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Kathgodam to Nainital Ropeway: काठगोदाम से कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है. काठगोदाम से कैंची धाम तक रोपवे का निर्माण किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट को अब गति देने की तैयारी शुरू हो गई है. करीब 14.9 किलोमीटर लंबे रोपवे में 58 टावर बनाए जाएंगे. इससे देशभर से कैंची धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी.
रोपवे प्रोजेक्ट को मिली गति
हल्द्वानी में बुधवार को प्रमुख सचिव ऊर्जा, नियोजन, सिंचाई एवं लघु सिंचाई आर मीनाक्षी सुंदरम की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक हुई. इसमें रोपवे प्रोजेक्ट से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई. बैठक में तय किया गया की प्रस्तावित रोपवे नेटवर्क में काठगोदाम और ज्योलीकोट से कैंची धाम को भी कनेक्ट किया जाएगा. इससे देशभर से कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है.
250 मीटर लंबा फुट ओवर ब्रिज का भी निर्माण होगा
बैठक में काठगोदाम रेलवे स्टेशन से सड़क रोडवेज परिसर तक करीब 250 मीटर लंबे फुट ओवर ब्रिज के निर्माण पर भी चर्चा हुई. इसका उद्देश्य यात्रियों को रोपवे स्टेशन तक आसानी से पहुंच उपलब्ध कराना है. काठगोदाम और आसपास के क्षेत्रों में पार्किंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित है, ताकि बाहर से आने वाले लोग अपने वाहन पार्क कर रोपवे के जरिए आगे का सफर कर सकें.
कितने स्टेशन बनाए जाएंगे?
काठगोदाम-नैनीताल रोपवे परियोजना में काठगोदाम, रानीबाग, भुजियाघाट, ज्योलीकोट और हनुमानगढ़ी स्टेशन बनाए जाने हैं. प्रोजेक्ट के तहत रोपवे की कुल लंबाई करीब 14.9 किलोमीटर होगी और इसमें 58 टावर प्रस्तावित हैं. प्रोजेक्ट मैनेजर, नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड यानी एनएचएलएमएल के अनुसार, रानीबाग से हनुमानगढ़ी तक रोपवे का एकतरफा किराया 375 रुपये प्रति व्यक्ति प्रस्तावित किया गया है.
रोजाना 18 हजार लोग सफर कर सकेंगे
प्रस्ताव के मुताबिक, रोपवे के जरिए प्रतिदिन करीब 18 हजार लोग सफर कर सकेंगे. हालांकि, प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने से पहले तकनीकी अध्ययन किया जाएगा. हल्द्वानी से नैनीताल तक का पर्वतीय क्षेत्र भौगोलिक रूप से संवेदनशील माना जाता है. ऐसे में तकनीकी और भौगोलिक अध्ययन के आधार पर ही परियोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा.
कनेक्टिविटी को नया विकल्प मिलेगा
फिलहाल सरकार और संबंधित विभागों की बैठक में रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर आगे की प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया गया है. अगर परियोजना प्रस्तावित रूप में आगे बढ़ती है तो काठगोदाम, नैनीताल और कैंची धाम के बीच कनेक्टिविटी को नया विकल्प मिल सकता है.