूरी तरह चौंकाने वाला नहीं है. हालांकि, लेजर वास्तव में कैसा प्रदर्शन करेंगे इस बारे में कई सवाल अभी भी बने हुए हैं.

पहले भी इस पर काम कर चुका है चीन


चीन ने इससे पहले भी एरियल लेजर में इंटरेस्ट दिखाया है. साल 2020 में PLA ने एयरबोर्न लेजर अटैक पॉड और लेजर अटैक प्लेटफॉर्म के लिए कंट्रोल सॉफ्टवेयर के सप्लायर की तलाश में पर्चेज नोटिस जारी किए थे, जबकि चीन के एक निलिट्री प्रोग्राम ने एनर्जी स्टोरेज और इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई पर अकेडमिक रिसर्च का हवाला देते हुए कहा था कि उसने एक प्रोटोटाइप एरियल लेजर डेवलप किया है. इसके अगले साल चीनी रिसर्च ने एक ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से मिले डाटा का इस्तेमाल करके यह पता लगाया था कि विमान की स्पीड और वाइब्रेशन के बावजूद एक एरियल लेजर कैसे सटीक हमला कर सकता है

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About the Author

Shruti Kaul

Shruti Kaul

ज़ी न्यूज में सब एडिटर. वनस्थली विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, राजस्थान से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन. ये राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मुद्दो से जुड़े विषयों पर लिखती हैं. लिखने के अलावा श्रुति को नई जगहों पर घूमना, संगीत सुनना, फिल्में देखना और फूड एक्सप्लोर करने का बेहद शौक है. 
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