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विशाल सिंह/लखनऊ: उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में संगठन की मजबूती और आगामी चुनावी रणनीतियों को लेकर विस्तृत मंथन हुआ. बैठक के दौरान पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश भर से आए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को धरातल पर संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने के उद्देश्य से 5 मुख्य दिशा-निर्देश (टास्क) सौंपे हैं.
क्या हम प्रत्येक बूथ पर सक्रिय हैं?
क्या हमारी बूथ समितियां नियमित कार्य कर रही हैं?
क्या हमारे पदाधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं?
क्या मंडल, क्षेत्र एवं जिला स्तर के पदाधिकारी लोगों के बीच उपलब्ध हैं?
इसके बाद चुनाव से पहले पांच उद्देश्य तय किए गए हैं. इसमें संगठन के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करना बताया गया है.
ये हैं कार्यकर्ताओं को मिले 5 प्रमुख टास्क
पहली: बूथ की मजबूती: प्रत्येक विधानसभा और क्षेत्र में बूथ स्तर की कमेटियों को और ज्यादा मजबूत तथा सशक्त बनाने के निर्देश दिए गए हैं.
दूसरी: आपसी संवाद व सक्रियता: हर बूथ पर कार्यकर्ताओं की निरंतर सक्रियता बनी रहे और स्थानीय लोगों के साथ आपसी संवाद का दायरा बढ़ाया जाए.
तीसरी: मंडल व जिला स्तर पर नियमित समीक्षा: मंडल और जिला स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित की जाएं, जिनमें संगठनात्मक कार्यों की प्रगति की समीक्षा हो.
चौथी: संगठन का निरंतर विस्तार: युवाओं, महिलाओं, उद्यमियों और नए मतदाताओं (New Voters) के बीच पहुंच बढ़ाने और उन्हें संगठन से जोड़ने का विशेष अभियान चलाया जाएगा।
पांचवीं: कार्यकर्ता प्रशिक्षण: कार्यकर्ताओं के कौशल और पार्टी की नीतियों के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।
भाजपा का विशाल वट वृक्ष कार्यकर्ताओं के सम्मान से खड़ा हुआ है और कार्यकर्ता का सम्मान ही सर्वोच्च प्राथमिकता है. सभी प्रदेश, क्षेत्रीय और जिला पदाधिकारियों से इन पांच बातों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया है.