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संयुक्त राष्ट्र के आयोजन से इतर न्यूयॉर्क में ईरान-अमेरिका के बीच बाचतीच की खबरों के बीच ओमान का तट एक बार फिर भारतीय नाविक की मौत का गवाह बना है. भारत ने इसकी कड़ी निंदा की है. मिडिल-ईस्ट से आई तमाम रिपोर्ट्स के मुताबिक 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद खाड़ी में काम कर रहे सैकड़ों भारतीय नाविकों के परिजनों के लिए ये 17वीं ऐसी बुरी खबर थी, जिसमें उन्हें अपनों के खोने की मनहूस खबर पता चली.
भारत ने कहा कि इस इलाके में व्यावसायिक पोत परिवहन, नाविकों और असैन्य अवसंरचना को निशाना बनाना बंद होना चाहिए.
विदेश मंत्रालय ने बताया कि एमवी केप डाओ पर सवार 20 भारतीय नाविकों में से 19 को बचा लिया गया है. उसने कहा कि मस्कट में भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और भारतीय नाविकों की जल्द वापसी के लिए ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है. वहां पर सहायता और जरूरी सहयोग के लिए हम ओमानी अधिकारियों का धन्यवाद करते हैं.
Our statement on the attack on a commercial vessel off the coast of Oman
https://t.co/gXzupV0MKT pic.twitter.com/GcrLw0FFmy— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) September 23, 2026
एमईए ने अपने बयान में आगे लिखा, 'क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों की लगातार घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं. हम तनाव को कम करने और क्षेत्र में शांति की जल्द बहाली के लिए संवाद और कूटनीति के अपने आह्वान को दोहराते हैं. उस पूरे क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए, और क्षेत्र के अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों के माध्यम से स्वतंत्र और अबाध आवाजाही तथा व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए.'
ओमान के आसपास गुजरने वाले कारोबारी जहाजों और तेल-गैस के टैंकरों को निशाना बनाकर समुद्री हमलों का सिलसिला कोई नया चलन नहीं है. केप डाओ से पहले 12 जुलाई को GFS Galaxy पर हुए हमले में लापता भारतीय इंजीनियर हेरंब करमरकर की बाद में मौत की पुष्टि हुई थी. उससे भी पहले एमटी सेटेबेलो पर हुए अटैक में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी.
इसी साल जुलाई में केंद्र की मोदी सरकार ने संसद में मिडिल ईस्ट के तनाव की जानकारी देते हुए बताया था कि वहां चल रहे सैन्य संघर्ष में 16 भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी, जिनमें 10 नाविक शामिल थे. अब Cape Dao की नई घटना के बाद यह आंकड़ा कम से कम 17 भारतीयों की मौत तक पहुंच गया है.
FSUI letter to the Hon’ble Prime Minister — Ref. FSUI/PMO/038/2026 | 23.09.2026
M.V. Cape Dao (IMO 9219020), bound Mina Saqr to India, was attacked off Oman today. Two hits on the port side — engine room and C-Deck. 28 crew, 20 Indian.
Wiper Suraj Yadav, 26, of Deoria, Uttar… pic.twitter.com/BTXGj03hNz— FSUI (@FSUIINDIA) September 23, 2026
फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया' की एक प्रेस रिलीज के मुताबिक मृतक नाविक का नाम सूरज है जो यूपी के देवरिया का रहने वाला है. ये एक ऐसा संगठन है जो दुनिया भर में समुद्री कर्मचारियों (सीफेयरर्स) का प्रतिनिधित्व करता है और उनके अधिकारों के लिए काम करता है. FSUI ने आगे बताया कि केप डावो पर दो टॉरपीडो से हमला हुया. इनमें से एक जहाज के पोर्ट साइड स्थित C-डेक के आवासीय हिस्से में लगा, जबकि दूसरा पोर्ट साइड के उस हिस्से से टकराया, जहां इंजन रूम स्थित है.