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उत्तराखंड BJP में हाई वोल्टेज ड्रामा: खजान दास-मधु चौहान में सियासी टशन, मंत्री के इशारे पर टली समर्थकों की ज्वॉइनिंग

Dehradun News: उत्तराखंड बीजेपी में कुछ गड़बड़ चल रहा है. पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान अपने समर्थकों के साथ पार्टी की सदस्यता दिलवाने पहुंचीं तो धामी के मंत्री के एक इशारे पर ज्वाइनिंग कार्यक्रम टाल दिया गया.

उत्तराखंड BJP में हाई वोल्टेज ड्रामा: खजान दास-मधु चौहान में सियासी टशन, मंत्री के इशारे पर टली समर्थकों की ज्वॉइनिंग
Image Credit: Madhu Chauhan and Minister khajan Das

​राम अनुज/देहरादून: राजधानी देहरादून में धामी सरकार में समाज कल्याण मंत्री खजनदास और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु भट्ट के बीच सियासी टशन देखने को मिल रही है. पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान अपने समर्थकों को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंची थीं. वह अपने समर्थकों को पार्टी की सदस्यता दिलवाना चाहती थीं, लेकिन समाज कल्याण मंत्री खजान दास की नाराजगी के चलते यह सदस्यता कार्यक्रम अधर में लटक गया.  

यह है पूरा मामला 
​दरअसल, इस सियासी टशन के पीछे की वजह बीती रोज का घटनाक्रम बताया जा रहा है. पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान ने अपने समर्थकों के साथ समाज कल्याण मंत्री खजान दास के आवास पर पहुंचकर जमकर हंगामा और नारेबाजी की थी. आरोप लगाया गया था कि मंत्री विभागीय योजनाओं और कार्यों में भाजपा कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर कांग्रेस समर्थित लोगों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं.

समर्थकों को पार्टी की सदस्यता दिलवाने पहुंची थीं मधु चौहान 
​आवास पर हुए इस प्रदर्शन और नारेबाजी के बदले सियासी माहौल में जब मधु चौहान अपने समर्थकों को पार्टी की सदस्यता दिलाने प्रदेश मुख्यालय पहुंचीं, तो मंत्री की नाराजगी की वजह से समर्थकों को सदस्यता नहीं मिल सकी.  हालांकि, उनके साथ मौजूद जनजाति कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष गीता राम गौड़ ने स्थिति को संभालते हुए कहा कि जो भी नाराजगी थी, उसके लिए माफी मांग ली गई है और प्रदेश अध्यक्ष की गैर मौजूदगी के कारण आज जॉइनिंग नहीं हो पाई.

'घर का मामला' बताया 
वहीं, मधु चौहान ने भी इस पूरे घटनाक्रम को 'घर का मामला' करार देते हुए कहा कि जो गलतफहमियां थीं, उन्हें आपस में सुलझा लिया जाएगा. ​भले ही नेताओं की ओर से ऑल इज वेल का दावा किया जा रहा हो, लेकिन भाजपा प्रदेश कार्यालय में जिस तरह से यह हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, उसने संगठन के भीतर पनप रही गुटबाजी को जगजाहिर कर दिया है. वहीं, समाज कल्याण मंत्री का कहना है कि कोई मामला नहीं है और इस पूरे घटनाक्रम पर बिना सही तरीके से जवाब दिए ही वह भाजपा प्रदेश कार्यालय से चले गए.

सियासी मनमुटाव किस मोड़ पर होगा शांत? 
​ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि ​आखिर समाज कल्याण मंत्री खजान दास और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान के बीच उपजा यह सियासी मनमुटाव किस मोड़ पर जाकर शांत होगा?. ​क्या 'घर का मामला' बताकर दबाई जा रही इस टीस का पटाक्षेप पार्टी प्रदेश की कमान आसानी से करा पाएगा, या फिर ऑल-इज-बेस्ट की पटकथा के पीछे यह टशन उत्तराखंड भाजपा में कोई नया सियासी अध्याय लिखेगी?. ​अब देखना होगा कि अपनों के ही बीच छिड़ी इस जुबानी जंग और खींचतान पर भाजपा संगठन क्या सख्त कदम उठाता है?. 

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About the Author

Amitesh Pandey

Amitesh Pandey

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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