पिता 8 बार सांसद, 2 बार केंद्र में मंत्री: राज्यसभा चुनाव में बेटी की सियासी एंट्री, जानें कौन हैं श्रुति गंगवार?
Who is Shruti Gangwar: भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए 2 महिला प्रत्याशियों पर दांव लगाया है. इनमें एक नाम प्रियंका सिंह रावत और दूसरा नाम श्रुति गंगवार का है.
Who is Shruti Gangwar: बीजेपी ने राज्यसभा की 8 सीटों के लिए प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतार दिए हैं. बीजेपी 2 महिला उम्मीदवारों को जगह दी है. इसमें झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार का भी नाम है. इसी के साथ संतोष गंगवार के परिवार की राजनीति में एक और बड़ी एंट्री हो चुकी है. श्रुति गंगवार को टिकट देकर बीजेपी कुर्मी वोटर को साधने की कोशिश की है. आइए जानते हैं कौन हैं श्रुति गंगवार के बारे में?.
पहले जान लें कौन हैं संतोष गंगवार
संतोष गंगवार बरेली के दिग्गज भाजपा नेता और झारखंड के राज्यपाल हैं. उनका का जन्म बरेली में हुआ है. उन्होंने लंबे समय तक बरेली की राजनीति में भाजपा का प्रमुख चेहरा बनकर काम किया. वह बरेली से 8 बार के सांसद रह चुके हैं. केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. वर्तमान में वह झारखंड के राज्यपाल हैं. अब उनकी बेटी श्रुति गंगवार को बीजेपी ने राज्यसभा के लिए टिकट दिया है.
कौन हैं श्रुति गंगवार
संतोष गंगवार के दो बच्चे हैं. बेटे का नाम अर्पूव गंगवार और बेटी श्रुति गंगवार हैं. वह आईआईटी रुड़की से केमिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. साथ ही वह आईआईएम बेंगलूरु से एंटरप्रेन्योरशिप मैनेजमेंट की पढ़ाई की है. शुरुआत में वह इंफोसिस जैसे दिग्गज आईटी कंपनी में काम कर चुकी हैं. श्रुति अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की चेयरमैन भी हैं. पहले इस पद पर उनकी मां सौभाग्यवती गंगवार थीं. मां के निधन के बाद यह पद खाली हो गया था. वह बरेली की राजनीति में सक्रिय हैं.
कुर्मी वोट बैंक साधने की कोशिश
बीजेपी ने श्रुति गंगवार को टिकट देकर कुर्मी वोट बैंक को साधने की कोशिश की है. कुर्मी के साथ-साथ वह महिला उम्मीदवार के तौर पर आधी आबादी का प्रतिनिधित्व भी करती दिखेंगी. बीजेपी के इस कदम को रुहेलखंड क्षेत्र में कुर्मी वोट बैंक को साधने की एक मजबूत रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. रुहेलखंड में कुर्मी को मुख्य रूप से गंगवार उपनाम से जाना जाता है. यहां कुर्मी वोटर निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
प्रियंका सिंह रावत कौन हैं
बीजेपी ने बाराबंकी से पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है. वह पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. साथ ही वह मास कम्युनिकेशन एंड इलेक्ट्रॉनिक जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा भी कर रखी हैं. प्रियंका सिंह रावत ने 2014 के लोकसभा चुनाव में सबसे कम उम्र की सांसद बनकर लोकसभा पहुंची थीं. हालांकि, 2019 में उनका टिकट कट गया था. फिर भी वह धैर्य बनाएं रखीं. अब उन्हें राज्यसभा का टिकट दिया गया है. बीजेपी ने प्रियंका सिंह रावत को उम्मीदवार बनाकर दलित और महिला वर्ग को साधने की कोशिश की है.
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