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चीन ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव केटी जकारिया को चीन का ज्यादा दौरा करने की सलाह दी. जकारिया ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि चीन में ढंग के टॉयलेट तक नहीं हैं. उनके इस बयान पर चीन के विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें फिर से चीन आने का न्योता दिया. अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक, ताइवान और मानवाधिकार जैसे मुद्दों पर लंबे समय से तनाव बना हुआ है. ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई प्रवक्ता की टिप्पणी ने दोनों देशों के बीच पहले से जारी खींचतान में एक नया मुद्दा जोड़ दिया है.
इसके पहले केटी जकारिया ने दक्षिणपंथी इन्फ्लुएंसर जैक पोसोबिएक को दिए एक इंटरव्यू में चीन की सुविधाओं पर टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा कि उन्हें साल 2016 का वह दौर याद है, जब यह चर्चा थी कि चीन जल्द ही अमेरिका को पीछे छोड़ देगा. उन्होंने कहा, 'मुझे यह बात अच्छी तरह याद है. मैं उस समय चीन से लौटी थी और सोच रही थी कि चीन अगला बड़ा देश कैसे बन सकता है? वहां तो ढंग के टॉयलेट भी नहीं हैं.' जकारिया अगले महीने फिर चीन की यात्रा पर जाने वाली हैं. उनकी इस टिप्पणी पर चीन ने तीखी प्रतिक्रिया देने के बजाय व्यंग्यात्मक अंदाज में जवाब दिया.
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'अगर उन्हें मौका मिले, तो हम उनका चीन में ज्यादा बार आने के लिए स्वागत करते हैं.' जवाब देते समय माओ निंग के चेहरे पर मुस्कान थी. उनकी टिप्पणी को जकारिया के बयान पर करारा तंज के तौर पर देखा जा रहा है. जकारिया पहले चीन में रह चुकी हैं और अगले महीने वहां जाने वाली हैं. उनकी इस टिप्पणी पर चीन ने तीखी प्रतिक्रिया देने के बजाय व्यंग्यात्मक अंदाज में जवाब दिया.
केटी जकारिया अपने पद संभालने के कुछ ही दिनों बाद सवालों के घेरे में आ गई हैं. व्हाइट हाउस में उनकी शुरुआती प्रेस ब्रीफिंग को लेकर भी आलोचना हुई थी. रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान वह कुछ बुनियादी सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे पाईं और एक मौके पर अपने पति को ही राष्ट्रपति कह बैठीं. उनकी शुरुआती प्रस्तुति को लेकर उठे सवालों के बीच चीन पर दिया गया बयान भी चर्चा का विषय बन गया है.
41 वर्षीय जकारिया की कानूनी योग्यता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. अमेरिका में वकालत करने के लिए बार परीक्षा पास करना जरूरी होता है, लेकिन उनसे जब पूछा गया कि उन्होंने यह परीक्षा कहां से पास की, तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सकीं. जकारिया खुद को वकील बताती हैं और कैलिफोर्निया स्थित एक रूढ़िवादी गैर-लाभकारी संगठन में जनरल काउंसल के तौर पर अपनी भूमिका का उल्लेख करती हैं. वह बीजिंग की एक लॉ फर्म में काम करने का अनुभव भी बताती हैं.
गुरुवार को अपनी कानूनी पृष्ठभूमि पर सवाल पूछे जाने पर जकारिया ने कहा कि उन्होंने बार परीक्षा देने के लिए पंजीकरण कराया था. हालांकि, पति के साथ चीन जाने की तैयारियों के दौरान वह दूसरी जिम्मेदारियों में उलझ गईं और काफी दबाव महसूस कर रही थीं. उन्होंने बताया कि अमेरिका लौटने के बाद अपने पहले बच्चे के जन्म के कारण उन्होंने दोबारा बार परीक्षा नहीं दी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपने अच्छे रिश्तों का जिक्र कर चुके हैं. दोनों नेता इस साल दो बार मुलाकात भी कर चुके हैं. इसके बावजूद अमेरिका और चीन के बीच कई अहम मुद्दों पर तनाव बना हुआ है. ऐसे समय में व्हाइट हाउस की प्रवक्ता की टिप्पणी ने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है. जकारिया के बयान पर चीन की प्रतिक्रिया के साथ उनकी प्रेस ब्रीफिंग और कानूनी योग्यता को लेकर उठे सवाल भी लगातार सुर्खियों में हैं.