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सुरेंद्र डसीला/देहरादून/जसपुर: उत्तराखंड कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की यात्रा को लेकर शुरू हुआ सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के यात्रा रोकने संबंधी पत्र के बाद भी हरीश रावत पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. वे अपनी 'धन्यवाद यात्रा' पर कायम हैं और कुमाऊं प्रवेश के दौरान जसपुर सीमा पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया.
कुमाऊं सीमा पर स्वागत, साथ दिखे वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह
खटीमा-जसपुर बॉर्डर पर समर्थकों के भारी हुजूम और जोशीले स्वागत से गदगद हरीश रावत ने कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं का आभार व्यक्त किया. इस यात्रा में उनके साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह भी मौजूद रहे. प्रीतम सिंह ने कहा कि कांग्रेस एकजुट होकर मजबूती से चुनाव लड़ेगी और कोई भी व्यक्ति पार्टी के खिलाफ काम नहीं कर रहा है.
जसपुर में स्वागत से गदगद हरीश रावत ने मंच से कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया. रावत ने कहा कि कुमाऊं के हर क्षेत्र से और यूपी से भी साथी उनके समर्थन में आए हैं और इस जोशीले स्वागत के पीछे आदेश चौहान का हाथ है.
'अस्वस्थता के बाद आभार जता रहे रावत जी' समर्थक विधायकों का रुख
AICC के पत्र से उपजे विवाद पर धारचूला से कांग्रेस विधायक हरीश धामी और अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी ने स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास करते हुए कहा कि लंबे समय बाद स्वस्थ होकर लौटे हरीश रावत के आने से कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है. उन्होंने पत्र विवाद को सीनियर नेताओं का आपसी मामला बताते हुए कहा कि इसे जल्द सुलझा लिया जाएगा और सबका मुख्य लक्ष्य 2027 में कांग्रेस की सरकार बनाना है.
मनोज तिवारी ने इस यात्रा को पूरी तरह से 'धन्यवाद यात्रा' बताया और कहा कि रावत जी जनता व कार्यकर्ताओं का आभार जताकर संगठन को मजबूत कर रहे हैं. हालांकि, प्रभारी के पत्र के सवाल पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
बीजेपी मंत्री खजानदास ने साधा निशाना
कांग्रेस के इस अंदरूनी खींचतान पर उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री खजानदास ने भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि हरीश रावत राज्य से लेकर केंद्र तक बड़े पदों पर रह चुके वरिष्ठ नेता हैं. उनके लिए प्रदेश प्रभारी द्वारा इस तरह सार्वजनिक रूप से पत्र जारी करना उचित नहीं लगता.भले ही यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला हो, लेकिन वरिष्ठ नेताओं के सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए.
विधानसभा चुनाव से पहले सामने आई यह गुटबाजी और बगावती तेवर उत्तराखंड कांग्रेस के केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती बनते दिख रहे हैं. एक तरफ हाईकमान ने हरीश रावत की यात्रा को पार्टी हित में नहीं बताया, तो दूसरी तरफ कुमाऊं में रावत के समर्थक विधायक इसे धन्यवाद यात्रा बताकर 2027 के लिए संगठन की मजबूती से जोड़ रहे हैं. चुनाव से एक साल पहले कांग्रेस की ये अंदरूनी खींचतान पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बनती दिख रही है.
बिजनौर के अफजलगढ़ से शुरू की उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने यात्रा
उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अभी हाल ही में हरिद्वार के सिंहद्वार से धन्यवाद एव जन संवाद यात्रा की शुरुआत की थी. आज हरीश रावत ने बिजनौर के अफजलगढ़ तिराहे से यात्रा को आगे बढ़ाया. हरीश रावत की ये यात्रा अफजलगढ़ से होती हुई जसपुर ,काशीपुर,रामनगर उत्तराखंड पर जाकर रुकेगी. कांग्रेस पार्टी हाई कमान हरीश रावत से नाराज़ है ऐसे में मीडिया के सवाल पर रावत जी ने कहा नो कमेंट कहकर अपनी बात से पल्ला झाड़ लिया और धीरे से कार में सवार होकर काफिले के साथ रवाना हो गए.