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UP Rain Alert: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता हुआ नजर आ रहा है. आंचलिय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आज मिलाजुला मौसम देखने को मिलेगा. एक तरफ जहां पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश के आसार हैं, वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है.
पश्चिमी यूपी में बारिश की संभावना, पूर्वी हिस्सा सूखा
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत के साथ-साथ अमरोहा, बिजनौर, बुलंदशहर, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद, हापुड़ और मेरठ में 15 अक्टूबर तक छिटपुट या हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है. वहीं इसके विपरीत, पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में आज आसमान साफ रहने और धूप खिलने की संभावना है. हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 और 16 अक्टूबर के दौरान पूर्वांचल के कुछ इलाकों में भी मौसम करवट ले सकता है. फिलहाल, मौसम विभाग ने राज्य के किसी भी हिस्से के लिए कोई बड़ी चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया है.
पूर्वांचल में आज कैसा रहेगा मौसम?
पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में मंगलवार को मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. ऐसे में लखनऊ, कानपुर और वाराणसी समेत पूर्वांचल के कई इलाकों में बारिश की संभावना कम है. हालांकि, 15 और 16 अक्टूबर के आसपास पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में भी मौसम बदल सकता है. इन तारीखों के दौरान बारिश की संभावनाओं पर नजर रहेगी.
तापमान में होगी हल्की बढ़ोतरी
राज्य में आज अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे दोपहर के समय हल्की गर्मी का अहसास होगा. हालांकि, न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं, जिससे सुबह और रात के समय मौसम सुहाना और हल्का ठंडा बना रहेगा.
यूपी में फिलहाल कोई मौसमी अलर्ट नहीं
मौसम विभाग ने 13 अक्टूबर के लिए पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कोई चेतावनी जारी नहीं की है. हालांकि, पश्चिमी जिलों में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है. ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए.
लोगों को सलाह
तेज हवा, बारिश और वज्रपात को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचना चाहिए. किसानों को भी फसलों और कृषि संबंधी गतिविधियों को लेकर स्थानीय मौसम चेतावनी पर नजर रखनी चाहिए.