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नोएडा/मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के सबसे पॉश इलाके जुहू में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना ने देश भर में सनसनी फैला दी है. इस हाई-प्रोफाइल मामले पर उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान बताया है.
जुहू फुटबॉल ग्राउंड के पास हुई वारदात
पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने घटना का जिक्र करते हुए बताया कि मुंबई के पॉश इलाके जुहू स्थित जमुनाबाई फुटबॉल ग्राउंड से जब टाइगर श्रॉफ अपने मित्रों के साथ फुटबॉल खेल कर निकल रहे थे, तब उनकी गाड़ी पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई. इस हमले में तीन मोटरसाइकिल सवार हमलावर देखे गए. गनीमत यह रही कि टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए और पूरी तरह सुरक्षित हैं, हालांकि इस हमले में उनका ड्राइवर घायल हो गया है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
'जेल से चल रहा है आपराधिक साम्राज्य'
इस घटना के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग द्वारा जिम्मेदारी लिए जाने की खबरों पर चिंता व्यक्त करते हुए पूर्व डीजीपी ने कहा कि अगर जेल में रहते हुए कोई अपराधी इस तरह की बड़ी वारदातों की जिम्मेदारी ले रहा है या सिंडिकेट चला रहा है, तो यह बेहद आपत्तिजनक और खतरनाक है. यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि जेल के अंदर से भी अपराधी अपने आपराधिक गिरोह का संचालन कर रहे हैं.
पुलिस प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांगपूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने मुंबई पुलिस और प्रशासन से अपेक्षा की है कि इस मामले में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. पुलिस द्वारा बनाई गई 15 विशेष टीमों को त्वरित गति से काम करते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शांति भंग करने और कातिलाना हमला करने वाले इन आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए.
मुंबई पुलिस कर रही मामले की जांच
मुंबई के जुहू इलाके में 18 अक्टूबर की शाम टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग हुई थी. शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, अभिनेता सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की सूचना है. कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है, हालांकि पुलिस ने इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है.