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सरकारी से प्राइवेट तक...UP के हर पॉलिटेक्निक की होगी SIRF रैंकिंग, रिजल्ट से प्लेसमेंट तक हर मानक पर मूल्यांकन

UP Polytechnic Ranking 2026: प्रदेश के पॉलिटेक्निक संस्थानों की जल्द ही स्टेट इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (SIRF) के तहत रैंकिंग की जाएगी. इसमें प्रदेश के राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी पॉलिटेक्निक संस्थानों को शामिल किया जाएगा.

सरकारी से प्राइवेट तक...UP के हर पॉलिटेक्निक की होगी SIRF रैंकिंग, रिजल्ट से प्लेसमेंट तक हर मानक पर मूल्यांकन
Image Credit: UP Polytechnic Ranking 2026

मयूर शुक्ला/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पॉलिटेक्निक संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों को बेहतर बनाने के लिए प्राविधिक शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. अब प्रदेश के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त (एडेड) और निजी पॉलिटेक्निक कॉलेजों की 'स्टेट इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क' (SIRF) के तहत रैंकिंग की जाएगी. इस रैंकिंग प्रक्रिया में शामिल होने के लिए सभी संस्थानों को निर्धारित पोर्टल पर 30 सितंबर तक अनिवार्य रूप से आवेदन और संबंधित प्रमाणित आंकड़े उपलब्ध कराने होंगे.

गुणवत्ता सुधार और खाली सीटों को भरने की चुनौती
प्राविधिक शिक्षा विभाग के सचिव संतोष कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश के कुल 1,416 पॉलिटेक्निक संस्थानों में यह व्यवस्था लागू हो रही है. इनमें 149 राजकीय, 19 एडेड और 1,245 निजी संस्थान शामिल हैं. वर्तमान सत्र में कुल 1,45,601 सीटों के मुकाबले सिर्फ 60,552 दाखिले ही हुए हैं, जबकि करीब 80,638 सीटें खाली पड़ी हैं. खाली सीटों का सबसे बड़ा आंकड़ा निजी कॉलेजों में है. ऐसे में रैंकिंग व्यवस्था से संस्थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और गुणवत्ता में सुधार आएगा.

इन मानकों के आधार पर मिलेगी रैंकिंग
रैंकिंग में संस्थानों के परीक्षा परिणाम, पढ़ाई के तरीके, शैक्षणिक व्यवस्था, उपलब्ध संसाधन और अन्य शैक्षिक मानकों को बारीकी से देखा जाएगा.

शैक्षणिक प्रदर्शन: परीक्षा परिणाम, पढ़ाई की तकनीक, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और शिक्षकों का प्रदर्शन
संसाधन व तकनीक: स्मार्ट-डिजिटल क्लासरूम, प्रयोगशालाएं (Labs) और आधुनिक शिक्षण तकनीक
भविष्य की संभावनाएं: प्लेसमेंट रिकॉर्ड, नवाचार (Innovation) और अनुसंधान गतिविधियां

स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार- SIRF के जरिए पॉलिटेक्निक संस्थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने पर जोर दिया जाएगा. बेहतर प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को अपनी मजबूत व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा, जबकि कमजोर प्रदर्शन वाले संस्थानों को अपनी कमियों में सुधार करना होगा. 

संस्थानों का होगा मूल्यांकन -संस्थानों को अपने दावे के समर्थन में संबंधित आंकड़े और अभिलेख भी उपलब्ध कराने होंगे. इसके बाद निर्धारित मानकों के आधार पर संस्थानों का मूल्यांकन कर रैंकिंग जारी की जाएगी.

30 सितंबर को जारी होगी रैंकिग लिस्ट- 30 सितंबर के बाद प्राप्त आवेदनों और दस्तावेजों के आधार पर प्राविधिक शिक्षा विभाग मूल्यांकन कर अंतिम रैंकिंग लिस्ट जारी करेगा.

SIRF यानी State Institutional Ranking Framework क्या है?
आसान भाषा में कहें तो यह यूपी के पॉलिटेक्निक कॉलेजों की राज्य स्तर पर रैंकिंग करने का सिस्टम है.इसमें कॉलेजों को कई मानकों पर परखा जाएगा, जैसे- पढ़ाई की गुणवत्ता और परीक्षा परिणाम, शिक्षकों का प्रदर्शन और शैक्षणिक व्यवस्था,स्मार्ट क्लास और डिजिटल सुविधाएं, लैब और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, प्लेसमेंट रिकॉर्ड,इनोवेशन और रिसर्च,कॉलेज में उपलब्ध संसाधन.

इसके बाद इन मानकों के आधार पर कॉलेजों का मूल्यांकन और रैंकिंग होगी. यानी पता चलेगा कि कौन-सा पॉलिटेक्निक बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और किन संस्थानों में सुधार की जरूरत है.

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About the Author

Preeti Chauhan

Preeti Chauhan

प्रीति चौहान जीन्यूज में पत्रकार हैं, उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड डिजीटल टीम में  ब्रेकिंग, हाइपरलोकल, क्राइम, और अन्य मुद्दों को लेकर खबरें लिखती हैं. 
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