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डायना के भाई की नई किताब से ब्रिटिश राजघराने में भूचाल: 'लॉटरी लगने जैसी खुशी' से लेकर ट्रेन में कैमिला तक के 10 बड़े खुलासे

प्रिंसेस डायना के भाई ने अपनी नई किताब में 1997 के पूरे घटनाक्रम की यादें बयां की हैं, जब प्रिंसेस डायना की सड़क हादसे में मौत हुई थी. उन्होंने अपनी किताब में 10 ऐसे दावे किए हैं, जिन्होंने ब्रिटिश राजघराने में खलबली मचा दी है. आइए जानते हैं डिटेल से...

डायना के भाई की नई किताब से ब्रिटिश राजघराने में भूचाल: 'लॉटरी लगने जैसी खुशी' से लेकर ट्रेन में कैमिला तक के 10 बड़े खुलासे
Image Credit: चार्ल्स स्पेंसर की नई किताब में किए गए दावों से ब्रिटिश राजघराने में खलबली मची.

प्रिंसेस डायना को गुजरे भले ही लगभग 30 साल हो गए हों, लेकिन उनसे जुड़ा विवाद आज भी नहीं थमा है. अब उनके छोटे भाई चार्ल्स स्पेंसर एक नई किताब लेकर आए हैं, जिसमें किए गए दावों से ब्रिटिश राजघराने में खलबली मच गई है. भाई का दावा है कि वे सिर्फ सच सामने रख रहे हैं, जबकि बकिंघम पैलेस का कहना है कि बहन को खोने का दर्द कई बार इंसान की यादों को धुंधला कर देता है. आइए जानते हैं कि आखिर इस किताब में ऐसा क्या है, जिसने शाही परिवार में खलबली मचा दी है.

दरअसल, चार्ल्स स्पेंसर की नई किताब 'स्वान सॉन्ग: डायना, माई सिस्टर' मंगलवार को रिलीज हुई है. इस किताब में उन्होंने अपनी बहन डायना की जिंदगी, उनके मुश्किल दिनों और मौत की पूरी कहानी अपने नजरिए से बताई है. चार्ल्स स्पेंसर वही भाई हैं, जिन्होंने 1997 में डायना के अंतिम संस्कार पर शाही परिवार के सामने बेहद बेबाक भाषण दिया था.

1. 'हम उसे बहुत जल्द भुला देंगे'

किताब का सबसे चौंकाने वाला दावा उस फोन कॉल को लेकर है, जो डायना के अंतिम संस्कार से ठीक पहले चार्ल्स स्पेंसर और प्रिंस चार्ल्स (अब किंग चार्ल्स) के बीच हुई थी.

ताबूत के पीछे चलने पर एतराज: स्पेंसर नहीं चाहते थे कि 15 साल के प्रिंस विलियम और 12 साल के प्रिंस हैरी को उनकी मां के ताबूत के पीछे सबके सामने पैदल चलाया जाए. स्पेंसर का कहना था कि डायना अपने मासूम बच्चों को कभी इतने बड़े सदमे और सार्वजनिक दबाव में नहीं देखना चाहती थीं.

चार्ल्स का भड़कना: स्पेंसर के मुताबिक, उनकी इस बात पर प्रिंस चार्ल्स फोन पर बुरी तरह गुस्सा हो गए और उन्होंने उल्टे स्पेंसर परिवार की जिम्मेदारी और फर्ज निभाने की समझ पर ही सवाल खड़े कर दिए.

वे कड़वे शब्द: गुस्से में आकर चार्ल्स ने कथित तौर पर कहा, "हम उसे बहुत जल्द भुला देंगे."

सन्न रह गए थे स्पेंसर: चार्ल्स की यह बात सुनकर स्पेंसर इतने दुखी और दंग रह गए कि उन्होंने फौरन फोन काट दिया. स्पेंसर का दावा है कि चार्ल्स ने ठीक यही शब्द कहे थे और उन्होंने उसी वक्त अपने परिवार व दोस्तों को भी इस बारे में बताया था.

2. 'लॉटरी जीतने जैसी खुशी': डायना की मौत के बाद चार्ल्स की आवाज पर बड़ा दावा

किताब का दूसरा सनसनीखेज दावा 31 अगस्त 1997 का है, जब पेरिस में डायना की मौत के तुरंत बाद स्पेंसर की फोन पर चार्ल्स से बात हुई थी.

आवाज में खुशी का अहसास: स्पेंसर ने याद करते हुए किताब में लिखा कि उस दिन जिन लोगों ने भी उन्हें फोन किया, वे सभी गहरे सदमे में थे और ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे, लेकिन जब चार्ल्स ने फोन किया, तो उनकी आवाज में अजीब सी खुशी और उत्साह छलक रहा था, मानो उनकी कोई बहुत बड़ी लॉटरी लग गई हो.

कैमिला से शादी का ख्याल: स्पेंसर ने आगे लिखा कि उन्हें ऐसा लगा जैसे चार्ल्स के मन में यह बात आ गई हो कि डायना की मौत के बाद अब वे अपनी पसंद की महिला, यानी कैमिला से शादी करने के लिए आजाद हो गए हैं.

सिर्फ अपना अंदाजा माना: हालांकि, स्पेंसर ने यह भी साफ किया कि यह पूरी तरह उनका अपना निजी अंदाजा (इंटरप्रिटेशन) था, न कि कोई ऐसी बात जो उन्हें पक्के तौर पर पता थी. बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने माना कि वे चार्ल्स के मन की बात पूरी तरह नहीं जान सकते थे, बस बातचीत के लहजे से उन्होंने यह नतीजा निकाला था.

3. विलियम और हैरी को मां के ताबूत के पीछे चलाने का विरोध

किताब का तीसरा बड़ा खुलासा इस बात को लेकर है कि स्पेंसर प्रिंस विलियम और प्रिंस हैरी को अपनी मां के ताबूत के पीछे पैदल नहीं चलने देना चाहते थे.

महल के अधिकारी ने दी थी जानकारी: 'द गार्जियन' के मुताबिक, स्पेंसर का कहना है कि बकिंघम पैलेस के एक बड़े अधिकारी ने उन्हें बताया था कि विलियम और हैरी अपनी मां के ताबूत के पीछे पैदल चलेंगे. इस पर स्पेंसर ने तुरंत कड़ा एतराज जताया और कहा कि डायना अपने मासूम बच्चों को ऐसे दर्दनाक तमाशे का हिस्सा कभी नहीं बनने देतीं.

चार्ल्स की दलील: स्पेंसर के मुताबिक, चार्ल्स ने अपने इस फैसले का बचाव करते हुए अपना पुराना उदाहरण दिया. चार्ल्स ने कहा कि वे खुद भी लॉर्ड माउंटबेटन के अंतिम संस्कार में उनके ताबूत के पीछे पैदल चले थे.

स्पेंसर का करारा जवाब: इस पर स्पेंसर ने पलटकर कहा कि माउंटबेटन की मौत के वक्त चार्ल्स एक बालिग (वयस्क) इंसान थे, जबकि विलियम और हैरी तो छोटे बच्चे हैं जो अपनी मां को खोने के गम में डूबे हैं.

बच्चों को चलना ही पड़ा: आखिरकार दोनों राजकुमारों को अपनी मां के ताबूत के पीछे पैदल चलना ही पड़ा. बाद के सालों में प्रिंस विलियम ने भी खुद माना कि वह पल उनके लिए मानसिक रूप से बेहद कठिन और झकझोर देने वाला था.

4. शादी से पहले ही डायना को सता रहा था डर: 'चार्ल्स मुझसे प्यार नहीं करते'

किताब में सिर्फ डायना के आखिरी दिनों की ही बात नहीं है, बल्कि चार्ल्स और डायना की शादी की शुरुआत का एक बड़ा सच भी सामने रखा गया है.

पिता से तोड़ने को कहा था रिश्ता: स्पेंसर का दावा है कि 1981 में शादी से कुछ ही दिन पहले डायना ने अपने पिता से साफ कह दिया था कि वे उस शख्स से शादी नहीं कर सकतीं जो उनसे प्यार ही नहीं करता.

चार्ल्स की वह बात जिसने तोड़ा दिल: स्पेंसर ने याद करते हुए बताया कि शादी से ठीक पहले उन्होंने अपनी बहन को बहुत बेचैन और परेशान देखा था. वजह यह थी कि कथित तौर पर चार्ल्स ने डायना से कह दिया था कि वे शादी से 'बहुत खुश' तो हैं, लेकिन उन्हें डायना से प्यार नहीं है.

15 साल में टूटा रिश्ता: तमाम संशयों के बावजूद 29 जुलाई 1981 को सेंट पॉल्स कैथेड्रल में दोनों की भव्य शादी हुई, लेकिन आगे चलकर दोनों का रिश्ता लगातार बिगड़ता गया, जिसके बाद 1992 में दोनों अलग हो गए और 1996 में आधिकारिक तौर पर उनका तलाक हो गया.

5. गहरे तनाव में थीं डायना, आत्महत्या तक का आया था ख्याल: स्पेंसर का दावा

किताब का पांचवां बड़ा खुलासा प्रिंसेस डायना की मानसिक स्थिति को लेकर है, जो उनके भीतर चल रहे गहरे दर्द को सामने लाता है.

गुस्सा और मानसिक उथल-पुथल: स्पेंसर अपनी किताब में लिखते हैं कि अपने सबसे बुरे और दुख भरे दिनों में डायना बहुत ज्यादा मानसिक तनाव से गुजर रही थीं. वे कभी-कभी भावनाओं में बहकर बुरी तरह बिफर पड़ती थीं.

चट्टान तक पहुंच गई थीं जान देने: स्पेंसर का दावा है कि एक बार डायना गाड़ी चलाकर दक्षिणी इंग्लैंड में समुद्र किनारे स्थित 'बीच हेड' की ऊंची पहाड़ी (क्लिफ) पर पहुंच गई थीं. वहां वे अपनी जिंदगी खत्म करने का विचार कर रही थीं.

बच्चों के प्यार ने रोक लिया: स्पेंसर के मुताबिक, उस वक्त अगर डायना ने कोई आत्मघाती कदम नहीं उठाया, तो उसकी इकलौती वजह विलियम और हैरी के प्रति उनका गहरा प्यार था. बच्चों की खातिर ही वे पीछे हट गईं.

स्पेंसर का अपना दावा: ध्यान देने वाली बात यह है कि यह पूरी तरह से डायना की निजी स्थिति को लेकर उनके भाई स्पेंसर का अपना संस्मरण और दावा है, न कि कोई चिकित्सीय (मेडिकल) रिपोर्ट.

6. 'मां की मौत के बाद हैरी को नहीं मिला जरूरी सहारा'

किताब का छठा अहम दावा 12 साल के प्रिंस हैरी की उस वक्त की हालत और देखभाल को लेकर है.

बेहद अकेले और बेसहारा दिख रहे थे हैरी: डायना के अंतिम संस्कार के बाद के पलों को याद करते हुए स्पेंसर ने लिखा कि 12 साल के हैरी उस समय बहुत छोटे, दुबले-पतले और एकदम अकेले नजर आ रहे थे.

इमोशनल सपोर्ट की कमी: स्पेंसर का कहना है कि अपनी मां को खोने के बाद हैरी को बहुत शांत माहौल और भावनात्मक सहारे की सख्त जरूरत थी, लेकिन उन्हें लगता है कि हैरी को वह जरूरी देखभाल और अपनापन नहीं मिला.

भविष्य को लेकर चिंता: न्यूज एजेंसी 'एसोसिएटेड प्रेस' (AP) के मुताबिक, संस्मरण में स्पेंसर अपने छोटे भांजे हैरी को लेकर काफी फिक्रमंद दिखे कि मां का साया छिन जाने का असर उनकी आगे की जिंदगी पर क्या पड़ेगा.

हैरी और मेगन से तुलना: स्पेंसर ने यह भी जोड़ा कि मीडिया ने जिस तरह से पहले डायना को घेरा था, ठीक वैसा ही सलूक बाद में हैरी और मेगन के साथ भी देखने को मिला. उन्हें इसमें अपनी बहन के पुराने दर्द की झलक दिखाई देती है.

7. मौत के बाद डायना को 'HRH' का दर्जा लौटाना चाहती थीं महारानी, भाई ने ठुकरा दिया था ऑफर

किताब का सातवां बड़ा खुलासा क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय और डायना के शाही दर्जे को लेकर है.

अंतिम संस्कार के बाद का ऑफर: स्पेंसर ने एक बेहद चौंकाने वाली बातचीत का जिक्र किया है. उन्होंने बताया कि डायना के अंतिम संस्कार के बाद जब परिवार उन्हें दफनाने के लिए उनके पैतृक घर 'अल्थॉर्प' ले जा रहा था, तब महारानी के प्राइवेट सेक्रेटरी रॉबर्ट फेलोज़ उनके पास आए.

महारानी की पेशकश: स्पेंसर के मुताबिक, रॉबर्ट फेलोज़ ने उनसे कहा कि महारानी एलिजाबेथ मरणोपरांत (मौत के बाद) डायना को उनका 'हर रॉयल हाइनेस' (HRH) का शाही दर्जा वापस लौटाना चाहती हैं.

तलाक के बाद छिन गया था यह दर्जा: दरअसल, 1996 में चार्ल्स से तलाक के बाद डायना से यह शाही स्टाइल 'HRH' छीन लिया गया था, हालांकि वे 'प्रिंसेस ऑफ वेल्स' बनी रही थीं.

स्पेंसर ने क्यों किया इनकार: स्पेंसर का कहना है कि उन्होंने उस वक्त यह ऑफर तुरंत ठुकरा दिया, क्योंकि उनका मानना था कि अब जब डायना इस दुनिया में ही नहीं रहीं, तो इस शाही दर्जे का कोई मतलब नहीं रह जाता. हालांकि, 'पीपल' मैगजीन के मुताबिक, स्पेंसर ने बाद में यह भी सोचा कि शायद उन्हें विलियम और हैरी की खातिर इस ऑफर को मान लेना चाहिए था.

8. रॉयल ट्रेन में कैमिला से मिले थे चार्ल्स? डायना को था गहरा शक: स्पेंसर का दावा

किताब में 1980 के उस चर्चित किस्से का भी जिक्र है, जब चार्ल्स और डायना की शादी नहीं हुई थी.

शाही ट्रेन का पुराना विवाद: उस दौर में एक अखबार ने खबर छापी थी कि एक सुनहरे बालों वाली (ब्लोन्ड) महिला गुपचुप तरीके से 'रॉयल ट्रेन' में प्रिंस चार्ल्स से मिलने पहुंची थी. इस खबर पर भारी विवाद खड़ा हो गया था, जिसके बाद बकिंघम पैलेस ने बयान जारी कर साफ किया था कि वह महिला डायना नहीं थीं.

डायना को किस पर था शक: स्पेंसर लिखते हैं कि डायना को बाद में पूरा यकीन हो गया था कि वह महिला असल में कैमिला पार्कर बाउल्स ही थीं.

शक की वजह: डायना के इस शक की सबसे बड़ी वजह वह जगह थी जहां ट्रेन रुकी थी. वह इलाका कैमिला के घर के बेहद करीब था, जिससे डायना का यह शक और ज्यादा पुख्ता हो गया था.

9. डोडी के पिता मोहम्मद अल-फayed ने डायना के साथ की थी गंदी हरकत: स्पेंसर का सनसनीखेज दावा

किताब का नौवां बड़ा खुलासा डोडी अल-फayed के अरबपति पिता मोहम्मद अल-फayed को लेकर है.

डायना से छेड़छाड़ का आरोप: स्पेंसर ने दावा किया है कि जब डायना और डोडी का रिश्ता शुरू हुआ था, तब डोडी के पिता मोहम्मद अल-फayed ने डायना को गलत तरीके से छुआ था और बेहद भद्दी टिप्पणी की थी.

डायना ने भाई को बताई थी आपबीती: स्पेंसर ने किताब में लिखा कि डायना ने घिन और नफरत के साथ उन्हें यह किस्सा सुनाया था. डायना के मुताबिक, डोडी के साथ रिश्ते के शुरुआती दिनों में मोहम्मद अल-फayed उनके पास आए, उनके शरीर को आपत्तिजनक तरीके से पकड़ा और गंदी नजर से देखते हुए कहा, "मिस्र में होने वाले ससुर का हक सबसे पहला होता है..."

पहले भी लग चुके हैं आरोप: स्पेंसर का यह दावा ऐसे वक्त में सामने आया है जब मोहम्मद अल-फayed पर पहले से ही कई महिलाओं के साथ यौन शोषण और गलत बर्ताव के गंभीर आरोप सार्वजनिक हो चुके हैं.

10. मीडिया के रवैये से अंदर तक टूट चुकी थीं डायना

किताब का दसवां दावा डायना की जिंदगी में मीडिया की दखलअंदाजी और उसके असर को लेकर है.

लगातार बढ़ता दबाव: स्पेंसर अपनी किताब में लिखते हैं कि जैसे-जैसे डायना की शोहरत बढ़ी और उनकी शादी टूटने की कगार पर पहुंची, मीडिया की नजरें उन पर और ज्यादा आक्रामक हो गई थीं. अखबारों और कैमरों के इस भारी दबाव ने उन्हें मानसिक रूप से बेहद परेशान कर दिया था.

अंतिम संस्कार से संपादकों को रखा दूर: प्रेस के इस बर्ताव से स्पेंसर इतने खफा थे कि उन्होंने डायना के अंतिम संस्कार के समय अखबारों के संपादकों को दूर रखने के कड़े इंतजाम किए थे.

आलोचनाओं ने तोड़ दिया था: बीबीसी से बातचीत में स्पेंसर ने बताया कि लगातार होने वाली तीखी आलोचनाओं ने डायना का हौसला पूरी तरह तोड़ दिया था और वे अंदर से बिखर गई थीं.

हैरी और मेगन के हालात से तुलना: स्पेंसर का मानना है कि आज प्रिंस हैरी और मेगन मार्कल जिस तरह मीडिया के निशाने पर रहते हैं, वह हूबहू वैसा ही है जैसा कभी डायना ने झेला था. उन्हें आज के हालात में डायना के उसी पुराने दर्द की झलक दिखाई देती है.

1981 से 1997: प्रिंसेस डायना के अहम पड़ाव

जुलाई 1981: 20 वर्ष की उम्र में डायना की शादी प्रिंस चार्ल्स से हुई थी.

1982 और 1984: प्रिंस विलियम और फिर प्रिंस हैरी का जन्म.

1990 का दशक: मीडिया की चकाचौंध और दबाव के बीच रिश्ते में दरार

दिसंबर 1992 में अलगाव का आधिकारिक ऐलान.

नवंबर 1995: डायना का ऐतिहासिक बीबीसी पैनोरमा इंटरव्यू.

अगस्त 1996: तलाक को अंतिम रूप दिया गया, डायना से 'हर रॉयल हाइनेस' (HRH) का दर्जा वापस ले लिया गया.

31 अगस्त 1997: पेरिस में एक भीषण सड़क हादसे में 36 वर्ष की उम्र में डायना का दुखद निधन.

सितंबर 1997: डायना का अंतिम संस्कार; 15 वर्षीय विलियम और 12 वर्षीय हैरी अपनी मां के ताबूत के पीछे चले और भाई चार्ल्स स्पेंसर ने ऐतिहासिक भाषण दिया.

22 सितंबर 2026: चार्ल्स स्पेंसर ने अपनी किताब 'स्वान सॉन्ग: डायना, माई सिस्टर' प्रकाशित कर इन अनसुलझे विवादों को फिर हवा दे दी.

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About the Author

Bhoopendra Rai

Bhoopendra Rai

पत्रकारिता में 9 साल से सक्रिय भूपेंद्र कुमार राय Zee News में सीनियर सब एडिटर के तौर पर न्यूज टीम का हिस्सा हैं, देश विदेशी की खबरें कवर करते हैं. 2017 में ETV Bharat (हैदराबाद) से करियर की शुरुआत करने के बाद वे 2020 में Zee News पहुंचे, जहां 2022 तक काम किया. 2023 में News24 की स्पोर्ट्स टीम को लीड करने का मौका मिला. इसके बाद India Daily Live में बतौर चीफ सब एडिटर स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े. 2024 में दोबारा News24 लौटे और नई स्पोर्ट्स वेबसाइट लॉन्चिंग का अहम हिस्सा रहे. अक्टूबर 2025 में News24 से अलविदा लेकर एक बार फिर Zee News पहुंचे हैं. खेलों में गहरी रुचि रखते हैं और क्रिकेट वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स, ओलंपिक गेम्स, हॉकी वर्ल्ड कप समेत बड़े खेल इवेंट को कवर करने का अनुभव है. ब्रेकिंग न्यूज, क्रिकेट एनालिसिस और किस्से-कहानियों पर अच्छी पकड़ है. जी न्यूज में खेल से जुड़ी खबरों के बाद अब न्यूज टीम के साथ रियलटाइम न्यूज पर काम कर रहे हैं. एक्सप्लेनर और किसी भी मुद्दे पर रिसर्च के साथ उसे आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. आप Bhoopendra.Rai@zeemedia.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facebook से जुड़ सकते हैं.
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