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प्रवेश कुमार/अयोध्या: रामनगरी अयोध्या को योगी सरकार ने बड़ी सौगात देने जा रही है. अयोध्या मेडिकल कॉलेज में चार नए विभाग खोले जाएंगे. इनमें हृदय रोग, किडनी और गैस्ट्रो समेत अन्य आवश्यक विभाग शामिल होंगे. साथ ही मेडिकल कॉलेज के इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया जाएगा. अयोध्या पहुंचे यूपी के डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने ऐलान किया.
चार नए विभाग खुलेंगे
वह अयोध्या मेडिकल कॉलेज के शैक्षणिक परिसर में आयोजित मेडिकल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने पहुंचे थे. इस दौरान ब्रजेश पाठक ने कहा कि अयोध्या मेडिकल कॉलेज को लखनऊ के SGPGI से स्पोक एंड हब मॉडल के तहत जोड़ा जाएगा. इसके तहत अयोध्या मेडिकल कॉलेज की ICU को स्पोक और SGPGI को हब बनाया जाएगा. SGPGI के ICU विशेषज्ञ ऑनलाइन माध्यम से अयोध्या के मरीजों और चिकित्सकों को इलाज के संबंध में सलाह देंगे.
6 मेडिकल कॉलेजों में चल रही पहले से व्यवस्था
उन्होंने कहा कि प्रदेश के 6 मेडिकल कॉलेज पहले से इस व्यवस्था से जुड़े हैं और अयोध्या 7वां मेडिकल कॉलेज होगा. जल्द ही उपकरणों की खरीद की जाएगी. वहीं, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में चार लोगों की मौत पर डिप्टी सीएम ने दुख जताया. उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाएंगे.
राम मंदिर की तर्ज पर बनेगा नाका हनुमानगढ़ी
वहीं, अयोध्या के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर नाका हनुमानगढ़ी मंदिर का राम मंदिर की तर्ज पर भव्य पुनर्निर्माण किया जाएगा. मंदिर के महंत रामदास ने बताया कि यहीं से 14 कोसी परिक्रमा शुरू होती है और यह पौराणिक स्थल श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. प्रस्तावित मंदिर मकराना मार्बल से बनाया जाएगा और इसकी ऊंचाई 51 फीट से अधिक होगी. करीब 100×100 फीट क्षेत्रफल में मंदिर परिसर विकसित होगा, जबकि 15×15 फीट के गर्भगृह में वर्तमान हनुमान जी की मूर्ति ही विराजमान रहेगी.
ये व्यवस्था की जाएगी
परियोजना में संत निवास, गौशाला, यज्ञशाला, भंडार गृह, अन्नपूर्णा मंदिर और जगन्नाथ मंदिर भी शामिल होंगे. श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और धार्मिक सामग्री की दुकानें भी बनाई जाएंगी. महंत रामदास के मुताबिक, भगवान के भोग और सेवा के लिए अन्नपूर्णा मंदिर से गर्भगृह तक अलग कॉरिडोर बनाया जाएगा, ताकि पूजा की परंपराएं पर्दे में संपन्न हो सकें. मंदिर में पांचों आरती-मंगला, श्रृंगार, राजभोग, संध्या और शयन की व्यवस्था रहेगी. उन्होंने बताया कि निर्माण के लिए ‘श्री भास्कर दास हनुमानगढ़ी धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट’ जनसहयोग लेगा. श्रद्धालु एक रुपये से लेकर अपनी इच्छानुसार सहयोग कर सकेंगे.