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विशाल सिंह/लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन बीजेपी ने मिशन 2027 के लिए कमर कस ली है. पार्टी ने नवंबर और दिसंबर के लिए चुनावी रोडमैप तैयार कर लिया है. प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बूथ से लेकर मंडल स्तर तक संगठन को एक्टिव करने का पूरा ब्लू-प्रिंट रखा गया.
रणनीति के मुताबिक, प्रदेश के सभी 1918 मंडलों में 25-25 एक्टिव कार्यकर्ताओं की लिस्ट बनाई जाएगी. हर बूथ पर 5 कार्यकर्ताओं की एक मजबूत टीम तैनात होगी. मंडल की 60 सदस्यीय कार्यकारिणी में से उन्हीं चेहरों को चुना जाएगा जो बूथों पर लगातार प्रवास कर सकें. विधानसभा प्रभारी और विस्तारक शक्ति केंद्रों पर जाकर संगठन का ग्राउंड रिपोर्ट भी चेक करेंगे.
BJP की सबसे बड़ी नजर युवा और नए वोटर्स पर है. इसके लिए प्रदेश भर में 200 युवा सम्मेलन और हर मंडल में नवमतदाता सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. दीपावली के बाद SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में युवाओं और महिलाओं के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने पर खास जोर रहेगा.
भाजपा महिला, किसान, छोटे कारोबारी और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे कनेक्ट होने के लिए अलग-अलग अभियान चलाएगी, ताकि हर वर्ग तक पहुंच बनाई जा सके.
बीजेपी BJP 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' के नारे के साथ 3 से 5 नवंबर तक 6 संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्राएं निकाली जाएगी, जिसमें दिग्गज नेताओं की मौजूदगी रहेगी.
3 नवंबर: लखनऊ (अवध) में शिवराज सिंह चौहान और बरेली (ब्रज) में जेपी नड्डा पदयात्रा में शामिल होंगे.
4 नवंबर: गोरखपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रयागराज में केशव प्रसाद मौर्य और कानपुर में ब्रजेश पाठक की पदयात्रा में शामिल होंगे.
5 नवंबर: गाजियाबाद (पश्चिम क्षेत्र) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे.
मंडल की लगभग 60 सदस्यीय कार्यकारिणी में से ऐसे कार्यकर्ता चुने जाएंगे, जो मंडल के सभी बूथों पर नियमित प्रवास कर सकें.
विधानसभा क्षेत्र प्रभारी और विस्तारक शक्ति केंद्रों पर प्रवास कर संगठन की स्थिति का सत्यापन करेंगे. दीपावली के बाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआइआर के तहत पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने, विशेषकर युवाओं और महिलाओं को मतदाता सूची में शामिल कराने का अभियान चलाया जाएगा.
कुल मिलाकर साफ है कि बीजेपी चुनाव से डेढ़ साल पहले ही बूथ मैनेजमेंट और वोटर कनेक्शन को धार देने में जुट गई है. 2027 का विधानसभा चुनाव अब बहुत ज्यादा दूर नही है ऐसे में भाजपा इसी चुनावी प्लान के सहारे 2027 में हैट्रिक लगाने की तैयारी कर रही है.