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प्रदर्शनकारियों की यलगार, फ्रांस तैयार: 70000 पुलिसवाले, SWAT टीम और वाटर कैनन से होगा हिंसा फैलाने वालों का इलाज

पिछले वीकेंड दंगों का दंश झेल चुका फ्रांस दूसरे विरोध-प्रदर्शन के लिए तैयार हो रहा है. लेकिन इस बार प्रशासन ने तैयारी पहले से बेहतर की हुई है, ताकि दोबारा से दंगों और हिंसा की स्थिति ना बने.

Written By Rachit Kumar
Published: Oct 24, 2026, 02:15 PM IST | Updated: Oct 24, 2026, 02:26 PM IST
Image Credit: फ्रांस में फिर हिंसा भड़कने की आशंका है.
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फ्रांस में एक बार फिर वीकेंड पर जबरदस्त तरीके से विरोध-प्रदर्शन होने के आसान हैं. प्रशासन सुरक्षा के भारी बंदोबस्त करने में जुटा है, ताकि पिछले हफ्ते हुए घातक दंगों जैसी स्थिति दोबारा न बने.

शनिवार को पूरे देश में लगभग 70,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा रहा है. प्रदर्शनकारी शिक्षा, रोजगार के खराब मौके और बढ़ती महंगाई के मुद्दों को लेकर फिर से सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं. हिंसा फिर से भड़कने के डर को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, और कई शहरों में पब्लिक मीटिंग्स और लोगों की आवाजाही पर सख्त बैन लगाए गए हैं. विरोध-प्रदर्शनों से पहले फ्रांस ने 70,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया.

फ्रांसीसी गृह मंत्रालय के अनुसार, इस सुरक्षा अभियान में स्पेशल पुलिस यूनिट्स, हेलीकॉप्टर, बख्तरबंद वाहन, पुलिस डॉग स्क्वॉड और वॉटर कैनन शामिल होंगे.

बढ़ाई जाएगी जवानों की तादाद

आतंकवाद-रोधी उपायों के तहत पेरिस में गश्त करने वाले फ्रांसीसी सेना के जवानों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, ताकि पुलिसकर्मियों को स्थिर पहरेदारी की ड्यूटी से फ्री किया जा सके.

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि सरकार तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरतेगी.

यह तैनाती ऐसे समय में हुई है, जब पिछले वीकेंड हुई हिंसा के पैमाने का पहले से अंदाजा न लगा पाने के कारण अधिकारियों की आलोचना हो रही है. शांति बनाए रखने के लिए इस हफ्ते कुछ शहरों में कर्फ्यू भी लगाया गया है.

पेरिस में बड़े विरोध प्रदर्शन की प्लानिंग

शनिवार दोपहर पेरिस में एक बड़े विरोध प्रदर्शन की योजना है, जिसमें फ्रांसीसी मीडिया के अनुसार लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. फ्रांस के मुख्य छात्र संघ, UNEF ने प्रदर्शन का ऐलान किया है, जबकि देश के सबसे बड़े ट्रेड यूनियनों में से एक, CGT भी प्रदर्शनकारियों को एकजुट कर रहा है. इसमें किसानों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और 'येलो वेस्ट्स' आंदोलन के सदस्यों के भी शामिल होने की उम्मीद है।

'येलो वेस्ट्स' आंदोलन पहली बार 2018 में ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सामने आया था.

हालांकि, रॉयटर्स के अनुसार, अधिकारियों ने शनिवार के प्रदर्शनों को केवल रजिस्टर्ड ट्रेड यूनियन मार्च तक ही सीमित रखा है और UNEF व 'येलो वेस्ट्स' आंदोलन की अलग-अलग अर्जियों को खारिज कर दिया है.

पेरिस के अधिकारियों ने सार्वजनिक जगहों से बैरियर, कूड़ेदान, कंस्ट्रक्शन का सामान और अन्य ऐसी चीजों को हटाना शुरू कर दिया है, जिनका इस्तेमाल तोड़फोड़ के लिए किया जा सकता है.

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About the Author

रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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