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Flydubai Incident: आतंकी संगठन अल कायदा ने 11 सितंबर 2001 के हमलों का हवाला देते हुए अमेरिकी और इजरायली विमानों को निशाना बनाकर हमले करने की बात कही है. इसके साथ ही उसने दुबई से तेल अवीव जाने वाली 'फ्लाईदुबई' की फ्लाइट में हुई घटना की भी जमकर तारीफ की है. इस घटना में एक ओमानी पायलट ने दुबई से इजरायल जा रही फ्लाइट में कैप्टन स्मिट मच्छार को जान से मारकर विमान क्रैश करने की कोशिश की थी. हालांकि, कैप्टन की बहादुरी ने इस बड़े हादसे को होने से बचा लिया.
'द न्यूयॉर्क पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, अल कायदा का यह बयान प्रो अल कायदा सपोर्टर्स की ओर से जुलाई 2026 में शुरू किए गए वीकली पब्लिकेशन 'अल-बयान' के नए एडिशन में पब्लिश हुआ. इसे आतंकी समूह के टेलीग्राम चैनलों पर सर्कुलेट होने के बाद हटा दिया गया.
रिपोर्ट के मुताबिक, पब्लिकेशन में 9/11 के हमलों और 30 सितंबर 2026 को 'फ्लाईदुबई' की फ्लाइट FZ1073 को हाईजैक करने की कोशिश का जिक्र किया गया. इस विमान में 170 से ज्यादा यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे. इनमें से अधिकतर इजरायली थे. 'द न्यूयॉर्क पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, पब्लिकेशन में अरबी भाषा में अमेरिकियों और इजरायलियों को ले जा रहे विमानों पर हमले करने का आग्रह किया गया था. पोस्ट में लिखा गया कि जंग अभी खत्म नहीं हुई है और इस्लाम के खिलाफ लड़ने वाले जायोनिस्टों, अमेरिकियों और सभी काफिरों को ले जाने वाले विमान अभी भी आसमान में मंडरा रहे हैं और उन्हें निशाना बनाया जा सकता है, जैसा 11 और 30 सितंबर 2026 को हुआ था.
रिपोर्ट के मुताबिक, पब्लिकेशन में 11 सितंबर के हमलों के दौरान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकराते हुए एक विमान की फोटो के साथ-साथ 'फ्लाईदुबई' की उड़ान पर कब्जा करने की कोशिश से जुड़ी एक अन्य फोटो छिपी थी. पोस्ट के मुताबिक, इसमें लिखा गया,' अमेरिका और जायोनिस्टों के आज पहले से कहीं ज्यादा दुश्मन हैं. हो सकता है कि कोई ऐसा शख्स जो ईश्वर में विश्वास नहीं करता हो, उन्हें निशाना बनाए और उसका यह मिशन आखिरकार इस्लाम को लाभ पहुंचाए.' इसमें आगे कहा गया,' वह दिन आएगा जब अमेरिका का दुष्ट साम्राज्य खत्म हो जाएगा.'
UAE के डारेक्टर जनरल प्रॉसिक्यूशन ने 'फ्लाईदुबई' की इस घटना को आतंकवादी हमले की कोशिश बताया है, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक यह नहीं पता लगाया है कि इस हमले का मुख्य मकसद क्या था और को-पायलट किस वजह से ऐसा करने की कोशिश कर रहा था. वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 'फॉक्स न्यूज' को बताया कि को-पायलट को कट्टर इस्लामिक विचारधारा की ट्रेनिंग दी गई थी और वह आत्महत्या करने की कोशिश कर रहा. हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई डीटेल जानकारी नहीं दी. मामले को लेकर जांच अभी जारी है.