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विशाल सिंह/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद भाजपा ने बाकी सीटों पर जिताऊ चेहरों की तलाश तेज कर दी है. भाजपा पांच सीटों पर पहले ही अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है, जबकि शेष छह सीटों पर उम्मीदवारों के नाम को लेकर मंथन जारी है.
5 सीटों पर दोबारा बनाए गए प्रत्याशी
विधान परिषद की इन 11 सीटों में छह शिक्षक और पांच स्नातक सीटें शामिल हैं. भाजपा ने मई में पांच सीटों पर मौजूदा एमएलसी को ही दोबारा प्रत्याशी बनाया था. इनमें लखनऊ-सीतापुर स्नातक से अवनीश कुमार सिंह, आगरा स्नातक से डॉ. मानवेंद्र सिंह, बरेली-मुरादाबाद स्नातक से हरि सिंह ढिल्लो, लखनऊ-सीतापुर शिक्षक से उमेश द्विवेदी और मेरठ-सहारनपुर शिक्षक सीट से श्रीचंद शर्मा शामिल हैं.
छह सीटों पर दावेदारों की लंबी सूची
भाजपा के लिए अब गोरखपुर शिक्षक, प्रयागराज स्नातक, वाराणसी शिक्षक, वाराणसी स्नातक, आगरा शिक्षक और मेरठ स्नातक सीटों पर प्रत्याशी तय करना बाकी है. गोरखपुर शिक्षक सीट पर मौजूदा एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी प्रयागराज स्नातक सीट पर माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के अध्यक्ष रहे सुरेश त्रिपाठी चुनाव लड़ सकते हैं. सुरेश त्रिपाठी ने हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा भी दिया है.
वाराणसी शिक्षक सीट से ये रेस में
वहीं, वाराणसी शिक्षक सीट पर रमेश सिंह, डॉ. महेंद्र नाथ राय और डॉ. हरेंद्र राय दावेदार बताए जा रहे हैं. वाराणसी स्नातक सीट पर पूर्व एमएलसी केदारनाथ सिंह, यूपी बोर्ड के पूर्व क्षेत्रीय सचिव विनोद राय और संजय सिंह के नाम सामने आए हैं. आगरा शिक्षक सीट पर आकाश अग्रवाल के अलावा कर्मचारी नेता हरिकिशोर तिवारी और दिनेश वशिष्ठ दावेदारी कर रहे हैं. मेरठ स्नातक सीट पर मौजूदा एमएलसी दिनेश गोयल और अनिल अग्रवाल के नाम दावेदारों में हैं.
23 अक्टूबर को मतदान
इन 11 विधान परिषद सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी. नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है. मौजूदा स्थिति में इन 11 सीटों में भाजपा के पास छह, समाजवादी पार्टी के पास तीन तथा शिक्षक दल और निर्दलीय के पास एक-एक सीट बताई गई है. राज्यसभा की दस और विधान परिषद की 11 सीटों के मुद्दे पर भाजपा की कोर कमिटी बैठक होगी. लखनऊ में 25 सितंबर को भाजपा कोर कमेटी की बैठक में राज्यसभा एवं विधान परिषद के प्रत्याशियों के नाम तय कर लिए जाएंगे. इससे पहले दिल्ली में दो बार दावेदारों के नामों पर मंथन हो चुका है.
कोर कमेटी की बैठक में लिया जाएगा फैसला
लखनऊ में आयोजित होने वाली कोर कमेटी की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी एवं प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह बैठेंगे. माना जा रहा है कि इसी दिन विनोद तावड़े अपने सभी चारों सह-प्रभारियों के साथ बैठक में शामिल हो सकते हैं. इस बैठक में निगम, बोर्ड एवं आयोग के सैकड़ों खाली पदों पर समायोजन के लिए चेहरों पर मुहर लगाई जानी है. विधान सभा चुनाव में चुनाव में ज्यादा वक्त नहीं है, ऐसे में पार्टी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को पद देकर उन्हें सम्मान दे सकती है.
राज्यसभा के लिए इन नामों की चर्चा
राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा के संभावित उम्मीदवार पर अटकलें शुरू हो गई हैं. माना जा रहा है कि सीमा द्विवेदी की सीट भी खाली हो रही है. हाल ही में राष्ट्रीय महामंत्री बनाए गए हरीश द्विवेदी मजबूत दावेदार बताए जा रहे हैं. अर्चना मिश्रा की दावेदारी की भी चर्चा है. इन तीनों में से किसी एक या दो ब्राह्मण चेहरे को राज्यसभा भेजा जा सकता है. हरदीप पुरी और बीएल वर्मा केंद्र सरकार में मंत्री हैं. अगर इनको केंद्र में आगे भी मंत्रिमंडल में बनाए रखना है तो इनका राज्यसभा जाना तय माना जा रहा है.
स्मृति ईरानी और रेखा वर्मा मजबूत दावेदार
स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय पदाधिकारी बनाकर फिर से राजनीति में सक्रिय किया गया है. उनको भी राज्यसभा भेजा जा सकता है. रेखा वर्मा ओबीसी वर्ग से आती हैं. पहले सांसद रही हैं और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और मजबूत दावेदार हैं. अब देखना होगा कि ब्रजलाल की जगह किसी और दलित को भेजा जाता है या उनको ही रिपीट किया जाएगा?. माना जा रहा है कि नीरज शेखर को भी रिपीट किया जा सकता है. अरुण सिंह और गीता शाक्य रिपीट होती हैं या फिर उनकी जगह किसी और को जगह दी जाएगी, यह अभी साफ नहीं है. किसी मुस्लिम चेहरे पर भी दांव लग सकता है.