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कहते हैं कि जहां चाह, वहां राह. अपना वृद्धाश्रम चलाने वाली 99 साल की एक महिला को खर्चे चलाने के लिए पैसों की जरूरत थी. तभी किसी ने उसे सुझाव दिया कि अगर वह 'विंग-वॉकर' बने तो उसे चैरिटी में काफी पैसे मिल सकते हैं. उसे यह सुझाव अच्छा तो लगा लेकिन यह इतना आसान नहीं था. यह सीधे-सीधे अपनी जान को दांव पर लगाने जैसा था. उसे अच्छी तरह पता था कि अगर उसने 'विंग-वॉकिंग' की कोशिश की तो वह मर भी सकती है. इसके बावजूद उसने पीछे न हटने का फैसला किया. उसके इस फैसले ने दुनिया में एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया, जो आज तक इस उम्र में कोई नहीं कर पाया था. इसके लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने उसे सर्टिफिकेट भी सौंपा. आखिर उसने ऐसा क्या किया कि दुनिया उनकी फैन हो गई. आइए, इस दिलचस्प आर्टिकल में हम आपको दुनिया की उस साहसी महिला के बारे में विस्तार से बताते हैं.
डेली मिरर यूके की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन की रहने वाली हेल्गा डफी (99 वर्ष) अपनी युवावस्था में नर्स का काम करती थीं. उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी बीमार मरीजों की सेवा करते हुए ही बिताई. उम्र बढ़ने के बावजूद उनका सेवा का जज्बा कम नहीं हुआ और उन्होंने सायरनसेस्टर में एक वृद्धाश्रम खोला. लोगों की ओर से दिए जा रहे दान के सहारे वे वृद्धाश्रम को चला रही थीं. लेकिन इसी बीच उन्हें फंड की कमी होने लगी.
तभी उनके वृद्धाश्रम में काम करने वाली एक नर्स ने 'विंग-वॉकिंग' का सुझाव दिया. 'विंग-वॉकिंग' में किसी छोटे प्लेन के विंग्स के ऊपर किसी व्यक्ति को कसकर बांध दिया जाता है. इसके बाद उस प्लेन को 3 हजार मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर 5 मिनट से ज्यादा उड़ाया जाता है. यह एक जानलेवा करतब होता है. खासकर बुजुर्ग लोगों के लिए तो इसे करना बहुत खतरनाक माना जाता है.
लेकिन अपने वृद्धाश्रम के लिए हेल्गा डफी ने इस करतब को करने का फैसला किया. उन्हें गठिया की दिक्कत थी और दाहिना घुटना खराब हो चुका था. फिर भी उन्होंने इस एक्शन के लिए हामी भर दी. वे अपनी नर्स के साथ 'विंग-वॉकिंग' के लिए सायरनसेस्टर के RFC रेंडकॉम्ब एयरफील्ड पहुंची. लेकिन संयोग से उस दिन प्लेन में कुछ दिक्कत आ गई. जिसके चलते उनकी उड़ान टल गई.
इसके बाद शुक्रवार को वे फिर एयरफील्ड पहुंची. इस बार उनका प्लेन एकदम तैयार था. उन्हें आसमान में हवा का दबाव सहने के लिए स्पेशल कपड़े और सांस लेने के लिए ऑक्सीजन युक्त हेलमेट पहनाया गया. इसके बाद उन्हें सीढ़ियों के जरिए प्लेन के ऊपर पहुंचाकर विंग्स पर कसकर बांधा गया. फिर प्लेन ने उड़ान भरी और 8 मिनट तक हेल्गा डफी में रहीं.
इसके बाद प्लेन नीचे उतरा तो सब लोग उनके लिए तालियां बजा रहे थे. उन्होंने 99 साल की उम्र में दुनिया का वो कारनामा करके दिखा दिया था, जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता. नीचे उतरने पर एयरफ़ील्ड में खड़े 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' के अधिकारियों ने सर्टिफिकेट सौंपा. इसके साथ ही उन्हें हेल्गा ने 'विल्टशायर एंड बाथ एयर एम्बुलेंस' चैरिटी के लिए 1,600 पाउंड यानी करीब 1.7 लाख रुपये से अधिक की राशि भी जुटाई.

अपनी इस उड़ान में हेल्गा डफी ने बेट्टी ब्रोमपेज का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया, जिन्होंने 97 साल की उम्र में कुछ महीने पहले यह कारनामा किया था. अपना रिकॉर्ड टूटने पर बेट्टी ने डफी को कॉल करके बधाई दी. साथ ही मजाक में कहा कि वह डफी का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए 100 साल का होने का इंतजार करेंगी.