वोटर लिस्ट में गजब गड़बड़झाला: नाम में लिखा ‘अली के पास है’, किसी के पिता बने B.Com
एमएलसी चुनाव से पहले मतदाता सूची में गड़बड़ी सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है. फतेहपुर में वोटर लिस्ट में नाम की जगह “अली के पास है” दर्ज हो गया.
फतेहपुर में इलाहाबाद-झांसी स्नातक चुनाव की मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. मतदाता के नाम की जगह वोटर लिस्ट में “अली के पास है” दर्ज होने से मामला चर्चा का विषय बन गया है. मामले को डीएम निधि गुप्ता वत्स ने संज्ञान में लिया है. डीएम के मुताबिक, कंप्यूटर में ऑटो करेक्शन की वजह से मतदाता सूची में कुछ गलतियां हुई हैं. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी मतदाता को मतदान से वंचित नहीं किया जाएगा.
वोटर का नाम “अली के पास है”
बता दें कि इलाहाबाद-झांसी स्नातक चुनाव के बीच फतेहपुर में मतदाता सूची की गड़बड़ी ने सबका ध्यान खींचा है. यहां मतदाता सूची में एक मतदाता के नाम की जगह “अली के पास है” दर्ज होने का मामला सामने आया है. इस अजीबोगरीब एंट्री के बाद चुनावी व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई. मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम निधि गुप्ता वत्स ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है. सभी पीठासीन अधिकारियों को जागरूक किया गया है.
दस्तावेजों की जांच के बाद कर सकेंगे मतदान
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मतदाता के दस्तावेजों की जांच और संतुष्टि के बाद ही मतदान की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी. मतदाता सूची में छोटी-मोटी गलतियां होने पर सही दस्तावेजों के आधार पर मतदान का अवसर दिया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे.
झांसी में भी गड़बड़ी सामने आई
वहीं, इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक एमएलसी चुनाव से पहले झांसी में भी इसी तरह की गड़बड़ी सामने आई है. मतदाता सूची में किसी के नाम की जगह लिखा है 'खालिद अली ने कहा' तो किसी के पिता के नाम की जगह लिखा है 'बीकॉम'. इस तरह की गलतियों के बाद मतदाता असमंजस में हैं कि वे वोट डाल पाएंगे या नहीं. झांसी के इस्लामगंज प्रेमनगर के रहने वाले वोटर खालिद अली ने बताया कि पहली बार इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक के लिए वोटर लिस्ट में उनका नाम आया है, लेकिन जिन्होंने मतदाता सूची बनाई है और जो पर्ची मिली है, उसमें उनके नाम के स्थान पर लिखा है "खालिद अली ने कहा" जबकि पिता का नाम, भाग संख्या और एड्रेस सब सही है.
पिता के नाम में डिग्री लिखी
खालिद अली ने बताया कि अब असमंजस की स्थिति है कि उन्हें वोट डालने दिया जाएगा या नहीं?. उनका कहना है कि यह कमी सिर्फ उनके नाम के साथ नहीं है, बल्कि कई लोगों के साथ ऐसा हुआ है. किसी के पिता के नाम की जगह डिग्री लिखी है, तो किसी के नाम के आगे पूरा वाक्य जोड़ दिया गया है.
(फतेहपुर से अविनाश सिंह और झांसी से अब्दुल सत्तार की रिपोर्ट)
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