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नागेन्द्र मणि त्रिपाठी/गोरखपुर: गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनाव में बीजेपी के सामने अब बगावत की चुनौती है. बीजेपी से टिकट के दावेदार रहे डॉ. संजयन त्रिपाठी ने पार्टी प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है. आज संजयन त्रिपाठी ने समर्थकों के साथ नामांकन भी दाखिल किया. टिकट कटने से नाराज संजयन त्रिपाठी ने पार्टी नेतृत्व पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की अनदेखी का आरोप लगाया है. उनका दावा है कि वह इस सीट से मजबूत दावेदार थे और लंबे समय से पार्टी के अभियानों में सक्रिय रहे हैं.
निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक MLC सीट पर बीजेपी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. पार्टी ने मौजूदा MLC ध्रुव कुमार त्रिपाठी को अपना प्रत्याशी बनाया है. इसके बाद टिकट के दावेदार रहे डॉ. संजयन त्रिपाठी ने बगावती तेवर अपना लिए. संजयन त्रिपाठी ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया और आज समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल किया. इससे पहले उन्होंने टिकट नहीं मिलने पर पार्टी नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठाए थे.
बीजेपी के साथ पूरी निष्ठा से काम किया
संजयन त्रिपाठी का कहना है कि वह लंबे समय से बीजेपी के साथ पूरी निष्ठा से काम कर रहे थे और इस सीट से खुद को प्रमुख दावेदार मानते थे. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी जमीनी स्तर पर काम करने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की अपेक्षा के अनुरूप फैसले नहीं ले रही है. वहीं, ध्रुव कुमार त्रिपाठी इस शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से लगातार तीन बार निर्वाचित हो चुके हैं और इस बार बीजेपी ने उन्हें अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है.
23 अक्टूबर को होगी वोटिंग
इस सीट पर समाजवादी पार्टी ने कमलेश यादव को प्रत्याशी बनाया है. ऐसे में अब बीजेपी के प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के सामने निर्दलीय संजयन त्रिपाठी समेत अन्य प्रत्याशी भी मैदान में हैं. गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना प्रस्तावित है. नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है.
मीडिया के सामने भावुक हुए संजयन त्रिपाठी
मीडिया से बातचीत के दौरान संजयन त्रिपाठी बेहद भावुक हो गए थे, संजयन त्रिपाठी उनकी आंखें नम हो गई थीं. जो उनके अंदर छिपे हुए दर्द को बयां कर रही थीं. टिकट को लेकर शुरू हुई नाराजगी अब सीधे चुनावी मुकाबले में बदल गई है. संजयन त्रिपाठी के निर्दलीय मैदान में उतरने के बाद इस शिक्षक MLC सीट पर मुकाबला और बहुकोणीय हो गया है. अब देखना होगा कि चुनावी मैदान में इसका असर किस तरह दिखाई देता है.