यूपी में कोचिंग सेंटरों पर शिकंजा: बिना रजिस्ट्रेशन या बेसमेंट में क्लास चलाई तो लगेगा 1 लाख तक का जुर्माना, होगी सख्त कार्रवाई
UP Coaching Institute Guidelines 2026: उत्तर प्रदेश में कोचिंग सेंटरों के संचालन को लेकर सख्ती बढ़ाई जा रही है. कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, पंजीकरण और जरूरी सुविधाओं के मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है. नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर जुर्माना लगाने के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.
UP Coaching Institute Guidelines 2026: प्रदेश में कोचिंग संस्थानों के संचालन को नियंत्रित करने के लिए पहले से उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 लागू है. इसके तहत निर्धारित पंजीकरण के बिना कोचिंग सेंटर चलाने पर कार्रवाई का प्रावधान है. अधिनियम के उल्लंघन पर संबंधित मामलों में एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
पंजीकरण और सुरक्षा मानकों की होगी जांच
सरकार ने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में संचालित कोचिंग संस्थानों का सर्वे कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही संस्थानों के पंजीकरण, भवन की स्थिति, अग्निशमन व्यवस्था, बिजली सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाओं की जांच की जा रही है.
बेसमेंट में कोचिंग चलाने पर सख्ती
कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. जिन भवनों के बेसमेंट का इस्तेमाल पार्किंग के लिए स्वीकृत है, वहां नियमों के विरुद्ध कक्षाएं संचालित करने पर कार्रवाई की जा सकती है. अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन निकास की व्यवस्था में कमी मिलने पर संस्थान को सील करने तक की कार्रवाई हो सकती है.
विद्यार्थियों की सुरक्षा पर जोर
केंद्र सरकार ने भी कोचिंग संस्थानों के नियमन के लिए राज्यों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इनमें पंजीकरण, फीस, बुनियादी सुविधाओं, शिक्षकों की योग्यता, शिकायत निवारण व्यवस्था और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषय शामिल हैं. राज्यों को इन दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कानूनी व्यवस्था करने को कहा गया है.
नियम तोड़ने पर कितना जुर्माना लग सकता है?
उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 के तहत नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान बताया गया है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कुछ मामलों में एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. लेकिन जुर्माने की सटीक राशि और कार्रवाई का प्रकार उल्लंघन की प्रकृति तथा लागू कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करेगा. इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि हर नियम तोड़ने वाले संस्थान पर अनिवार्य रूप से एक लाख रुपये का जुर्माना लगेगा. कोचिंग संचालकों के लिए जरूरी है कि वे अपने संस्थान के पंजीकरण, भवन के स्वीकृत उपयोग और सुरक्षा इंतजामों से जुड़े दस्तावेज दुरुस्त रखें.
उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों के सर्वे और सुरक्षा मानकों की जांच का उद्देश्य नियमों के पालन को सुनिश्चित करना है. पंजीकरण, भवन के स्वीकृत उपयोग, अग्निशमन व्यवस्था और आपातकालीन निकास जैसे पहलुओं की जांच विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है.