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ब्राजील का BOSS कौन: राष्ट्रपति लूला को ट्रंप समर्थक बोल्सोनारो के बेटे ने 'हराया'; 25 अक्टूबर को रन ऑफ में 'फाइनल' मुकाबला

ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आ गए हैं. चुनावों में वर्तमान राष्ट्रपति लूला को तगड़ा झटका लगा है. पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो ने उन्हें हरा दिया है. हालांकि फ्लावियो बोल्सोनारो भी खुद बहुमत का आंकड़ा नहीं छू सके. इसलिए विजेता का ऐलान 25 अक्टूबर को 'रन ऑफ' यानी फाइनल मुकाबले के बाद होगा.

ब्राजील का BOSS कौन: राष्ट्रपति लूला को ट्रंप समर्थक बोल्सोनारो के बेटे ने 'हराया'; 25 अक्टूबर को रन ऑफ में 'फाइनल' मुकाबला
Image Credit: Lula da Silva (AP)

ब्राजील के वर्तमान राष्ट्रपति लूला डिसिल्वा तमाम कोशिशों के बाद भी देश की जनता का दिल नहीं जीत पाए और राष्ट्रपति चुनाव की रेस में पिछड़ गए. कड़े मुकाबले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुखर विरोधी लूला को पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे ने हरा दिया है. नतीजों की टेली देख यह लगता है कि लूला ने बोल्सोनारो फैमिली को जिस तरह भ्रष्टाचारी बताकर चुनाव जीतने का जो दांव खेला था, वह उलटा पड़ गया. लोगों ने लूला की दलीलें खारिज करते हुए जेल में बंद पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे पर खूब प्यार लुटाया.

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ब्राजील में हुए चुनावों में 97 फीसदी से अधिक वोटों की गिनती पूरा होने के बाद विपक्ष के नेता फ्लावियो बोल्सोनारो 47.45 प्रतिशत वैध वोटों के साथ आगे थे, जबकि लूला को 44.66 फीसदी वोटों के साथ चुनाव की पहली रेस हार गए. 

रन ऑफ की रेस

पहले दौर में कोई भी उम्मीदवार सीधे जीत के लिए जरूरी 50 प्रतिशत का आंकड़ा पार नहीं कर सका. इसलिए अब रन ऑफ में फ्लावियो बोल्सोनारो और लूला दोनों 25 अक्टूबर को फिर मुकाबले में होंगे. अगली रेस के बाद नए राष्ट्रपति का ऐलान होगा. बताते चलें कि अगले राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 जनवरी, 2027 से शुरू होगा, उससे पहले स्थिति साफ हो जाएगी.

सर्वे के अनुमान गलत साबित

नतीजों के मुताबिक फ्लावियो बोल्सोनारो का प्रदर्शन चुनाव से पहले किए गए कई ओपिनियन पोल के अनुमान से कहीं बेहतर रहा. प्री पोल सर्वे में कांटे की टक्कर के संकेत मिले थे और पहले दौर में लूला को मामूली बढ़त बताई गई थी. लेकिन जब ईवीएम खुली को लूला बुरी तरह से पिछड़ते चले गए.

लिबरल पार्टी के 45 वर्षीय फ्लावियो बोल्सोनारो ने रियो डी जेनेरियो में वोट डालने के बाग पहले ही दौर में जीत हासिल करने का भरोसा जताया था.

गौरतलब है कि ब्राजील चुनाव में इस बार लूला बनाम बोल्सोनारो के अलावा ट्रंप फैक्टर भी अहम रहा. ट्रंप और उनके चहेतों ने बोल्सोनारो की पार्टी के पक्ष में हवा बनाने के लिए खूब काम किया.

रविवार को हुए चुनाव में करीब 16 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. इस चुनाव में सांसदों, गवर्नरों और सीनेटरों के लिए भी मतदान हुआ.

दांव उलटा पड़ा! 

गौरतलब है कि ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो जेल में बंद हैं. उन्हें 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद तख्तापलट की साजिश रचने जैसे कई गंभीर आरोपों में 27 साल और 3 महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी. लैटिन अमेरिकी देशों के एक्सपर्ट्स का मानना है कि लूला के आक्रामक प्रचार के बीच बोल्सोनारो पर पर्सनल कमेंट करने से पैदा हुई सहानुभूति का फायदा विपक्षी पार्टी को मिला.

ट्रंप फैक्टर

एपी की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस से आए दिन लूला को खरी-खोटी सुनाते हुए अपने चहेते बोल्सोनारो के बेटे के पक्ष में बैटिंग कर रहे थे. बोल्सोनारो के परिवार के प्रति उनका खुला समर्थन सार्वजनिक रूप से कई बार दिख चुका है. बकौल ट्रंप, 'ब्राजील का विकास बोल्सोनारो ही कर सकते हैं, इसलिए जनता को लूला की सरकार को हटा देना चाहिए.'

ब्रिक्स समिट में नहीं आए थे लूला

आपको बताते चलें कि ब्राजील चुनाव की तैयारियों के चलते अभी भारत में हुई ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने लूला नहीं आ सके थे. उन्होंने अपने प्रतिनिधि को भेजा था, लेकिन उनकी तमाम सियासी दांवपेंच काम नहीं आए और उन्हें अपने धुरविरोधी के बेटे के खिलाफ पहले दौर में हार का मुंह देखना पड़ा.

अबकी बार दक्षिणपंथी सरकार?

ब्राजील के चुनाव पर पूरे लैटिन अमेरिका की नजर है. बीते कुछ सालों में इस इलाके के कई देशों में दक्षिणपंथी नेता ही राष्ट्रपति चुने गए हैं. इनमें से कई नेताओं के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के साथ करीबी राजनीतिक रिश्ते हैं. इसी वजह से ब्राजील में दूसरे दौर का चुनाव सिर्फ देश के अंदर ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अहम माना जा रहा है.

25 अक्टूबर को लूला और फ्लावियो बोल्सोनारो के बीच होने वाला फाइनल मुकाबला ये तय करेगा कि ब्राजील में वामपंथी नेतृत्व ही जारी रहेगा या लैटिन अमेरिका के कुछ हिस्सों में बढ़ते दक्षिणपंथी प्रभाव के बीच देश की सत्ता भी दक्षिणपंथ की ओर जाएगी.

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Shwetank Ratnamber

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श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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