गैरसैंण में सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित: डेढ़ दिन में निपटा विधानसभा सत्र, बीजेपी-कांग्रेस में जुबानी जंग
उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र हंगामे के भेंट चढ़ गया. सदन की कार्यवाही अनिश्चतकाल के लिए स्थगित कर दी गई.
उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है. धामी सरकार के कार्यकाल का ये अंतिम सत्र था. सदन से बाहर निकलने पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में गैरसैंण में सबसे अधिक समय तक विधानसभा सत्र चला है. उन्होंने कहा कि विपक्ष का रवैया अराजकता फैलाने वाला है.
विपक्ष ने परंपरा तोड़ी
वहीं, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने विधानसभा सत्र को लेकर कहा कि विधानसभा में विपक्ष ने परंपरा तोड़ने का काम किया है, जब स्पीकर ने अंतिम सत्र में फोटो सेशन के लिए विपक्ष के विधायकों का आमंत्रित किया तो उनको सम्मिलित होना चाहिए था. प्रश्नकाल चलता तो विपक्ष के विधायक अपने प्रश्नों पर सरकार से जवाब मांग सकते थे, लेकिन वहां भी विपक्ष की नकारात्मक भूमिका देखने को मिली.
विपक्ष सरकार से सदन में सवाल कर सकता था
विधानसभा सत्र को लेकर संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि विधानसभा का सत्र जनता के लिए होता है. विपक्ष के साथियों को सबसे ज्यादा मौका सदन में सरकार को घेरने का मिलता है. अगर सरकार कोई जवाब नहीं दे रही, अगर सरकार कोई विकास कार्य नहीं कर रही तो सदन में विपक्ष जनता के पक्ष में अपनी भूमिका निभाते हुए सरकार से सवाल कर सकता है. लेकिन यह बहुत निराशाजनक रहा है कि विपक्ष का नकारात्मक रूप देखने को मिला सिर्फ राजनीति करने के मुद्दे से हंगामा करता हुआ विपक्ष नजर आया.
राजनीति और हंगामा करना उनका मकसद था
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि विधानसभा सत्र में विपक्ष को सदन में जनता के मुद्दे उठाने चाहिए थे, लेकिन उनकी मंशा सदन में प्रतिभा करने की नहीं थी. सिर्फ राजनीति और हंगामा करना उनका मकसद था. बीजेपी विधायक सदन न चलने पर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया. बीजेपी विधायकों का कहना है कि कांग्रेस की मानसिकता जनता जान चुकी है, तभी चुनाव में इन्हें जनता नकार रही है.
प्रश्नकाल नहीं चलने का कारण विपक्ष
भाजपा के वरिष्ठ विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि विपक्ष सदन में सिर्फ हंगामा करने की नीयत से आया था. किसी भी सकारात्मक मुद्दे में विपक्ष ने चर्चा में भाग नहीं लिया. प्रश्नकाल ना होने का कारण विपक्ष है. अगर विपक्ष ने साथ दिया होता तो जनता से संबंधित प्रश्नों पर मंत्री जवाब भी देते. वहीं कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने कहा कि सदन नियमों से चलता है. विपक्ष स्पीकर पर अपनी बात थोप नहीं सकता. जब नियम 310 के तहत जिस मुद्दे को लिया जाता है चर्चा उसी पर होती है. प्रश्नकाल नहीं होने का कारण विपक्ष है.
कैबिनेट मंत्री पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
वहीं, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि यह निराशाजनक विधानसभा सत्र रहा है. सरकार की मंशा विधानसभा सत्र आयोजित करने की नहीं थी. चुनाव को देखते हुए सरकार ने विधानसभा सत्र इस बार गैरसैंण विधानसभा में किया गया. डेढ़ दिन के अंदर विधानसभा सत्र निपट गया. यशपाल आर्य ने सरकार पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगाए. नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि कैबिनेट मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त हैं. गंभीर आरोप लग रहे हैं. विपक्ष चाहता था कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सदन में चर्चा हो, लेकिन चर्चा को स्वीकार नहीं किया गया.
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