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राइफल, विदेशी पिस्टल और करोड़ों की दौलत: BJP प्रत्याशियों के हलफनामे ने चौंकाया, जानिए किसके पास कितने 'असलहे'?

UP Rajya Sabha Election Candidates Assets: यूपी से राज्यसभा जा रहे पक्ष-विपक्ष के सभी प्रत्याशी करोड़पति हैं, जिनमें सपा के धनराज परिमल सबसे अमीर हैं. वहीं, सुरक्षा के मामले में प्रियंका सिंह रावत, मंत्री धर्मपाल और रामगोपाल यादव समेत ज्यादातर उम्मीदवार लाइसेंसी हथियारों से लैस हैं. यहां जानिए किसके पास कितनी संपत्तियां और हथियार हैं?

राइफल, विदेशी पिस्टल और करोड़ों की दौलत: BJP प्रत्याशियों के हलफनामे ने चौंकाया, जानिए किसके पास कितने 'असलहे'?

UP Rajya Sabha Election Candidates Assets/ विशाल रघुवंशी: उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की दहलीज पर कदम रखने जा रहे नेताओं का सियासी रुतबा ही नहीं, बल्कि उनका बैंक बैलेंस और सुरक्षा का अंदाज भी काफी हाई-प्रोफाइल है. चुनाव आयोग को दिए गए शपथपत्रों से साफ जाहिर होता है कि चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, संसद पहुंचने वाले प्रत्याशी आर्थिक रूप से संपन्न हैं.

खास बात यह है कि अपनी सुरक्षा के मामले में ये नेता किसी दूसरे पर निर्भर रहने के बजाय खुद हथियारबंद रहना ज्यादा पसंद करते हैं.  

पिस्तौल, राइफल और रिवॉल्वर, सुरक्षा का पूरा इंतजाम
हथियारों का शौक रखने और खुद को सुरक्षित रखने के मामले में महिला प्रत्याशी भी पुरुषों से किसी मायने में पीछे नहीं हैं. इस फेहरिस्त में सबसे पहला नाम बीजेपी प्रत्याशी प्रियंका सिंह रावत का आता है, जिनके पास एक विदेशी और एक देसी समेत कुल 2 पिस्टल हैं. हथियारों के अलावा उनके पास 500 ग्राम सोना, दो किलो चांदी और करीब 5 लाख रुपये के डायमंड भी हैं.

किसके पास कौन से हथियार?
वहीं, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह और उनकी पत्नी दोनों ही असलहे रखते हैं. मंत्री जी के पास एक राइफल और एक रिवॉल्वर है, तो उनकी पत्नी के नाम भी एक रिवॉल्वर दर्ज है. इसके अलावा, सपा के दिग्गज नेता रामगोपाल यादव के पास बंदूक और रिवॉल्वर दोनों मौजूद हैं.

अन्य उम्मीदवारों की बात करें तो बीजेपी के विद्यासागर सोनकर के पास एक रिवॉल्वर और एक राइफल है. जबकि, गोपीकृष्ण पांडेय के पास एक रिवॉल्वर है. वहीं, राम प्रताप सिंह भी लाइसेंसी हथियार से लैस हैं. उनके पास 0.32 बोर रिवॉल्वर है.

दौलत के मामले में कौन सबसे आगे?
दौलत के मामले में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी धनराज परिमल सबसे आगे हैं, जिनके पास ₹370 करोड़ की भारी-भरकम संपत्ति है. वहीं, सपा के रामगोपाल यादव ₹14 करोड़ से अधिक के मालिक हैं. दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आठों प्रत्याशी करोड़पति हैं.

किसके पास सबसे लग्जरी गाड़ियां?
विद्यासागर सोनकर के पास ₹18.75 करोड़ की संपत्ति है. इसके अलावा सफारी कार, एक टैंकर और दो छोटे व्यावसायिक वाहन हैं. श्रुति गंगवार ₹14.81 करोड़ की मालकिन हैं. इनके पास 1.1 किलो से ज्यादा सोना और दिल्ली-बेंगलुरु में घर हैं. हालांकि, इनके नाम कोई गाड़ी नहीं है. वहीं, राधाकांत ओझा के पास ₹11.95 करोड़ की संपत्ति है. इनके पास सबसे लग्जरी गाड़ी किआ कार्निवाल और ऑल्टो कार है. प्रियंका सिंह रावत ₹9.42 करोड़ की संपत्ति की मालकिन हैं. इनके पास फोर्ड फिएस्टा कार है.

इसके अलावा धर्मपाल सिंह के पास ₹7.46 करोड़ की संपत्ति है. साथ ही सफारी गाड़ी भी है. गोपीकृष्ण पांडेय ₹5.62 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं. इनके पास कार और एक ट्रैक्टर है. राम प्रताप सिंह के पास ₹2.61 करोड़ की संपत्ति और स्कॉर्पियो गाड़ी है. वहीं, प्रकाश पाल ₹2.16 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं, जिनके पास सवारी के लिए सिर्फ दो स्कूटी हैं.

किसके पति या पत्नी उससे अधिक अमीर?
शपथपत्रों के अनुसार, गोपी कृष्ण पांडेय और श्रुति गंगवार के जीवनसाथी उनसे अधिक अमीर हैं. गोपी कृष्ण पांडेय के पास कुल 47.38 लाख रुपये की चल संपत्ति है, जबकि उनकी पत्नी के पास उनसे अधिक 86.19 लाख रुपये की संपत्ति और 1 करोड़ रुपये की कृषि भूमि है. ठीक इसी तरह, श्रुति गंगवार के पास कुल 4.96 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जबकि उनके पति सुबोध सचान के पास केवल जमीन और निवेश का बाजार मूल्य 5.24 करोड़ रुपये आंका गया है. उनकी कुल चल-अचल संपत्ति मिलाकर अधिक बनती है. इसके अलावा विद्यासागर सोनकर की घोषित संपत्ति 2.16 करोड़ रुपये है, जबकि उनकी पत्नी रेखा के पास उनसे अधिक 2.34 करोड़ रुपये की संपत्ति है.

किस पर कितना कर्ज?
शपथपत्रों के अनुसार, केवल दो प्रत्याशियों पर देनदारियां दर्ज पाई गई हैं. इनमें प्रियंका रावत पर सबसे अधिक 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की देनदारी है. इसके अलावा राम प्रताप सिंह बैंक के 5 लाख रुपये से अधिक के कर्जदार हैं. दूसरी ओर धर्मपाल सिंह, प्रकाश पाल और श्रुति गंगवार और उनके पति पर बैंक की कोई देनदारी नहीं है.

किस पर कितने मुकदमे?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रत्याशियों में से केवल राम प्रताप सिंह पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज और आगरा में कुल 2 मुकदमे दर्ज हुए हैं, जिनमें से लखनऊ का मामला धरना प्रदर्शन और बलवा से जुड़ा है. जबकि, धर्मपाल सिंह और श्रुति गंगवार पर एक भी आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है.

धनबल और व्यक्तिगत सुरक्षा के मामले में मजबूत
इन चुनावी हलफनामों की तस्वीरें साफ बयां करती हैं कि यूपी का प्रतिनिधित्व करने जा रहे ये नेता सिर्फ बयानों से ही नहीं, बल्कि धनबल और व्यक्तिगत सुरक्षा के मामले में भी काफी मजबूत हैं. जहां करोड़ों की मिल्कियत और किलो भर सोना इनकी आर्थिक मजबूती दिखा रहा है, वहीं कमर में रिवॉल्वर और हाथों में राइफल रखने का यह ट्रेंड बताता है कि ये नेता अपनी सुरक्षा में कोई चूक नहीं चाहते.

अब देखना यह होगा कि संसद के पटल पर जनता की आवाज बुलंद करने में ये 'धनवान' और 'सुरक्षित' नेता कितने असरदार साबित होते हैं?

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Pooja Singh

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पूजा सिंह डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली से ताल्लुक रखने वाली पूजा को मीडिया जगत में 5 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.पूजा के पास डेस्क एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव है.  स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ चैनल टीवी 9 डिजिटल और न्यूज नेशन में काम करने का अनुभव है. पूजा ने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है.पूजा सिंह से आप pooja.singh@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप पूजा से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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