पान मसाला और गुटखा पर लगी रोक: धामी सरकार का बड़ा फैसला, जानें क्यों लिया फैसला
Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पान पसाला गुटखा और तंबाकू पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया है. प्रदेश में अब इनकी बिक्री अवैध मानी जाएगी.
रामअनुज/देहरादून: उत्तराखंड की धामी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. धामी सरकार ने प्रदेश में अगले एक साल तक गुटखा पान मसाला की बिक्री पर बैन लगा दिया है. इस संबंध में धामी सरकार ने आदेश जारी कर दिया है. इससे पहले गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और ओडिशा में तंबाकू पर एक साल का बैन लग चुका है. इन राज्यों में भी एक साल का प्रतिबंध लगाया जा चुका है.
अगले एक साल तक रहेगी रोक
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय प्रतिषेध और निर्बन्धन) विनियम, 2011 के तहत उत्तराखंड में ये कार्रवाई की गई है. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडेय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, प्रतिबंध 13 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गया है. और अगले 1 साल तक लागू रहेगा. यानी 13 अक्टूबर 2027 तक प्रदेश में पान पसाला गुटखा और तंबाकू पर बिक्री, उत्पादन, भंडारण और वितरण पर रोक रहेगी.
लोगों की सेहत को लेकर लिया फैसला
आदेश के मुताबिक, प्रदेश की जनता की सेहत का ध्यान में रखते हुए इन उत्पादों पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है. आदेश में कहा गया है कि प्रदेश में इन उत्पादों की बिक्री ही प्रतिबंधित नहीं होगी, बल्कि इनके निर्माण, भंडारण और वितरण पर भी रोक रहेगी. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
दुकानदारों में दिखी नाराजगी
बता दें कि इन उत्पादों पर पहली बार रोक नहीं लगी है. उत्तराखंड में इससे पहले भी इन उत्पादों पर रोक लग चुकी है. 2013, 2015 और 2019 में भी बिक्री, उत्पादन, भंडारण और वितरण पर रोक लगाई गई थी. अब एक बार फिर से धामी सरकार ने पाबंदियां लगाई हैं. वहीं, सरकार के इस फैसले पर दुकानदारों ने नाराजगी व्यक्त की है.
दुकानदार बोले- कंपनियों पर करें कार्रवाई
दुकानदारों का कहना है कि सरकार को गुटखा बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और अगर बाजार में गुटखा आता है तो वे इसकी बिक्री करेंगे तो बेहतर होगा कि सरकार गुटखा बनाने वाली कंपनियों को ही बंद करें. सरकार इन उत्पादों को बनाने वाली कंपनियों पर रोक नहीं लगाती. बाजार में आने के बाद रोक लगाने के बावजूद बिक्री होती रहती है. चोरी छिपे इनकी बिक्री होती रहती है.
ज्यादातर लोगों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार समय समय पर जागरूकता अभियान चलाती रहती है. लोगों को पता होता है कि पान मसाला और गुटखा खाना जानलेवा है, तब भी लोग खाते हैं. ज्यादातर लोगों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है. उनका कहना है कि सेहत से बढ़कर कुछ भी नहीं होता. इन उत्पादों पर रोक जरूरी है.