App

Explainer: ट्रंप से टकराव नहीं, अमेरिकी निर्भरता में कटौती; भारत की दिखाई राह पर कनाडा-यूरोप की नई जुगलबंदी?

अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच कनाडा अपने आर्थिक और रणनीतिक विकल्पों का दायरा बढ़ा रहा है. इस बीच यूरोपियन यूनियन ने एक इमोशनल दांव खेलकर कनाडाई पीएम कार्नी को नई साझेदारी का प्रस्ताव दिया है.

Explainer: ट्रंप से टकराव नहीं, अमेरिकी निर्भरता में कटौती; भारत की दिखाई राह पर कनाडा-यूरोप की नई जुगलबंदी?
Image Credit: कनाडा और अमेरिका के बीच बढ़ा दबाव (फोटो- एआई)

Canada US Tension: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप साल भर से कनाडा की संप्रभुता का मजाक उड़ाते हुए उसे अमेरिका का 51वां राज्य बनाने का मंसूबा पाले हैं. करीब सालभर से दी जा रही धमकियों, सार्वजनिक तानों के साथ-साथ कनाडा पर 'टैरिफ बम' फोड़ने का डर दिखाकर बनी परिस्थितियों के चलते अमेरिका का पारंपरिक सहयोगी कनाडा उससे दूर छिटककर नई संभावनाएं तलाश रहा है. अमेरिका के साथ बढ़े व्यापारिक तनाव के बीच कनाडाई प्रधानमंत्री कार्नी आर्थिक और रणनीतिक विकल्पों का दायरा बढ़ाने की कोशिशों के बीच यूरोप के दौरे पर हैं.

इस दौरान यूरोपीय संघ ने कनाडा को ईयू की सामान्य सदस्यता से अलग एक संभावित नई साझेदारी का प्रस्ताव देकर नया इमोशनल दांव खेला है. यूरोप की ये कूटनीतिक चाल कामयाब रही तो कनाडा, अमेरिका से रिश्ते खत्म करके यूरोप को अपना फुलटाइम पार्टनर बना सकता है. हांलाकि ये सब अभी कयासबाजी है, लेकिन कूटनीति के जानकार इसे कनाडा-यूरोप के बीच नए संभावित रिश्तों की बुनियाद के तौर पर देख रहे हैं.

कनाडा से नजदीकी बढ़ा रहा यूरोप 

अमेरिका और कनाडा के रिश्तों में जारी भारी तनाव के बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने यूरोप के साथ संबंधों को और मजबूत करने का संकेत दिया है. डिप्लोमेसी की इस संभावित शुरुआत का पहला बड़ा कदम उस वक्त नजर आया जब यूरोपीयन यूनियन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कनाडा को यूरोपीय संघ का पहला ‘एसोसिएट मेंबर’ बनने का न्योता दिया. हालांकि, फिलहाल यूरोपीय संघ की व्यवस्था में ऐसी किसी सदस्यता का कोई औपचारिक प्रावधान नहीं है, लेकिन फिर भी इसे भविष्य के एक नए संकेत की तरह देखा जा रहा है.

फ्रांस में पक रही कूटनीति की खिचड़ी!

कार्नी ने भी 24 घंटे के भीतर ईयू का ऑफर एक्सेप्ट करके कनाडा-यूरोप की नई जुगलबंदी की अटकलों को हवा दे दी. कार्नी ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया. फ्रांस के स्ट्रासबर्ग स्थित यूरोपीय संसद के खचाखच भरे सदन को संबोधित करते हुए कार्नी ने कहा, हम प्रेसिडेंट उर्सुला के आभारी हैं और यूरोपियन संघ की इस महत्वाकांक्षा का स्वागत करते हैं. जब उन्होंने ये बात कही, खुद उर्सुला वॉन डेर लेयेन वहां मौजूद होकर ताली बजा रही थीं.

अब यूरोप को धमका रहे ट्रंप?

ट्रंप को कनाडा और यूरोपी की गलबहियों की खबर रास नहीं आई. नई जुगलबंदी से भड़के ट्रंप ने इस बार यूरोप को धमकाने में देर नहीं लगाई. ट्रंप ने कहा, अगर कनाडा के साथ किसी नए समझौते को अमेरिका के लिए ‘शत्रुतापूर्ण कदम’ माना गया, तो अमेरिका, यूरोपीय संघ पर भी ‘भारी टैरिफ’ की बमबारी कर सकता है. मानो ट्रंप, पड़ोसी कनाडा को बार-बार ये कूट संदेश दे रहे हों कि - 'तुम अगर मुझको न चाहो तो कोई बात नहीं,तुम किसी और को चाहोगी तो मुश्किल होगी.'

बीते कुछ महीनों से कनाडा और यूरोपियन यूनियन, दोनों ट्रंप की आक्रामक ट्रेड पॉलिसी का शिकार हो रहे हैं. इसी वजह से दोनों पक्ष अपनी अर्थव्यवस्थाओं को सुरक्षित रखने के लिए नए साझेदार तलाश रहे हैं. इसी कड़ी में यूरोप ने भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कर चुका है.

इन क्षेत्रों में साथ काम कर सकते हैं

अभी यूरोपियन यूनियन से कनाडा को होने वाले प्रमुख निर्यात में कारें, मशीनरी और दवाइयां शामिल हैं. वहीं कनाडा से यूरोप को कच्चा तेल, उर्वरक, महत्वपूर्ण खनिज और बेस मेटल्स निर्यात किए जाते हैं. इस तरह से देखें तो यूरोप और कनाडा के बीच ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा, AI, एजुकेशन, हेल्थ सेक्टर के अलावा टूरिज्म और युवाओं की आवाजाही समेत संभावित सहयोग के प्रमुख क्षेत्र हो सकते हैं. हालांकि ‘एसोसिएट मेंबर’ का दर्जा अभी EU की औपचारिक व्यवस्था का हिस्सा नहीं है और CETA की लंबित मंजूरी समेत कई सवालों पर आगे बातचीत जरूरी होगी. उधर ट्रंप की दोनों देशों को दी गई टैरिफ की धमकियों ने इस प्रस्ताव को महज कारोबारी नहीं, बल्कि व्यापक ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों का मुद्दा भी बना दिया है.

पीएम मोदी के विजन और BRICS के दिखाए रोडमैप पर चलना चाह रहे कनाडा और यूरोप?

फ्रांस में गर्मजोशी से भरे स्वागत से गदगद होकर गरजे कॉर्नी ने कहा, 'यूरोप के साथ रिश्ते मजबूत करने का मकसद ‘आत्मनिर्भरता’ हासिल करना नहीं, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों से निपटने की क्षमता बढ़ाना है. मैं कोई तीसरा गुट बनाने का प्रस्ताव नहीं दे रहा हूं, ताकि एक बड़ी शक्ति का प्रतिद्वंद्वी बना जा सके.'

कार्नी ने अपनी बात बढ़ाते हुए कहा, 'कनाडा किसी दूसरे देश पर प्रभुत्व जमाने के लिए ताकत हासिल नहीं करना चाहता. कनाडा ऐसी मजबूती चाहता है जिससे कोई भी देश हमारे खुले बाजारों को नियंत्रित न कर सके, उसकी संप्रभुता को कमजोर न कर सके, हमारी क्षेत्रीय अखंडता को खतरा न पहुंचा सके और हमारी आजादी, लोकतंत्र तथा कानून के शासन को नुकसान न पहुंचा सके.

बाद में पत्रकारों से बातचीत में कार्नी ने कहा कि किसी भी नए यूरोपीय-कनाडाई गठजोड़ की अंतिम संरचना पर कनाडाई सांसद चर्चा करेंगे और जरूरत पड़ी तो वोटिंग करके यूरोप के साथ रिश्तों का रास्ता निकालेंगे. उन्होंने ये भी साफ किया कि कनाडा न तो यूरोपीय संघ का पूर्ण सदस्य बनने की स्थिति में है और न ही ऐसा करने की कोशिश कर रहा है.

कनाडा और यूरोपियन यूनियन का ये कदम हाल ही में भारत द्वारा आयोजित ब्रिक्स समिट 2026 की मेजबानी के एजेंडे के रोडमैप से मेल खाता है. ब्रिक्स देशों ने आपसी मुद्रा में कारोबार बढ़ाने पर जोर दिया है, वो ऐसा कर भी रहे हैं. लेकिन भारत समेत ब्रिक्स के किसी भी सहयोगी देश ने ये नहीं कहा कि हम सीधे डॉलर को बाईपास कर रहे हैं या ब्रिक्स की अपनी अलग करेंसी लाकर किसी वैश्विक ताकत को चुनौती नहीं दे रहे हैं. गौरतलब है कि भारत के रूस से पारंपरिक रिश्ते हैं.

ब्रिक्स के संस्थापक देशों से अमेरिका की पुरानी अदावत रही है. रूस और चीन उसे फूटी आंख नहीं सुहाते तो भारत से उसे ये चिंता बनी रहती है कि टेक सेक्टर में भारतवंशियों का दबदबा कहीं उन्हें अमेरिका में निर्णायक स्थिति में न पहुंचा दे. ब्राजील में वो हमेशा से अपनी पसंद का पपेट प्रेसिडेंट बिठाना चाहते हैं. ब्राजील के वर्तमान राष्ट्रपति लूला, ट्रंप के मुखर आलोचक हैं. ट्रंप और लूला के बीच 36 का आंकड़ा है. दोनों के बीच लंबे समय से बातचीच बंद है.

अमेरिका ने ब्राजील पर भारी टैरिफ ठोक रखा है, इसके बजाए ब्राजीलियाई राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला डा सिल्वा झुकने के बजाए ट्रंप को और चिढा रहे हैं. लूला ने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में ये तक कह दिया था कि उनका डोनाल्ड ट्रंप के साथ कोई संबंध नहीं हैं.' ट्रंप वहां दक्षिणपंथी पूर्व राष्ट्रपति जाएर बोलसोनारो को ही सत्ता में देखना चाहते हैं, लूला ने बोलसोनारो पर कानूनी शिकंजा कसा तो इससे चिढ़े ट्रंप ने ब्राजील पर एक्स्ट्रा टैरिफ लगा दिया.

इसी तरह अब यूरोप और कनाडा भी ट्रंप के कथित तानाशाही रवैये से तंग आकर भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी के दिखाए रास्ते पर चलते नजर आ रहे हैं. डॉलर यानी अमेरिका से सीधी दुश्मनी नहीं लेनी है, लेकिन अपने हितों की सुरक्षा के लिए अपने सहयोगियों के साथ मजबूती से आगे बढ़ना है.

यूरोपीयन कमीशन के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल कनाडा और EU के बीच वस्तुओं तथा सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 130.8 अरब यूरो यानी करीब 151 अरब डॉलर तक पहुंच गया था. बीते एक दशक में इसमें 80 प्रतिशत से ज्यादा का इजाफा हुआ है. कनाडा-यूरोप की नेक्स्ट लेवल की दोस्ती अमेरिका को भविष्य में महंगी पड़ सकती है.

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Shwetank Ratnamber

Shwetank Ratnamber

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
Read More