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उत्तराखंड में BJP का कांग्रेस पर हमला: चंदन जीना के ठिकानाें पर ED की रेड के बाद हरीश रावत काे घेरा

Harish Rawat Private Assistant News: देहरादून में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के निजी सहायक और पूर्व OSD चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर ED ने छापेमारी की. UKSSSC भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई इस कार्रवाई में 32 लाख रुपये नकद बरामद हुए. इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला, जिसके जवाब में हरीश रावत ने पार्टी पदों से खुद को अलग कर निष्पक्ष जांच की मांग की है.

उत्तराखंड में BJP का कांग्रेस पर हमला: चंदन जीना के ठिकानाें पर ED की रेड के बाद हरीश रावत काे घेरा
Image Credit: Uttarakhand Politics BJP vs Congress

Uttarakhand Politics BJP vs Congress: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत के निजी सहायक चंदन सिंह जीना के देहरादून स्थित ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है. चंदन सिंह जीना वर्ष 2014 से 2017 के बीच हरीश रावत के मुख्यमंत्री रहते उनके OSD (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) भी रह चुके हैं.  वर्तमान में वह हरीश रावत के निजी सहायक के तौर पर काम कर रहे हैं.  ED की कार्रवाई को UKSSSC भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है.

कौन हैं चंदन सिंह जीना ?

चंदन सिंह जीना मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण क्षेत्र के रहने वाले हैं. हरीश रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान वह उनके OSD की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. इसके बाद भी वह रावत के साथ जुड़े रहे और वर्तमान में उनके निजी सहायक के रूप में काम कर रहे हैं. इसी वजह से ED की कार्रवाई के बाद उनका नाम उत्तराखंड की राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है.

सितंबर 2026 में UKSSSC भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर छापेमारी की.  जांच एजेंसी की इस कार्रवाई के दौरान करीब 32 लाख रुपये नकद और अन्य संपत्तियां बरामद होने की बात सामने आई है.  हालांकि, बरामदगी और जांच से जुड़े सभी पहलुओं पर अंतिम तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी.

32 लाख की बरामदगी के बाद भाजपा ने साधा निशाना

ED की कार्रवाई और कथित बरामदगी के बाद भाजपा ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर हमला बोला है. भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने इस मामले को कांग्रेस शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि चंदन सिंह जीना हरीश रावत के करीबी सहयोगी रहे हैं और उनके कार्यकाल में OSD की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं.

विनोद चमोली ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी नकदी की बरामदगी कई सवाल खड़े करती है. उन्होंने कहा कि इस मामले में भ्रष्टाचार की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की बनती है. भाजपा नेता ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में भ्रष्टाचार चरम पर था और अब जांच एजेंसियों की कार्रवाई से कई बातें सामने आ रही हैं.

कांग्रेस पर भाजपा का बड़ा हमला

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले से कांग्रेस का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी कांग्रेस पार्टी भ्रष्टाचार के दलदल में डूबी हुई है. भाजपा का कहना है कि भर्ती घोटाले जैसे मामलों में जांच आगे बढ़ने के साथ उन लोगों की भूमिका भी सामने आनी चाहिए, जिनसे जुड़े लोगों पर जांच एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं.

वहीं, इस पूरे मामले को लेकर हरीश रावत ने कांग्रेस के पदों से खुद को अलग करने का फैसला लिया है. उन्होंने पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने लाने की बात कही है. उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और वास्तविक तथ्य जनता के सामने आने चाहिए.

ED की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में जांच आगे बढ़ने का इंतजार है. जांच में चंदन सिंह जीना की भूमिका, बरामद नकदी और संपत्तियों का स्रोत क्या है और इसका भर्ती घोटाले से किस तरह संबंध है, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे. फिलहाल इस कार्रवाई ने उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर भ्रष्टाचार और भर्ती घोटाले के मुद्दे को गरमा दिया.

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About the Author

Jyoti Kumari

Jyoti Kumari

ज्योति कुमारी डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सितंबर 2025 से काम कर रही हैं. ज्योति मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर तथ्य-आधारित, विश्लेषणात्मक और निष्पक्ष डिजिटल खबरें लिखती हैं. जेंडर से जुड़े संवेदनशील विषयों और जनसरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना उनकी पत्रकारिता का मुख्य केंद्र रहा है.ज़ी मीडिया से जुड़ने से पहले, ज्योति ने स्वतंत्र लेखक के रूप में कार्य किया. इस दौरान उन्होंने लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय, महिलाओं के अधिकारों और जेंडर से जुड़े मुद्दों पर गहन और विश्लेषणात्मक लेख लिखे. ज्योति के पास यूपी-उत्तराखंड की राजनीति, प्रशासनिक फैसलों, सामाजिक घटनाक्रमों और ट्रेंडिंग मुद्दों पर दैनिक डिजिटल कवरेज, विश्लेषण और तथ्य-जांच पर पकड़ है.ज्योति ने देश के अग्रणी शिक्षण संस्थान जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. जामिया में उनकी अकादमिक पृष्ठभूमि ने उनकी रिसर्च, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और मीडिया एथिक्स (पत्रकारिता के मूल्यों) को मजबूत किया. पत्रकारिता और लेखन के अलावा, ज्योति को पुस्तकें और साहित्य पढ़ने का गहरा शौक है। समसामयिक विषयों, सामाजिक इतिहास और विभिन्न विधाओं की किताबें पढ़ना उनकी विश्लेषणात्मक सोच और लेखन शैली को और अधिक समृद्ध बनाता है.ज्योति कुमारी से आप jktiwari1998@gmail.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप ज्योति कुमारी से एक्स (ट्विटर), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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